09/10/2026
🚩 वृंदावन: रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बीच केली कुंज के कोषाध्यक्ष 'गरबीली शरण' का बदला रूप बना चर्चा का विषय, खुद बताई वेश बदलने की वजह!
📍 वृंदावन, मथुरा (उत्तर प्रदेश)। वृंदावन स्थित श्री हित राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से आश्रम से जुड़ी कई गतिविधियां लगातार सुर्खियों में हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राधा केली कुंज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गरबीली शरण उर्फ गौरव का अचानक बदला हुआ स्वरूप भी श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
✂️ विरक्त संत से सामान्य वेशभूषा: बाल-दाढ़ी कटवाकर अपनाया सात्विक रूप 🛑 गरबीली शरण पहले लंबे बाल, जटा और घनी दाढ़ी के साथ पारंपरिक विरक्त संत वेश में दिखाई देते थे। हाल ही में उन्होंने अपने बाल और दाढ़ी कटवा लिए हैं और अब वे सामान्य सात्विक कपड़ों में नजर आ रहे हैं। उनके इस अप्रत्याशित बदलाव को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिस पर अब उन्होंने खुद स्थिति स्पष्ट की है।
🙏 'महाराज जी की आज्ञा का पालन': गृहस्थ साधकों के लिए विरक्त वेश नहीं ⚠️ अपने बदले हुए रूप पर सफाई देते हुए गरबीली शरण ने बताया कि पूज्य संत प्रेमानंद महाराज की यह स्पष्ट आज्ञा है कि जो भी साधक विवाहित हैं और जिन पर परिवार के भरण-पोषण व सांसारिक जिम्मेदारियों का दायित्व है, उन्हें विरक्त (संन्यासी) वेश धारण नहीं करना चाहिए। उन्हें सामान्य, स्वच्छ और सात्विक वेशभूषा में ही रहना चाहिए।
🏠 'गृहस्थ में रहकर भी जारी रहेगी साधना और ट्रस्ट की सेवा' 🩸 गरबीली शरण ने कहा कि वे स्वयं गृहस्थ जीवन में हैं और अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं, इसलिए महाराज जी के निर्देशानुसार उन्होंने यह बदलाव किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वेशभूषा अथवा बाहरी रूप बदलने से उनकी भक्ति, साधना या आश्रम के प्रति समर्पण में कोई कमी नहीं आई है। वे पहले की तरह ही वृंदावन में रहकर साधना करेंगे, साधु-संतों की सेवा करेंगे और श्री राधा केली कुंज ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे।
⚖️ रसिक दुलारी शरण की मौत पर साधी चुप्पी: 'जांच का विषय' 🚨 वहीं, आश्रम से जुड़े रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के संवेदनशील मामले पर गरबीली शरण ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रकरण पूरी तरह से जांच का विषय है। जांच जारी रहने के दौरान इस विषय पर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।