22/08/2026
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।” 🇮🇳
दशकों बाद भी ये शब्द सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
लेकिन इस बार ये सिर्फ़ एक archival recording नहीं है —
ये उस पीढ़ी की आवाज़ है जिसने Netaji को देखा, सुना और उनके साथ आज़ादी की लड़ाई में कदम बढ़ाया।
History isn’t always found in books.
Sometimes, it speaks.
I wish we can all have his energy even at 50!