09/07/2026
১) ফোলিয়াৰ স্প্ৰেৰ বাবে: গছ-গছনি শক্তিশালী আৰু কীট-পতংগ বিকৃত কৰিবলৈ ১ লিটাৰ কাঠৰ ভিনেগাৰ ৩০০ৰ পৰা ৫০০ লিটাৰ পানীৰ লগত মিহলাই লওক (বা ক্ষুদ্ৰ ব্যৱহাৰৰ বাবে প্ৰতি লিটাৰ পানীত ২–৩ মিলিলিটাৰ)। এই মিশ্ৰণটো ৰাতিপুৱাই বা গধূলি গছৰ পাত আৰু ঠাৰিৰ ওপৰত সমানে স্প্ৰে’ কৰিব লাগে।
लकड़ी के सिरके (Wood Vinegar) का उपयोग मुख्य रूप से खेती, बागवानी (पौधों) और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए किया जाता है।
इसे हमेशा पानी में पतला (dilute) करके ही इस्तेमाल करें। इसका मुख्य अनुपात 1:300 से 1:500 (1 लीटर सिरका और 300-500 लीटर पानी) होता है।
पौधों और खेती में उपयोग (How to use for plants)पौधों की वृद्धि और विकास (Plant Growth)पौधों को मजबूत बनाने और विकास को बढ़ावा देने के लिए लकड़ी के सिरके का उपयोग 'फोलियर स्प्रे' (Foliar Spray) के रूप में करें।अनुपात: 1 मिलीलीटर लकड़ी के सिरके में 300 से 500 मिलीलीटर पानी मिलाएं (1:300 से 1:500)।
तरीका: इसे सुबह या देर शाम स्प्रेयर की मदद से पत्तियों और तनों पर छिड़कें। तेज धूप में छिड़काव न करें, इससे पत्तियां जल सकती हैं।कीट और रोग नियंत्रण (Pest and Disease Control)
यह प्राकृतिक रूप से कीड़ों, फंगस और बैक्टीरिया को दूर रखने में मदद करता है।
अनुपात: 1 लीटर लकड़ी के सिरके में 200 लीटर पानी मिलाएं (1:200)।
उपयोग: इसे प्रभावित पौधों पर स्प्रे करें या जड़ों के पास डालें (मिट्टी जनित रोगों के नियंत्रण के लिए)।
मिट्टी की उर्वरता और बीज उपचार (Soil and Seed)बीजों के अंकुरण (Germination) को तेज करने और मिट्टी में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
बीज उपचार (Seed Soak):
बीजों को बोने से पहले 24 घंटे के लिए 1:500 (सिरका:पानी) के घोल में भिगोकर रखें।मिट्टी की तैयारी: बुवाई से पहले 1:30 अनुपात के घोल से खेत की मिट्टी की सतह को गीला करें (लगभग 6 लीटर घोल प्रति वर्ग मीटर)।जैविक खाद और कम्पोस्ट (Compost Preparation)कम्पोस्ट खाद को जल्दी तैयार करने और उसमें से बदबू कम करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।अनुपात: 1:100 (1 लीटर सिरका, 100 लीटर पानी)।उपयोग: कम्पोस्ट के कचरे के ढेर पर इस घोल का छिड़काव करें।अन्य उपयोग (Other Applications)जानवरों के बाड़े में बदबू रोकने के लिए: 1:50 अनुपात के घोल को पशुशाला में छिड़कें ताकि अमोनिया की बदबू कम हो सके।मच्छर और मक्खी भगाने के लिए: 1:100 के अनुपात में पानी में सिरका मिलाकर प्रभावित क्षेत्रों या नालियों के आसपास स्प्रे करें।