29/09/2025
#युवा और उनके परिवार आज टूटे हुए हैं। बीते रविवार को UKSSSC की भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होना सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है, यह उनके सपनों, मेहनत और विश्वास के साथ किया गया बड़ा अन्याय है।
यह पेपर लीक इसलिए होता है क्योंकि इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले बच्चे गरीब मजदूरों, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं। उनके संघर्ष, त्याग और मेहनत का यह अपमान है।
अब युवा छात्रों ने न्याय की मांग में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भूख हड़ताल पर बैठकर अपनी आवाज़ उठाई है। और इसके बावजूद उन्हें ज़बरदस्ती उठा लिया जा रहा है, उनकी लड़ाई और पीड़ा को दबाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami जी, याद रखिए, पेपर लीक का विरोध अब सिर्फ सोशल मीडिया या हल्द्वानी-देहरादून तक सीमित नहीं रहा। बड़कोट, उत्तरकाशी में युवाओं, महिलाओं और अभिभावकों ने हाथों में मशाल लेकर सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की। यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, यह अपने भविष्य और न्याय के लिए उठी एक सच्ची और दिल से निकली आवाज़ थी।
इन संघर्षरत बच्चों को ‘जिहादी’ कहकर अपमानित करना सिर्फ़ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता और शर्म की बात है। छात्रों की मांग पूरी तरह जायज़ थी, लेकिन इसे BJP IT सेल ने पहले नेपाल के Gen Z से जोड़ा और फिर मुख्यमंत्री ने “नकल जिहाद” का नाम दे दिया।
हम उत्तराखंड सरकार से मांग करते हैं कि पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, स्नातक स्तरीय परीक्षा रद्द की जाए और तुरंत सीबीआई जांच कराई जाए।
छात्रों का दर्द सिर्फ उनका नहीं, उनके परिवारों का दर्द भी है। उनकी लड़ाई हमारे समाज की लड़ाई है। इसे दबाया नहीं जा सकता। हम उनके साथ हैं। उनके अधिकार, उनके सपने, उनका भविष्य—हम इसे कोई भी कीमत चुकाकर सुरक्षित कराएँगे।