19/08/2026
आईआईएएफ ने जॉब पोर्टल, उद्योग-शिक्षा समन्वय एवं कौशल विकास के लिए SVSU के साथ किया समझौता
- नौकरी के साथ कर्मचारी कर सकेंगे डिप्लोमा, डिग्री, एमबीए और विभिन्न प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम
- उद्योगों को मिलेगा कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन
नव भास्कर न्यूज फरीदाबाद: आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन फरीदाबाद (आईआईएएफ) ने विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (SVSU), हरियाणा के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) किया है। इस समझौते का उद्देश्य आईएमटी की औद्योगिक इकाइयों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करना, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी के साथ अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता बढ़ाने के अवसर प्रदान करना है।
समझौते के तहत SVSU के विद्यार्थियों को आईआईएएफ जॉब पोर्टल (iiafjobs.com) से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर अपनी प्रोफाइल उपलब्ध कराएंगे, जिससे आईआईएएफ की सदस्य औद्योगिक इकाइयों को योग्य एवं प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी उपलब्ध होगी तथा उन्हें रोजगार, प्रशिक्षुता और इंटर्नशिप के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा।
नौकरी के साथ पढ़ाई और कौशल विकास का अवसर: इस समझौते की एक महत्वपूर्ण पहल यह है कि इसका लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। आईएमटी की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारी भी अपनी नौकरी जारी रखते हुए अपनी योग्यता एवं कौशल में वृद्धि कर सकेंगे।
जो कर्मचारी डिप्लोमा, डिग्री, एमबीए अथवा किसी अन्य क्षेत्र में प्रमाण-पत्र या उच्च योग्यता प्राप्त करना चाहते हैं, उनके लिए आईआईएएफ और SVSU मिलकर आईएमटी में विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा कक्षाएं आयोजित करने अथवा ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करने की दिशा में कार्य करेंगे।
इसके लिए इच्छुक कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी और उनकी आवश्यकता के अनुसार विश्वविद्यालय के साथ चर्चा कर उपयुक्त पाठ्यक्रम एवं ट्रेड शुरू करवाने का प्रयास किया जाएगा। इससे कर्मचारी बिना नौकरी छोड़े अपनी योग्यता और कौशल दोनों को बढ़ा सकेंगे।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार होगा कौशल विकास: समझौते के तहत आईआईएएफ उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सुझाव देगा। विद्यार्थियों को आईआईएएफ की सदस्य औद्योगिक इकाइयों में व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, औद्योगिक भ्रमण और प्रशिक्षुता के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी दोनों संस्थाएं मिलकर कार्य करेंगी। फिटर, इलेक्ट्रीशियन, टर्नर और वेल्डर जैसे ट्रेडों में प्रशिक्षुता एवं तकनीकी प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही योग्य विद्यार्थियों और स्नातकों को आईआईएएफ की सदस्य औद्योगिक इकाइयों में रोजगार एवं नियुक्ति के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
रोजगार मेले और उद्योग विशेषज्ञों की भागीदारी: आईआईएएफ और SVSU संयुक्त रूप से रोजगार मेले, प्रशिक्षुता अभियान और परिसर में भर्ती कार्यक्रम आयोजित करेंगे। आईआईएएफ की सदस्य औद्योगिक इकाइयों के विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय में अतिथि शिक्षक, प्रशिक्षक एवं मूल्यांकनकर्ता के रूप में भी जोड़ा जाएगा। दोनों संस्थाएं कार्यशालाएं, संकाय विकास कार्यक्रम, प्रबंधन विकास कार्यक्रम, सेमिनार, कौशल प्रतियोगिताएं और प्रमाण-पत्र कार्यक्रम भी आयोजित करेंगी। इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार के सहयोग से आईएमटी फरीदाबाद में कौशल विकास केंद्र स्थापित एवं संचालित करने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। यहां कौशल विकास, कौशल उन्नयन, पुनः कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता एवं प्रमाण-पत्र कार्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे।
आईआईएएफ के अध्यक्ष प्रमोद राणा ने कहा कि यह समझौता आईएमटी में उद्योग और शिक्षा के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में से एक कुशल एवं प्रशिक्षित मानव संसाधन है। इस पहल से जहां उद्योगों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध होंगे, वहीं युवाओं और वर्तमान कर्मचारियों को अपने कौशल एवं योग्यता को बढ़ाने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने आईएमटी की औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों से अपील की कि जो कर्मचारी डिप्लोमा, डिग्री, एमबीए अथवा किसी अन्य कौशल एवं प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम में रुचि रखते हैं, वे आईआईएएफ से संपर्क करें। इच्छुक कर्मचारियों की संख्या एवं उनकी आवश्यकताओं के आधार पर विश्वविद्यालय के साथ चर्चा कर उपयुक्त पाठ्यक्रम एवं ट्रेड शुरू करवाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईआईएएफ का लक्ष्य आईएमटी को केवल एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि इसे कौशल, रोजगार और उद्योग-शिक्षा समन्वय के एक मजबूत केंद्र के रूप में भी स्थापित करना है।