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ग्राम्फू से आगे अनुमति पहले से ही NGT द्वारा लगा हुआ है किंतु फिर भी लोग कोकसर बेरियर में स्पीति या चंद्रताल बोल कर रोहत...
08/06/2026

ग्राम्फू से आगे अनुमति पहले से ही NGT द्वारा लगा हुआ है किंतु फिर भी लोग कोकसर बेरियर में स्पीति या चंद्रताल बोल कर रोहतांग पहुँच रहे थे, अब लाहुल प्रशासन सख्ती के मूड में, आखिर NGT को जवाबदेही उनकी भी है इसलिए अब कोकसर से रोहतांग पास जाने के लिए परमिट अनिवार्य, बिना परमिट प्रवेश नहीं होगा …कोकसर की तरफ से रोहतांग जाने के लिए भी परमिट अनिवार्य !!!

जिला पर्यटन विकास अधिकारी, लाहौल-स्पीति कुनिका एकर्स ने जानकारी देते हुए बताया कि कोकसर से रोहतांग पास की ओर जाने के इच्छुक पर्यटकों एवं आम नागरिकों के लिए परमिट प्राप्त करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि राष्टीय हरित प्राधिकरण द्वारा रोहतांग पास जाने वाले वाहनों की प्रतिदिन संख्या 1200 निर्धारित की गई है, जिसका सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों को पालन करना होगा।

उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं यातायात प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए रोहतांग पास जाने के लिए निर्धारित संख्या के अनुसार ही वाहनों को अनुमति प्रदान की जा रही है। ऐसे में बिना वैध परमिट के किसी भी वाहन को रोहतांग पास की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कुनिका एकर्स ने कहा कि यदि कोई पर्यटक या आमजन बिना परमिट के कोकसर अथवा गुलाबा की ओर से रोहतांग पास जाने का प्रयास करता है, तो उसे संबंधित पुलिस चेक पोस्ट पर ही रोक दिया जाएगा। इससे यात्रियों को अनावश्यक असुविधा और समय की बर्बादी का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने सभी पर्यटकों एवं वाहन चालकों से आग्रह किया कि वे अपनी यात्रा की पूर्व योजना बनाते हुए निर्धारित वेबसाइट www.rohtangpermits.hp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर परमिट प्राप्त करें। परमिट जारी होने के उपरांत ही रोहतांग पास की यात्रा के लिए प्रस्थान करें।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने कहा कि ऑनलाइन परमिट प्रणाली का उद्देश्य पर्यटकों को सुगम एवं व्यवस्थित यात्रा सुविधा प्रदान करना तथा रोहतांग क्षेत्र में वाहनों की संख्या को नियंत्रित रखना है। उन्होंने सभी आगंतुकों से नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

📍📍📍 नेशनल न्यूज नेटवर्क 📍📍📍

अंगदान का संदेश लेकर मनाली-लेह पैदल यात्रा पर निकले ट्रैकर अनिल कुमार ।नेशनल न्यूज नेटवर्क अंगदान का संदेश लेकर हिमाचल क...
08/06/2026

अंगदान का संदेश लेकर मनाली-लेह पैदल यात्रा पर निकले ट्रैकर अनिल कुमार ।

नेशनल न्यूज नेटवर्क

अंगदान का संदेश लेकर हिमाचल के हमीरपुर जिला के बडैहर गांव से ताल्लुक रखने वाले ट्रैकर अनिल कुमार मनाली से लेह तक पैदल यात्रा के लिए निकले । सोमवार को मनाली से लेह के लिए निकलने से पहले अनिल कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह मनाली से लेह तक पैदल यात्रा करेंगे और लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करेंगे । उन्होंने यह प्रण एक माह पहले लिया था और सोमवार को मनाली में देवी हिडिंबा से आशीर्वाद लेकर अनिल ने अपनी यात्रा शुरू कर दी । अनिल ने खा कि करीब 500 किलोमीटर की इस खतरनाक दूरी के लिए 25 दिनों का लक्ष्य निर्धारित किए हुए हैं। मनाली से लेह के लिए उनकी यह पैदल यात्रा मनाली से शुरू होकर केलांग जिस्पा, दारचा, सरचू होते हुए हाल ऑफ फेम पहुंच कर वह शहीदों को नमन करेंगे। उनका कहना है कि उनकी तरफ से यह अपने देश की सेवा के लिए एक छोटा सा प्रयास होगा। खुद एक रजिस्टर्ड ऑर्गन डोनर अनिल कुमार बताते हैं कि आज इस प्रदेश सहित देश और दुनिया में लाखों की संख्या में ऐसे लोग हैं जो जीना तो चाहते हैं, लेकिन अंग नहीं मिलने की वजह से उनकी असामयिक मृत्यु हो जाती है। यही इस समाज की सबसे बड़ी विडंबना है। अपनी यात्रा के दौरान अनिल 20 से 25 किमी सफर हर रोज करेंगे । अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा उनकी पत्नी से मिली है जो स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि अंगदान पर जागरूकता का अभाव होने के कारण लोग खुलकर आगे नहीं आ पाते, ऐसे में उन्हें विश्वास है कि उनकी यह यात्रा लोगों को जागरूक करने में निश्चित रूप से मददगार साबित होगी।

सियासी बड़ा उलटफेर: डल्हौजी नगर परिषद मेंकांग्रेस के झंडे तले आए नवनिर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्षनगर परिषद डल्हौजी की राजनी...
08/06/2026

सियासी बड़ा उलटफेर: डल्हौजी नगर परिषद में
कांग्रेस के झंडे तले आए नवनिर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष

नगर परिषद डल्हौजी की राजनीति में उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया, जब खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव के तुरंत बाद खुलकर कांग्रेस के खेमे में शामिल हो गए। नतीजों के बाद चले सियासी घमासान के बीच, इन पदाधिकारियों ने कांग्रेस का दामन थामकर सबको चौंका दिया है।

आशा कुमारी ने किया भव्य स्वागत

कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व विधायक आशा कुमारी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को सम्मानित कर उन्हें बधाई दी। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया कि डल्हौजी नगर परिषद में अब कांग्रेस समर्थित बोर्ड काबिज हो चुका है। सोशल मीडिया पर जिला अध्यक्ष की पोस्ट ने इस राजनीतिक बदलाव पर पक्की मुहर लगा दी है।

भाजपा को लगा बड़ा झटका

हैरानी की बात यह रही कि चुनाव प्रचार के दौरान ये दोनों चेहरे खुद को भाजपा का समर्पित सिपाही बता रहे थे, लेकिन जीत का सर्टिफिकेट मिलते ही इनके सुर बदल गए। 9 वाडीं वाली नगर परिषद में 5 वाडों पर प्रभाव जमाकर कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसे क्षेत्र में भाजमा के लिए एक बड़ी रणनीतिक हार माना जा रहा है।और

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निष्ठा परिवर्ततः खुद को भाजपाई कहने वाले अध्यक्ष-उपाध्यक्ष अब कांग्रेस के साथ।

शक्ति प्रदर्शनः पूर्व विधायक आशा कुमारी ने थपथपाई नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की पीठ।

बहुमतः 9 में से 5 वाडीं के साथ डल्हौजी नगर परिषद में कांग्रेस का दबदबा ।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौतम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा लोक निर्माण विभाग मंत्री विक...
08/06/2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौतम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तथा लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मनाली–नग्गर वामतट सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

गौतम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में आई भीषण प्राकृतिक आपदाओं तथा ब्यास नदी में आई बाढ़ के कारण कुल्लू–मनाली राइट बैंक सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो केंद्र सरकार और न ही संबंधित राष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा इस महत्वपूर्ण पर्यटन मार्ग के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनाली का पर्यटन आज केंद्र सरकार की नीतियों और आपदा प्रबंधन पर अत्यधिक निर्भर होकर रह गया है। यदि इस वर्ष भी ब्यास नदी में बाढ़ आती है तो पर्यटन क्षेत्र में उद्यमियों द्वारा लगाए गए लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है तथा घाटी की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 में कोविड महामारी के बाद पर्यटन कारोबार अभी पूरी तरह पटरी पर भी नहीं लौट पाया था कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं ने पर्यटन उद्योग की कमर तोड़ दी। होटल, होम-स्टे, टैक्सी, रेस्टोरेंट, एडवेंचर गतिविधियों और अन्य पर्यटन व्यवसायों से जुड़े हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। घाटी का युवा पर्यटन उद्यमी लगातार बढ़ते कर्ज, घटती आय और अनिश्चित भविष्य के कारण हताशा के दौर से गुजर रहा है।

गौतम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से मांग की कि मनाली–नग्गर वामतट मार्ग का प्राथमिकता के आधार पर चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण तथा नग्गर तक पूर्ण पक्कीकरण किया जाए ताकि आपदा के समय यह वैकल्पिक और सुरक्षित मार्ग के रूप में कार्य कर सके। इसके अतिरिक्त मार्ग के संवेदनशील हिस्सों में तटबंध, ड्रेनेज व्यवस्था, सुरक्षा दीवारें तथा भूस्खलन रोकने के स्थायी उपाय भी किए जाएं।

उन्होंने कहा कि पर्यटन नगरी मनाली में केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि कई अन्य मूलभूत समस्याएं भी लगातार बढ़ रही हैं। सीजन के दौरान घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से पर्यटकों को भारी परेशानी होती है, जिससे प्रदेश की पर्यटन छवि प्रभावित हो रही है। पार्किंग सुविधाओं की कमी, सार्वजनिक शौचालयों का अपर्याप्त रखरखाव, माल रोड और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता व्यवस्था की चुनौतियां, अवैध अतिक्रमण तथा ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याएं भी गंभीर रूप धारण कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि मनाली, नग्गर, सोलंगनाला, अटल टनल क्षेत्र और अन्य पर्यटन स्थलों पर यातायात प्रबंधन को मजबूत करने, पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, पार्किंग अवसंरचना विकसित करने तथा पर्यटन सुविधाओं को आधुनिक बनाने की आवश्यकता है। साथ ही पर्यटन क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए विशेष आर्थिक राहत पैकेज और स्वरोजगार प्रोत्साहन योजनाएं भी शुरू की जानी चाहिए।

गौतम ठाकुर ने कहा कि पर्यटन कुल्लू-मनाली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों लोगों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। इसलिए प्रदेश सरकार को पर्यटन अवसंरचना के विकास, आपदा प्रबंधन और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दीर्घकालिक एवं ठोस नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि मुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग मंत्री इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएंगे, जिससे पर्यटन उद्योग को नया संबल मिल सके और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त हो।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मनाली डेवलपमेंट काउंसिल के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा हि...
08/06/2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मनाली डेवलपमेंट काउंसिल के मुख्य संरक्षक गौतम ठाकुर ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर प्रस्तावित चिनाब–ब्यास संपर्क टनल परियोजना के पर्यावरणीय, भू-वैज्ञानिक एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का व्यापक और स्वतंत्र अध्ययन करवाने की मांग उठाई है।

गौतम ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश, विशेषकर कुल्लू-मनाली क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणामों वाली सिद्ध हो सकती है। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है, जहां पहले से ही भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में किसी भी बड़ी जल संसाधन परियोजना पर आगे बढ़ने से पहले उसके संभावित प्रभावों का वैज्ञानिक और निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 1988, 1995, 2023 तथा 2025 में ब्यास नदी में आई भीषण बाढ़ों ने राष्ट्रीय राजमार्ग तथा अन्य आधारभूत ढांचों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे करोड़ों रुपये की सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति प्रभावित हुई और पर्यटन उद्योग को भी गंभीर आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। कुल्लू-मनाली की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है और यहां की प्राकृतिक सुंदरता, नदियां, वन संपदा तथा स्वच्छ पर्यावरण ही इसकी पहचान हैं।

गौतम ठाकुर ने आशंका व्यक्त की है कि यदि भविष्य में किसी प्राकृतिक आपदा या अत्यधिक वर्षा की स्थिति में ब्यास और चंद्रा नदियों में एक साथ असामान्य जलप्रवाह उत्पन्न होता है, तो उसके संभावित प्रभावों का पूर्व आकलन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परियोजना के कारण जल प्रवाह, बाढ़ के स्वरूप अथवा नदी तंत्र पर पड़ने वाले किसी भी संभावित प्रभाव का गहन अध्ययन होना चाहिए ताकि जनसुरक्षा, आधारभूत संरचनाओं तथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को किसी प्रकार के जोखिम से बचाया जा सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से मांग की है कि परियोजना पर अंतिम निर्णय लेने से पहले विस्तृत एवं स्वतंत्र पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA), भू-वैज्ञानिक एवं आपदा जोखिम संबंधी अध्ययन, स्थानीय निवासियों, पर्यटन व्यवसायियों, पर्यावरण विशेषज्ञों एवं जनप्रतिनिधियों से व्यापक परामर्श तथा परियोजना से संबंधित सभी रिपोर्टों को सार्वजनिक कर विस्तृत जनसुनवाई सुनिश्चित की जाए।

गौतम ठाकुर ने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जो भविष्य की पीढ़ियों के लिए संकट का कारण बने। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से कुल्लू-मनाली के पर्यावरणीय संतुलन, पर्यटन उद्योग और स्थानीय लोगों की आजीविका की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।

फटे मोजे, बिना AC वाला कमरा, पुराना पंखा और लोहे का फावड़ा: एक प्रधानमंत्री की सादगी की अनसुनी कहानियां !   ***नेशनल न्य...
31/05/2026

फटे मोजे, बिना AC वाला कमरा, पुराना पंखा और लोहे का फावड़ा: एक प्रधानमंत्री की सादगी की अनसुनी कहानियां !

***नेशनल न्यूज़ नेटवर्क***

कल्पना कीजिए, देश के पहले प्रधानमंत्री जिनके पास करोड़ों की पुश्तैनी दौलत थी, लेकिन जेब में हमेशा सिर्फ दो सौ रुपये रखते थे।
डिब्रूगढ़ की एक यात्रा के दौरान उनके सुरक्षा अधिकारी केएम रुस्तमजी कमरे में सिगरेट का केस लेने गए।उन्होंने देखा कि पंडित नेहरू के सहायक हरि उनके फटे हुए मोजे सिल रहे हैं।

रुस्तमजी हैरान रह गए।
देश का प्रधानमंत्री… जिसके एक इशारे पर सब कुछ उपलब्ध हो सकता था… वह नए मोजे मंगवाने के बजाय पुराने मोजे सिलवाकर पहन रहा था।
लेकिन यह कोई अपवाद नहीं था, बल्कि नेहरू के जीवन का स्वभाव था।

तीन मूर्ति भवन जो प्रधानमंत्री निवास था में सोलह कमरे थे, मगर जिस कमरे में पंडित जी रहते थे उसमें न एयर कंडीशनर था, न कोई विशेष विलासिता। केवल एक सीलिंग फैन और एक टेबल फैन।हाँ मेहमानों के लिए एसी लगा रखा था, खुद गर्मी सहते रहे।

एक दिन इंदिरा जी ने सचिव से कह कर चुपके से नेहरू जी के कमरे का पुराना फैन बदलवा दिया।लेकिन अगले दिन जैसे ही नेहरू जी ने नया पंखा देखा वो नाराज़ हो गए। उन्होंने अर्दली से पूछा, “पुराना पंखा खराब तो नहीं था, फिर उसे बदलने की क्या जरूरत थी? जनता के पैसे की फिजूलखर्ची क्यों?

अर्दली दौड़ता हुआ सचिव के पास आया और बोला - पंडित जी ने कोहराम मचा रखा है! पुराना फैन वापस लगाओ ! पंडित जी के जिद के सामने आखिरकार नया पंखा हटाया गया और वही पुराना पंखा फिर से लगा दिया गया।

भाखड़ा परियोजना का उद्‌घाटन था। व्यवस्थापकों ने नेहरू को उद्‌घाटन करने के लिए चांदी का फावड़ा दिया। चांदी का फावड़ा देखते ही नेहरू झुंझला गए। उन्होंने पास में पड़ा लोहे का फावड़ा उठाया और उसे जमीन पर चलाते हुए कहा, ‘भारत का किसान क्या चांदी के फावड़े से काम करता है?’

जब प्रधानमंत्री बनने का नंबर आया तो अपनी करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति देश के नाम दान कर दी। आज प्रधानमंत्री के नाम से फंड बनाकर दबा जाने वाले युग में ऐसे लोगों को फकीर कहा जाता है जो दस लाख का सूट पहनते हैं और 30 हजार रुपये किलो वाला मशरूम खाते हैं।

कानून बनाकर वसूली करने वाले युग में उनके सचिव एमओ मथाई का लिखा किस्सा सबको जानना चाहिए कि नेहरू की जेब में हमेशा 200 रुपए होते थे। वे रोज ये पैसा पाकिस्तान से आए शरणार्थियों और उनसे मिलने वाले जरूरतमंद लोगों में बांट देते थे। उनकी इस आदत से मथाई परेशान हो गए और उनकी जेब में पैसे रखना बंद कर दिया। लेकिन नेहरू कहां मानने वाले। वे अपने सुरक्षा अधिकारियों से पैसे उधार मांगकर लोगों को बांटते थे और उन्हें बाद में लौटा देते थे।

मथाई ने सभी सुरक्षा अधिकारियों को हिदायत दी कि वे नेहरू को एक बार में दस रुपए से ज्यादा उधार न दें। जब यह सिलसिला नहीं रुका तो मथाई ने एक रास्ता निकाला। प्रधानमंत्री सहायता कोष से कुछ पैसे निकलवा कर उनके जेब में रखवाने लगे ताकि उनकी पूरी तनख्वाह सबको बांटने में ही खर्च न हो जाए।

आज जो नेहरू को कोसता है, वो उस कपूत की तरह है जो बाप के पसीने से खाया और फिर उसी बाप को गाली देता फिरता है.

सच की फकीरी कभी फैशन नहीं होती। वो जिए जाते हैं।

हिमाचल को मिला ₹2352 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट चिनाब-ब्यास लिंक टनल बनेगी गेम चेंजर :- अनुराग सिंह ठाकुर National  News  N...
26/05/2026

हिमाचल को मिला ₹2352 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट

चिनाब-ब्यास लिंक टनल बनेगी गेम चेंजर :- अनुराग सिंह ठाकुर

National News Network

हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश के लिए मंजूर हुए ₹2352 करोड़ के चिनाब-ब्यास लिंक टनल प्रोजेक्ट पर खुशी जताई है। उन्होंने इसे पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा “गेम चेंजर” बताया है। इस परियोजना के तहत लाहौल-स्पीति क्षेत्र में 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी, जिससे चिनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को ब्यास नदी की ओर मोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट से हिमाचल प्रदेश में करीब 4000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का रास्ता साफ होगा। परियोजना में लाहौल घाटी में चंद्रा नदी पर 19 मीटर ऊंचा बैराज बनाने का भी प्रस्ताव शामिल है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह केवल बिजली उत्पादन का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पश्चिमी नदियों के पानी का भारत के हित में बेहतर उपयोग करने की बड़ी रणनीति है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और जल-ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताया।

160 साल बाद डूंगरी मेले में दिव्य मिलन ⛔⛔⛔ नेशनल न्यूज़ नेटवर्क ⛔⛔⛔इस वर्ष कुल्लू घाटी के ऐतिहासिक डूंगरी मेले में एक ऐसा...
18/05/2026

160 साल बाद डूंगरी मेले में दिव्य मिलन

⛔⛔⛔ नेशनल न्यूज़ नेटवर्क ⛔⛔⛔

इस वर्ष कुल्लू घाटी के ऐतिहासिक डूंगरी मेले में एक ऐसा पावन क्षण आने वाला है, जिसका इंतज़ार पीढ़ियों से किया जा रहा था। लगभग 160 वर्षों बाद देवी संध्या गायत्री डूंगरी मेला में पधारेंगी, जहाँ उनका देवी हिडिम्बा के साथ पावन मिलन होगा।यह दिव्य संगम आस्था, परंपरा और देव संस्कृति की अनोखी झलक पेश करेगा।
देव परंपरा के अनुसार यह आयोजन देव आदेश के पश्चात तय हुआ। मान्यता है कि देवी हिडिम्बा ने अपने चेले देवी चंद के माध्यम से देवी संध्या गायत्री को जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर मेले में आने का निमंत्रण भेजा था, जिसे देवी संध्या गायत्री ने सहर्ष स्वीकार किया।पूरी घाटी में इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि देवियों का यह मिलन क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का संदेश लेकर आएगा।डूंगरी मेला सदियों से कुल्लू की देव संस्कृति का प्रतीक रहा है, और इस बार होने वाला यह अद्भुत मिलन इस मेले को और भी विशेष और यादगार बना देगा।
यह अवसर देव कृपा का प्रतीक माना जा रहा है।

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