04/09/2026
अयोध्या के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र के बरगदिया गाँव में शिखर न्यूज़ नेटवर्क की टीम जब पहुँची, तो हम सिर्फ एक खंडहर बने घर की तस्वीर दिखाने गए थे। लेकिन जो हालात वहाँ देखने को मिले, वे किसी भी संवेदनशील इंसान की आँखों में आँसू ला देने वाले थे।
अर्पिता पांडे नाम की यह महिला अपने तीन मासूम बच्चों के साथ ऐसी गरीबी में जी रही हैं, जिसे “गरीब” कहना भी कम होगा। यह परिवार महा-गरीब है। घर का हाल इतना बुरा है कि दीवारें टूट-फूट चुकी हैं, छत कहीं-कहीं धँसी हुई है और पूरा मकान खंडहर जैसा लगता है।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि इनके तीन छोटे-छोटे बच्चे आज नहीं, बल्कि कई महीनों से भूखे पेट सो रहे हैं। उनका रोजाना का भोजन सिर्फ सूखे चावल में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर बनाया जाता है। न दाल, न सब्जी, न दूध… सिर्फ वही एक थाली जो भूख मिटाने के बजाय सिर्फ जिंदा रहने के लिए काफी है।
जब अर्पिता पांडे ने रो-रोकर अपना दुख सुनाया, तो हमारी आँखें भी छलक उठीं। उन्होंने बताया कि परिवार किस तरह हर दिन भूख से जूझ रहा है। उनकी बातें सुनकर हमसे रहा नहीं गया। जेब में पड़े ₹600 हमने उसी वक्त अर्पित पांडे को दे दिए। लेकिन यह मदद सिर्फ एक छोटी सी राहत है।
यह परिवार आज मदद का इंतजार कर रहा है। अगर हम सभी दानदाता और सहयोगी आज इनके साथ खड़े नहीं हुए, तो हमारा कमाना और हमारा धन व्यर्थ है। ये बच्चे भूखे नहीं सोने चाहिए। इस परिवार को बस थोड़ी सी मदद चाहिए—खाने-पीने का सामान, बच्चों की पढ़ाई और घर की मरम्मत।
अयोध्या के बरगदिया गाँव का यह परिवार अब आपकी नजर में है।
अगर आप मदद करना चाहते हैं, तो आगे बढ़कर हाथ बढ़ाएँ।
क्योंकि भूख से लड़ते इन मासूम चेहरों को देखने के बाद, चुप रहना संभव नहीं।