14/08/2026
संसद के मॉनसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बयानबाजी अब बड़े विवाद में तब्दील हो गई है। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने सदन में 'इडियट' और 'अंधभक्त' जैसे शब्दों के प्रयोग को लेकर राहुल गांधी को नोटिस भेजकर 28 अगस्त 2026 तक जवाब तलब किया है। यह कार्रवाई बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर और डॉ. संजय जायसवाल की शिकायतों के आधार पर की गई है।
अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने न केवल असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि नियम 353 के तहत पूर्व सूचना दिए बिना केंद्रीय गृह मंत्री पर गंभीर आरोप भी लगाए। दरअसल, सदन में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने छात्राओं से बातचीत का हवाला देकर तीन श्रेणियां—‘स्टूडेंट, इडियट और अंधभक्त’ बताई थीं।
उन्होंने कहा कि छात्रा के मुताबिक 'स्टूडेंट' खुले दिल और दिमाग वाला होता है, जबकि खुद को सर्वज्ञाता समझने वालों को वह 'इडियट' कहती है; वहीं तीसरी श्रेणी 'अंधभक्त' की है जिसे पूरा विश्वास होता है कि 'इडियट' ही भगवान है। राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर सदन में सत्ता पक्ष ने कड़ा ऐतराज जताते हुए भारी हंगामा किया, जिसके बाद अब विशेषाधिकार समिति ने इस मामले में उनसे जवाब मांगा है।