14/09/2026
हर जुमे एक बूढ़ा आदमी उसकी दुकान के बाहर आता था… लेकिन कभी कुछ खरीदता नहीं था।
दुकानदार को उसकी मौजूदगी पसंद नहीं थी। एक दिन उसने गुस्से में कह दिया—“कल से यहाँ मत आना।”
बूढ़े ने सिर्फ़ इतना कहा—“शायद कल मैं आ भी न पाऊँ…”
अगले जुमे वो नहीं आया। फिर एक छोटा-सा लिफाफा दुकानदार के हाथ पहुँचा… और उसके अंदर छिपा राज़ उसकी आँखों में आँसू ले आया।
कहानी हमें एक बात याद दिलाती है—रिश्तों की क़द्र उनके चले जाने के बाद नहीं, उनके रहते करनी चाहिए।
अगर ये कहानी दिल को लगी हो, इसे उस इंसान तक पहुँचाइए जिसकी आपको क़द्र है। ❤️