12/09/2026
*अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद - राष्ट्रीय बजरंग दल, उज्जैन जिला महानगर*
*दिनांक - 11 सितंबर 2026*
*उज्जैन - एसडीएम गर्ग जी को ज्ञापन, खड़े हनुमान मंदिर यथावत रखने की मांग*
आज दिनांक 11 सितंबर 2026 को अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद - राष्ट्रीय बजरंग दल, उज्जैन जिला महानगर द्वारा एसडीएम श्री गर्ग जी को मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि खड़े हनुमान मंदिर को यथावत रखा जाए एवं तोड़ी गई दीवार-शिखर का पुनः निर्माण किया जाए।
इस अवसर पर मालवा प्रांत अध्यक्ष महंत श्री ओम प्रकाश भारती, जिला अध्यक्ष मुकेश पाटीदार, प्रांत संगठन महामंत्री संजय यादव, आचार्य, पंडित, पुजारी एवं जिला, महानगर, तहसील के सभी पदाधिकारी-कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
*रैली और हनुमान चालीसा -*
कार्यकर्ता छत्री चौक से रैली के रूप में खड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचे। रैली में सभी राम भक्त, हनुमान भक्त हाथ में भगवा ध्वज लेकर जोश के साथ नारे लगाते हुए चल रहे थे - खड़े हनुमान जी की जय हो, बाबा महाकाल की जय हो, जय जय श्री राम, जो हिंदू की बात करेगा वही देश पर राज करेगा, खड़े हनुमान मंदिर के सम्मान में भक्त हैं मैदान में।
खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर सभी राम भक्तों, हनुमान भक्तों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया और शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि देने के लिए हनुमान जी से प्रार्थना की।
*प्रांत संगठन महामंत्री संजय यादव का संबोधन -*
संजय यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा महाकाल की नगरी, भगवान कृष्ण की शिक्षा नगरी और राजा विक्रमादित्य की नगरी के नाम से उज्जैन जाना जाता है। यह धार्मिक, सांस्कृतिक तीर्थ क्षेत्र की भूमि है। सारे तीर्थ क्षेत्रों में सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र उज्जैन माना गया है।
उन्होंने कहा कि मुगल शासन काल में औरंगजेब, बाबर, मोहम्मद गजनवी जैसे शासकों ने हमारे मंदिर तोड़े, तब हम चुप थे। आज भी उज्जैन में खड़े हनुमान जी का मंदिर टूट रहा है और आज भी हम चुप हैं तो यह ठीक नहीं है। उन्होंने अयोध्या राम जन्मभूमि आंदोलन का स्मरण कराते हुए कहा कि जब भगवान राम टेंट में थे तो स्वर्गीय अशोक जी सिंघल, डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया, साध्वी रितंभरा, साध्वी उमा भारती, गिरिराज किशोर, आचार्य धर्मेंद्र जैसे धर्म योद्धाओं ने लड़ाई लड़ी थी। उस समय नारा लगता था - सौगंध राम की खाते हैं, मंदिर भव्य बनाएंगे।
आज उज्जैन सराफा स्थित खड़े हनुमान जी का दर्शन हमें अयोध्या की याद दिलाता है।
उन्होंने कहा कि 2016 सिंहस्थ में शिवराज जी की सरकार में भी सड़क चौड़ीकरण के नाम पर छोटे-बड़े मंदिर तोड़े गए थे, लेकिन एक भी मजार या मस्जिद को नहीं तोड़ा गया। वर्तमान में 2028 सिंहस्थ के विकास कार्य में भी मंदिर तोड़े जा रहे हैं। जब खड़े हनुमान जी का मंदिर तोड़ने की बात एक महीने से चल रही थी तो हिंदू समाज ने धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया।
जन्माष्टमी के दिन जब पूरा देश कृष्ण भक्ति में था, तब शासन-प्रशासन द्वारा JCB से मंदिर की दीवार और शिखर तोड़ दिया गया। फिर हनुमान जी की प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन कलयुग के साक्षात देवता हनुमान जी हटे नहीं। खड़े हनुमान जी अब हठीले हनुमान जी हो गए हैं, अंगद के समान पांव गाड़कर खड़े हो गए। सारा प्रशासन लगा दिया, लेकिन सारा प्रयास विफल हो गया।
उन्होंने कहा कि जब मंदिर टूट रहा था तब हिंदूवादी कहलाने वाले नेता चुप थे। अन्तरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद - राष्ट्रीय बजरंग दल विकास का विरोधी नहीं है, न ही शासन-प्रशासन का विरोधी है, लेकिन मंदिर तोड़ोगे तो सड़क पर विरोध भी करना पड़ेगा।
अंत में उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि हर शनिवार और मंगलवार को खड़े हनुमान जी के नाम पर सपरिवार घर बैठे उपवास करें और उज्जैन आएं तो खड़े हनुमान मंदिर में दर्शन कर गिलहरी की तरह इस पुनीत कार्य में अपना नाम लिखकर सपरिवार हस्ताक्षर करें।
*उक्त जानकारी राष्ट्रीय बजरंग दल, उज्जैन जिला अध्यक्ष आकाश माली द्वारा दी गई*
विशेष रिपोर्ट-
*प्रकाश बारोड़* : 'सह-संस्थापक'
एवं 'स्टेट ब्यूरो चीफ'- मध्य प्रदेश * *