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08/08/2026

स्टैग इंडिया के चेयरमैन ने भारत मे
स्पोर्ट्स के भविष्य को लेकर क्या कुछ कहा आइए देखते है ।



दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर किया था.पीएम मोदी ने...
28/07/2026

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो शेयर किया था.पीएम मोदी ने सेल्फी मोड में यह वीडियो रिकॉर्ड किया था और जिसमें उन्होंने युवाओं को संबोधित किया था. मेटा कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम से पीएम मोदी के इस पहले वीडियो को भारत में रिस्ट्रिक्ट कर दिया था, लेकिन Star इंडिया रेडियो ने जांच पड़ताल की तो सामने आया कि,मेटा कंपनी ने अपलोडेड वीडियो को मेटा प्लेटफॉर्म पर restrict कर दिया था , अब मेटा ने ये बात खुद कबूल करके अपनी सफाई पेश की है । केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय ने मेटा और इंस्टाग्राम के वैश्विक प्रमुखों (ग्लोबल हेड्स) को तलब किया है.फेसबुक ने पीएम मोदी के सीजेपी प्रदर्शन के दौरान अपलोड की गई पहली वीडियो को भारत में देर रात रिस्ट्रिक्ट कर दिया था . जब रात 1 बजकर 25 मिनट पर See Why ऑप्शन पर क्लिक किया गया तो लिखा हुआ मिला कि कानूनी रिक्वेस्ट का पालन करते हुए इसे रेस्ट्रिक्ट किया गया है. अब मेटा ने कहा की प्रधानमंत्री की वीडियो गलती से हटा दी गई थी, जिसे अब ठीक कर दिया गया है. मेटा ने बवाल बढ़ता देख अपना फैसला बदल लिया.
ये मेटा से गलती से हुआ था या इसके पीछे बहुत बड़ी साज़िश थी ?

27/06/2026

प्रधानमंत्री के कठिन प्रयास के बाद,तथा किसान के हितों को ध्यान रखते हुए , त्रिपुरा का राष्ट्रीय फल "पाइनएप्पल"और वहां की खास प्रजाति क्वीन पाइनएप्पल को पूरे देश -विदेश में प्रचार- प्रसार करने करने का प्रण लिया है, इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी जी ने त्रिपुरा सरकार को लगभग 236 करोड़ का बजट देकर त्रिपुरा के राष्ट्रीय फल क्वीन पाइनएप्पल को देश-विदेश में फैलाने तथा प्रचार प्रसार, निर्यात बढ़ाने , किसानों की सहायता आदि करने का आह्वाहन त्रिपुरा सरकार को किया है। इस दिशा में आज त्रिपुरा सरकार ने " त्रिपुरा पाइनएप्पल फेस्टिवल"का शुभारंभ दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में तीन दिवसीय कार्यक्रम से किया जो 27 जून से लेकर 29 जून 2026 तक चलेगा , जिसमें किसान ,इन्वेस्टर,फार्मिंग से जुड़े हुए कंपनियां गवर्नमेंट, ऑफिशल्स सब लोग तीन दिवसीय कार्यक्रम में एक ही छत के नीचे एक दूसरे से मुलाकात करेंगे।
कार्यक्रम में 28 जून को शाम 5:00 बजे के इन्वेस्टर मीटिंग बुलाई गई है ।
आकाश दीप श्रीवास्तव ( शोधकर्ता एवं सदस्य प्रधानमंत्री लाइब्रेरी ओर म्यूजियम) ने त्रिपुरा से राज्यसभा सांसद राजीब भट्टाचार्जी से बातचीत की, आइये देखते है ।

25/06/2026

International Yoga day 2026 with Dwarka Utrakhand Utrayani Samiti.

25/05/2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के देश को ईंधन की बचत करने के आवाहन के बाद दिल्ली सरकार ने सोमवार को मेट्रो डे मनाने का फैसला लिया है जिसके तहत दिल्ली की मुख्यमंत्री ,दिल्ली के मंत्री एवं दिल्ली के सभी अधिकारी सोमवार के दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट मेट्रो एवं बस का इस्तेमाल करेंगे, सोमवार को "मेट्रो डे के अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी अपने घर सिविल लाइन से मेट्रो एवं बस का सफर पूरा करके सचिवालय स्थित अपने ऑफिस पहुंची।






नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026रेखा गुप्ता सरकार के 22,236 करोड़ रुपये के ग्रीन बजट में दिल्ली ऐसे बनेगी हरी-भरी मुख्यमंत्री ने...
05/04/2026

नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2026

रेखा गुप्ता सरकार के 22,236 करोड़ रुपये के ग्रीन बजट में दिल्ली ऐसे बनेगी हरी-भरी

मुख्यमंत्री ने ग्रीन लक्ष्य और पर्यावरण सुधार के लिए प्रमुख विभागों को दिया विशेष ‘हरित कोष’

‘ग्रीन क्रांति के लिए 17 विभागों को मिली जिम्मेदारी, यमुना सफाई और ई-बसों पर सबसे ज्यादा जोर

ग्रीन बजट को ध्यान में रखते हुए हर विभाग के खर्चों की मैपिंग की जाएगी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने राजधानी की आबो-हवा सुधारने और आने वाली पीढ़ियों को प्रदूषण-मुक्त भविष्य देने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए हाल में ‘ग्रीन बजट’ का व्यापक और संतुलित खाका प्रस्तुत किया था। इस बजट में कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के राज्य बजट में से 22,236 करोड़ रुपये (21.44 प्रतिशत) विशेष रूप से हरित योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो सरकार की पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। इस ग्रीन बजट के तहत दिल्ली को हरा-भरा बनाने की जिम्मेदारी अब अलग-अलग विभागों को सुनियोजित तरीके से सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 17 प्रमुख विभागों को चरणबद्ध रूप में धनराशि आवंटित की गई है ताकि हर क्षेत्र में समन्वित तरीके से काम हो सके।

ग्रीन बजट का आकार और प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री के अनुसार ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा लगभग 6,485 करोड़ रुपये दिल्ली जल बोर्ड को दिया गया है, जिसका उपयोग यमुना की सफाई और जल उपचार परियोजनाओं में किया जाएगा। इसके बाद परिवहन विभाग को 4,758 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य ई-बसों को बढ़ावा देना और स्वच्छ परिवहन प्रणाली को मजबूत करना है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 3,350 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनसे धूल नियंत्रण और हरित बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा।

समन्वित विकास की दिशा

योजना विभाग को 2,350 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं ताकि विभिन्न हरित परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की जा सके। शहरी विकास विभाग और डूसिब को मिलाकर 2,273 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिनका उपयोग विशेष पर्यावरणीय अभियानों में होगा। वहीं, बिजली विभाग को 1,410 करोड़ रुपये सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए आवंटित किए गए हैं।

हरित कोष के जरिए व्यापक कवरेज

इसके अतिरिक्त, अन्य विभागों को भी ‘हरित कोष’ के तहत महत्वपूर्ण राशि दी गई है। पर्यावरण विभाग को प्रदूषण नियंत्रण की प्रमुख योजनाओं के लिए 558 करोड़ रुपये, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को जल संरक्षण कार्यों के लिए 305 करोड़ रुपये, और विकास विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए 258 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

शिक्षा, पर्यटन और उद्योग तक फैला हरित एजेंडा

वन विभाग को वृक्षारोपण और वन्यजीव संरक्षण के लिए 181 करोड़ रुपये, पर्यटन विभाग को पर्यावरण अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 102 करोड़ रुपये और शिक्षा विभाग को विद्यालयों में हरित पहलों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसी क्रम में, उद्योग विभाग को औद्योगिक प्रदूषण कम करने के लिए 42 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग को अस्पतालों में पर्यावरणीय सुधार के लिए 31 करोड़ रुपये, और राजस्व विभाग को आपदा प्रबंधन एवं हरित सर्वेक्षण के लिए 23 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

कौशल और शोध के जरिए भविष्य की तैयारी

प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को हरित कौशल विकास के लिए 7 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा विभाग को शोध और पर्यावरण अध्ययन के लिए 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तरह, ग्रीन बजट-2026-27 के जरिए दिल्ली सरकार ने एक समग्र, विभागवार और चरणबद्ध रणनीति अपनाते हुए राजधानी को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर में बदलने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया है।

‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’- नारे से नीति तक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘क्लीन दिल्ली, ग्रीन दिल्ली’ अब महज एक चुनावी नारा नहीं, बल्कि जहरीली हवा और बढ़ते तापमान के खिलाफ सरकार का एक ठोस व निर्णायक प्रहार है। दिल्ली सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को अपनी राजकोषीय नीति का केंद्र बनाने के लिए ‘ग्रीन बजटिंग’ की शुरुआत की है। यह पहल केवल सरकारी खर्च का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि प्रदूषण के खिलाफ जंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार पर्यावरण के लिए ‘नैतिक जिम्मेदारी’ है। सरकार मानती है कि पर्यावरण अब सरकारी नीति की प्राथमिकता है क्योंकि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का कम होना एक गंभीर चुनौती है। इस ‘ग्रीन बजट’ के माध्यम से सार्वजनिक खर्च और निवेश को इस तरह दिशा दी जाएगी कि वह सतत विकास और जैव विविधता की रक्षा में सहायक हो सके।

विभाग-वार बजट का आवंटन
• दिल्ली जल बोर्ड: 6,485 करोड़ रुपये
• परिवहन विभाग: 4,758 करोड़ रुपये
• लोक निर्माण विभाग: 3,350 करोड़ रुपये
• योजना विभाग: 2,350 करोड़ रुपये
• शहरी विकास-डूसिब: 2,273 करोड़ रुपये
• बिजली विभाग: 1,410 करोड़ रुपये रुपये
• पर्यावरण विभाग: 558 करोड़ रुपये
• सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण: 305 करोड़ रुपये
• विकास विभाग: 258 करोड़ रुपये
• वन विभाग: 181 करोड़ रुपये
• पर्यटन विभाग: 102 करोड़ रुपये
• शिक्षा विभाग: 100 करोड़ रुपये
• उद्योग विभाग: 42 करोड़ रुपये
• स्वास्थ्य विभाग: 31 करोड़ रुपये
• राजस्व विभाग: 23 करोड़ रुपये
• प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा: 7 करोड़ रुपये
• उच्च शिक्षा: 2 करोड़ रुपये

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