21/08/2026
सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थिति सुधारने के लिए आज Gen Z की मुहिम के तहत कुछ युवा राजस्थान की राजधानी जयपुर की सांगानेर तहसील के एक ग्रामीण सरकारी स्कूल में पहुंचे थे। वहां उनके साथ कुछ लोगों ने अभद्रता और मारपीट की, ताकि सरकारी स्कूल की ज़मीनी हकीकत जनता के सामने न आ सके।
इसके बाद हमने एक टीवी चैनल पर एक महिला और एक पुरुष का वीडियो देखा, जो अपने आप को अनु शर्मा और जुगल शर्मा बता रहे है। दोनों ने ही सरकारी स्कूल का जायज़ा लेने आए CJP के कार्यकर्ताओं के साथ हुई ज़्यादती को सही ठहराया।
हमारी टीम ने जब गांव और स्कूल के आंकड़ों की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए: 📉
▪️रामपुरा/कंवरपुरा गांव में लगभग 200 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 125 ब्राह्मण परिवार हैं तथा शेष घर यादव,धानक और अन्य समुदाय के हैं।
▪️जिस स्कूल की स्थिति दयनीय है, वहां कुल 18 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें 12 बच्चे एससी समुदाय से और 6 बच्चे ओबीसी वर्ग से हैं।
▪️स्कूल में कुल दो शिक्षिकाएं पदस्थ हैं।
▪️गांव के कुछ दबंग जातिगत बाहुल्य लोग स्कूल परिसर में अपनी गाय-भैंसें बांधते हैं, चारा रखते हैं और अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली भी वहीं खड़े करते हैं।
पड़ताल में यह भी सामने आया कि वीडियो में मारपीट को सही ठहराने वाले जुगल शर्मा के दो बेटे हैं—बनवारी शर्मा और ताराचंद। उसने अपने दोनों बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में पढ़ाया, लेकिन सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा न मिले, इसके लिए अपनी संकीर्ण मानसिकता का प्रदर्शन किया।
अब जनता को तय करना है कि वे कौन लोग हैं जो आपके बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित रखना चाहते हैं। यदि सब कुछ देखते हुए भी आप खामोश रहे, तो स्थिति कभी नहीं बदल सकती।
The Jats