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भारत के उपराष्ट्रपति होंगे सीपी राधाकृष्णन, सांसदों के भारी समर्थन से चुनाव जीता  सत्ता पक्ष को मिले उम्मीद से अधिक मतसी...
09/09/2025

भारत के उपराष्ट्रपति होंगे सीपी राधाकृष्णन, सांसदों के भारी समर्थन से चुनाव जीता
सत्ता पक्ष को मिले उम्मीद से अधिक मत
सीपी राधाकृष्णन को मिले 452 मत, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 मत हासिल हुए।
नई दिल्ली। अशोक शर्मा
([email protected])
सीपी राधाकृष्णन अब भारत के उपराष्ट्रपति होंगे। उन्होंने मंगलवार 9 सितंबर को हुए मतदान में सीपी राधाकृष्णन ने सांसदों के भारी समर्थन से चुनाव जीता। सीपी राधाकृष्णन को 452 मत (करीब 60 फीसदी) मिले, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 मत हासिल हुए। सत्ता पक्ष को मिले उम्मीद से अधिक मत मिले। जबकि विपक्ष ने दावा किया कि पिछले चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार को मात्र 26 फीसदी मत प्राप्त हुए थे जबकि इस बार करीब 40 फीसदी मत मिले हैं। जबकि 788 में से 767 सांसदों करीब 97 फीसदी ने मतदान किया। इस प्रकार से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार सी. पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति पद का चुनाव जीत गए हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान के दौरान कुल 767 वोट डाले गए, 752 वैध और 15 अवैध थे। लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर भारत की संसद में कुल 788 सांसद होते हैं। वर्तमान में दोनों सदनों को मिलाकर 7 सीटें रिक्त हैं। इस तरह कुल 781 सांसदों को वोट करना था, जिसमें से 13 वोटिंग में शामिल नहीं हुए। इनमें बीआरएस के 4, बीजेडी के 7, अकाली दल के 1 और 1 निर्दलीय सांसद ने वोट नहीं डाला। एनडीए 427 सांसदों ने वोट किया।
राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने पत्रकार वार्ता में कहा, एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 मत मिले। उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया है। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को प्रथम वरीयता के 300 मत मिले।' उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 13 सांसदों ने मतदान नहीं किया।
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तीसरी बार स्वयंसेवक उपराष्ट्रपति चुने गए
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बतौर स्वयंसेवक की।सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर, 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ।
सीपी राधाकृष्णन 1974 में भाजपा के पूर्ववर्ती संगठन, भारतीय जनसंघ की राज्य समिति के सदस्य बने। वर्ष 1996 में, राधाकृष्णन को बीजेपी तमिलनाडु का सचिव नियुक्त किया गया, जिसके बाद वे 1998 में कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य चुने गए और 1999 में पुनः निर्वाचित हुए। वह उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित होने से पहले 31 जुलाई, 2025 तक महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत रहे। इससे पहले, उन्होंने फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। मार्च और जुलाई 2024 के बीच, उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। राधाकृष्णन इससे पहले झारखंड, तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। 2004 से 2007 तक, राधाकृष्णन तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष रहे और उन्होंने 93 दिनों तक चली 19,000 किलोमीटर की 'रथ यात्रा' का नेतृत्व भी किया। राधाकृष्णन को 2016 से 2020 तक केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और वे चार वर्षों तक इस पद पर रहे। उनके कार्यकाल के दौरान, भारत से कॉयर निर्यात 2532 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। वे 2020 से 2022 तक केरल में भाजपा के अखिल भारतीय प्रभारी भी रहे।

Hello Hind 1Sep-15Sep Edition
07/09/2025

Hello Hind 1Sep-15Sep Edition

19/08/2025
हिन्दू एकता वाहिनी का आह्वान सनातनी संस्कारों के बल पर ही पीढियों का संरक्षण निश्चित -हनुमान चालीसा के माध्यम से रामराज्...
12/08/2025

हिन्दू एकता वाहिनी का आह्वान सनातनी संस्कारों के बल पर ही पीढियों का संरक्षण निश्चित
-हनुमान चालीसा के माध्यम से रामराज्य की कल्पना को साकार करने का हिन्दू एकता वाहिनी का संकल्प
-दिल्ली में संपन्न हुई हिन्दू एकता वाहिनी की द्वितीय राष्टीय कार्यकारिणी बैठक

नई दिल्ली। हैलो हिंद न्यूज
([email protected])
हिन्दू एकता वाहिनी की राष्टीय कार्यकारिणी की दूसरी बैठक सोमवार को दिल्ली में पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित संस्कार भारती के सभागार में सपन्न हुई। इसमें करीब 11 प्रदेशों से सदस्य पहुंचे। वाहिनी के संस्थापक अध्यक्ष एवं द हरियाणा स्टेट कॉपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड(हरको बैंक) के चेयरमैन हुकुम सिंह भाटी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्षों ने अपने-अपने प्रदेशों में वाहिनी के कार्यक्रमो का ब्योरा प्रस्तुत किया।
इस मौके पर हुकुम सिंह भाटी ने कहा कि भारत को पुनः तेजस्वी और समृद्ध समर्थ बनाने के लिए सनातन जनजागरण आवश्यक है। इसके लिए वाहिनी के धर्मप्रेमी, राष्ट्रनिष्ठ कार्यकर्ता, अलग-अलग स्थान पर मंगलवार को एक नियमित समय पर हनुमान चालिसा का पाठ निश्चित कर चुके हैं। वाहिनी की राष्टीय धर्म अभियान समिति गांव, मौहल्लो और कॉलोनियों में इस अभियान को शुरू कर चुकी है।
भाटी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदू समाज में संस्कार लगातार घट रहे हैं। इन्हें बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा। भारत ऋषि-मुनियों का देश रहा है। हम आज भी उस परंपरा के वाहक हैं और उसका अनुसरण करना जरूरी है। हिंदुओं में कम बच्चे पैदा करने के चलन पर उन्होंने कहा कि एक बच्चा होने से समाज में रिश्ते खत्म किए जा रहे हैं। यह पूरी तरह अव्यवहारिक और सामाजिक संतुलन को बर्बाद करने वाला है। इस मौके पर हरियाणा से पीयूष मेहता, सुरेंद्र मेहता, विकास बिश्नोई, सोमेश, राहुल राणा, सुरेश चौधरी, सुनील खत्री, तमिलनाडू से अधिवक्ता एसवीएल जय कुमार, ओडीसा से एसएस दास, आदि ने संस्था के गठन की आवश्यकताओं पर अपने विचार रखे।
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धर्म सेवा के माध्यम से राष्ट्र सेवा
वर्ष 2047 तक विकसित भारत और देश में रामराज्य की कल्पना को साकार करने के लिए देश भर में हनुमान चालीसा के माध्यम से हिन्दू जनजागरण का अभियान सफल होगा।
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घरो में शक्ति की स्थापना करें
भाटी ने कहा कि हिंदू धर्म में शांति, सदभाव, सहिष्णुता की बात है। वहीं आत्म-रक्षा और न्याय के लिए हथियार उठाने को भी हमारे हिन्दू धर्म में हम जायज मानते हैं। इसलिए घरो में शक्ति की स्थापना करें।
हनुमान चालीसा, भगवान हनुमान को समर्पित एक भक्ति स्तोत्र है।
यह हिंदू धर्म में एकता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, साहस, और आत्मविश्वास और हिन्दू एकता की भावना को बल मिलेगा। इसके पाठ करने से मन शांत होता है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी को साहस और शक्ति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उनका पाठ करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और साहस का संचार होता है।

मनोनीत पार्षद जसवंत पंवार सैनी ……..अगर संगठन ने संवारा तो फरीदाबाद में बड़ा वैकल्पिक चेहरा जसवंत के रूप में भाजपा को मिला...
24/07/2025

मनोनीत पार्षद जसवंत पंवार सैनी
……..अगर संगठन ने संवारा तो फरीदाबाद में बड़ा वैकल्पिक चेहरा जसवंत के रूप में भाजपा को मिला
([email protected])

चंडीगढ़/फरीदाबाद। अशोक शर्मा
….देर आए दुरुस्त आए।। यह कहावत वहां सटीक बैठती है, जब कोई काम बेहतर हो जाए। लेकिन समय बलवान है, जो जब होना है, तभी होगा। ऐसा ही कुछ हुआ फरीदाबाद की राजनीति में। 11 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के सुझाव पर हरियाणा सरकार ने छात्र युवा नेता जसवंत पंवार सैनी को नगर निगम में पार्षद मनोनीत किया है। इस नियुक्ति से हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के युवाओ को राजनीति में आने का आह्वान को मजबूत किया है। युवा जसवंत संघर्षशील नेता है। जिसने अपने सामाजिक कार्यो और छात्रो के लिए संघर्ष से कांग्रेस और भाजपा से इतर अपनी पहचान बनाई। जसवंत के जुझारूपन ने सभी राजनीति दलो को प्रभावित किया है, लेकिन किसी के चंगुल में फंसने से वो बचते रहे। इस बीच उनके संघर्ष को वामदलो ने कई बार लपकने का असफल प्रयास किया। लेकिन जसवंत ने अपनी संस्कृति और मूल्यों से समझौता नहीं किया। गांव का ठेठपन को वह जिंदा रखना और उसी के साथ जीना चाहते हैं।
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जिले के अधिकांश इलाकों में किया पौधारोपण
युवा नेता जसवंत सैनी ने जिले के अधिकांश इलाकों में पौधारोपण किया। और सांसे हो रही कम पेड़ लगाए हम।। के वाक्य को जुनून के साथ प्रतिवर्ष पूर्ण किया। कोरोना काल में जब विभिन्न संगठन मानव सेवा में लगे थे, उस समय जसवंत अपने खेतो से सब्जियों को लेकर अरावली वन्य जीव जंतुओं को भोजन दे रहे थे। उनके सामाजिक कार्यो ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित किया। जसवंत सांसे फाउंडेशन और युवा आगाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष है।
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भाजपा में हुआ था जसवंत को लेकर मंथन
वर्ष 2019 के चुनाव से पहले निवर्तमान जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा के कार्यकाल में जसवंत के जुझारूपन को देखते हुए भाजपा मे मंथन हुआ था। गोपाल शर्मा चाहते थे कि जसवंत भाजपा में शामिल हो जाए। लेकिन पार्टी में कुछ विरोध के बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। लेकिन नायब सिंह सैनी के मुख्यमंत्री बनने से जहां जसवंत के व्यवहार में भी बदलाव दिखे और भाजपा नेताओं से उनकी नजदीकिया बढ़ने लगी। अंतत: हरियाणा सरकार ने उन्हें नगर निगम में पार्षद मनोनीत किया है।
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चुनावी राजनीति के लिए फरीदाबाद भाजपा को पिछड़े वर्ग का नया चेहरा
भाजपा की राजनीति के जानकारों की माने तो चुनावी राजनीति के लिए फरीदाबाद भाजपा को पिछड़े वर्ग का नया चेहरा जसवंत सैनी के रूप में मिल गया है। इसके लिए शर्त इतनी सी है कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रशिक्षण की भटटी में इस युवा को तपा दिया गया और जसवंत ने आरएसएस-भाजपा के अनुशासन में रहकर काम किया तो भाजपा को एक बार फिर अगले 30-40 साल के लिए फरीदाबाद में पिछडे वर्ग का बड़ा चेहरा मिल जाएगा।
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पुलिस की लाठियों से मिली जसवंत को छात्र नेता के रूप में पहचान
वर्ष-2013 से 2019 तक एक दो बार नहीं बल्कि दर्जनो पर जसवंत पंवार को अपनी पीठ पर पुलिस की लाठिया झेलनी पड़ी। छात्रों की समस्याओ के लिए आए दिन सेक्टर-16 स्थित राजकीय महाविद्यालय में धरना-प्रदर्शन करना जैसे नियति हो गई। आरएसएस-भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कांग्रेस के भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ से जुड़े छात्रों पर जहां पुलिस का रवैया नरम रहता था, वहीं जसवंत सैनी को समाज का कमजोर वर्ग का युवा समझकर और किसी राष्ट्रीय संगठन से जुड़ा नहीं होने के कारण पुलिस द्वारा प्रताडित किया जाता था और कमर पर लाठिया खानी पड़ती थी, कई बार पुलिस की लाठियो से घायल हुआ और कई बार अस्पताल में लंबे समय तक रहना पड़ा। वर्ष 2018 में छात्रो का आंदोलन कई बार उग्र हुआ। एबीवीपी और एनएसयूआई से जुड़े छात्र कई बार प्रदर्शन करते थे, लेकिन जसवंत सैनी ने इन दोनों संगठनों से अलग अपनी पहचान बनाई। युवा आगाज नामक संगठन का गठन किया और सभी कॉलेजों में राष्ट्रीय संगठनो से कही अधिक मजबूत युवा आगाज संगठन को किया।
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जीवन साथी के जीवन में प्रवेश के साथ ही बदली किस्मत
ज्योतिषाचार्य पंडित केके शास्त्री बताते है कि सनातन धर्म में माना जाता है कि जीवन में किसी नए का प्रवेश जीवन पर असर डालता है। इसलिए
हर व्यक्ति अपने भविष्य के जीवनसाथी को लेकर उत्सुक होता है। क्या सामंजस्य और अनुकूलता रहेगी? वैदिक ज्योतिष कुंडली और ग्रह स्थितियों का विश्लेषण करता है। बीते वर्ष 18 नवंबर 2024 को जसवंत आयुष्मति प्रतिभा के साथ परिणय सूत्र में बंधे। और मानना है कि नवजीवन की शुरुआत के साथ ही जसवंत के भाग्य और समय ने भी करवट ली है।
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साथी अजय डागर पहले ही सरपंच चुने गए
छात्र नेता जसवंत पंवार के मजबूत साथी रहे छात्र नेता अजय डागर पहले ही गांव जाजरू के सरपंच चुने जा चुके हैं। डागर के सरपंच चुने जाने पर जसवंत पंवार ने इसे युवाओं की जीत करार दिया था और जहां तहां युवाओ के जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए थे।
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असीम कुमार घोष हरियाणा के नए राज्यपाल बनेनई दिल्ली/फरीदाबाद। अशोक शर्मा(ashoksharma@hellohind.in)राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्...
14/07/2025

असीम कुमार घोष हरियाणा के नए राज्यपाल बने
नई दिल्ली/फरीदाबाद। अशोक शर्मा
([email protected])
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोफेसर असीम कुमार घोष को हरियाणा का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को दो राज्यों के राज्यपालों और एक केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल की नियुक्ति की है। इसमें हरियाणा के अलावा गोवा राज्य में पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री पुष्पपति अशोक गजपति राजू को राज्यपाल नियुक्त किया गया। जबकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया।
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 155 के तहत की गई है और तत्काल प्रभाव से लागू होगी। वे हरियाणा के 19वें राज्यपाल होंगे। इससे पहले बंडारू दत्तात्रेय 18 जुलाई 2021 से अब तक हरियाणा के राज्यपाल थे।
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कौन हैं असीम कुमार घोष
असीम कुमार घोष पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं और राज्य में उनके राजनीतिक योगदान रहा है। वे भाजपा में 1991 से सक्रिय रहे। घोष ने 1999 से 2002 तक पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने भाजपा की टिकट पर हावड़ा लोकसभा उपचुनाव में पार्टी की ओर से मैदान भी संभाला। हालांकि उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। असीम कुमार घोष हावड़ा, पश्चिम बंगाल के मूल निवासी हैं। उन्होंने कोलकाता के विड्यासागर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने राजनीति शास्त्र में प्रोफेसर के रूप में शिक्षा प्रदान की।
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विश्व जल दिवस पर हरियाणा से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल औ...
22/03/2025

विश्व जल दिवस पर हरियाणा से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला से किया अभियान का शुभारंभ
हरियाणा के लिए मुख्यमंत्री जल संचय योजना का भी हुआ शुभारंभ
जिला महेंद्रगढ़ के गांवों में जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यों का किया उद्घाटन
फिरोजुपर झिरका के 52 गांवों व 5 ढाणियों में रैनीवेल आधारित परियोजनाओं का उ्दघाटन
पटौदी विधानसभा क्षेत्र के 24 गांवों व 9 ढाणियों में नहर आधारित परियोजनाओं का उद्घाटन
चंडीगढ़। अशोक शर्मा
([email protected])
विश्व जल दिवस पर हरियाणा ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना जब जल संरक्षण और जल संचयन की दिशा में जिला पंचकूला से राष्ट्रव्यापी अभियान जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 की शुरुआत हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 का विविवत शुभारंभ किया। इसके अलावा, जल संरक्षण, जलापूर्ति योजनाओं व स्वच्छता अभियान के तहत कई परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी भी उपस्थित रही।
जिला पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जल संरक्षण हेतु हरियाणा के लिए मुख्यमंत्री जल संचय योजना का शुभारंभ किया। इसके अलावा, जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 के अंतर्गत जल-जंगल-जनः एक प्राकृतिक बंधन अभियान, जल संसाधन एट्लस- 2025, एकीकृत जल संसाधन कार्य योजना 2025-27, ऑनलाइन कैनाल वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम, बेहतरीन कार्य प्रणाली जेएसए-सीटीआर का भी शुभारंभ किया गया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जल शक्ति अभियानः कैच द रेन-2025 के तहत हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के गांव मंडोला, दुलोठ, बदोपुर, खेड़ी, धोखेड़ा में जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यों का उद्घाटन किया। इसके अलावा, जिला महेंद्रगढ़ के 400 कृत्रिम भू जल पुनर्भरण संरचनाओं का शिलान्यास भी किया गया।
इसके अतिरिक्त, जिला यमुनानगर के गाँव देवधर व बेगमपुर, जिला कैथल के गाँव जुलानी खेडा, जिला भिवानी के गाँव पहाड़ी, जिला महेंद्रगढ़ के गाँव अकोली एवं गाँव मंद्लाना में सौर शक्ति एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना का उद्घाटन किया गया। साथ ही, फिरोजपुर झिरका के 52 गांवों व 5 ढाणियों में जल वितरण में बढ़ोतरी के लिए रैनीवेल आधारित परियोजनाओं तथा पटौदी विधानसभा क्षेत्र के 24 गांवों व 9 ढाणियों में जल बढ़ोतरी के लिए नहर आधारित परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पंचकूला में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 9 शेड्स, 103 सोखता गड्ढे तथा 21 सामुदायिक स्वच्छता परिसरों का भी उद्घाटन किया।
जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जल योद्धाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जल योद्धाओं को सम्मानित किया गया। प्रगतिशील किसान श्रेणी के तहत श्री राजकुमार मेहरा, कुरूक्षेत्र से प्राकृतिक खेती के लिए, श्री कुशाल नेहरा, गांव सुखपुरा, यमुनानगर से फसल विविधीकरण और श्री विकास चौधरी को तरावड़ी, करनाल से डीएसआर तकनीक के उपयोग के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह जल संरक्षण में सर्वश्रेष्ठ सरपंच के लिए श्रीमती भारती, पखाल, फरीदाबाद को ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए, श्री रतनपाल सिंह, निरपुर राजपूत, नारनौल को तालाब के जीर्णोद्धार के लिए तथा श्री जसमेर सिंह, सुल्तानपुर, करनाल को वर्षा जल संचयन प्रणाली के लिए सम्मानित किया गया।
इसी कड़ी में अटल भूजल योजना के तहत बेस्ट भू-जल सहेली के लिए श्रीमती रचना रामधारी, ब्रिर्थे बिहारी, कैथल को, श्रीमती सुमन, बैरान भिवानी को तथा श्रीमती गुरप्रीत कौर, जगमलेरा सिरसा को सम्मानित किया गया।
इसी तरह, सर्वश्रेष्ठ महिला स्वयं सहायता समूह श्रेणी के तहत श्रीमती पुष्पा, धौरंग, यमुनानगर, श्रीमती काजल शर्मा, मोरनी पंचकूला को जल भंडारण के लिए तथा श्रीमती सरिता देवी, नयी बस्ती नलवी, कुरूक्षेत्र को जल संरक्षण के बारे में जागरूकता के लिए सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, जल संरक्षण के लिए सर्वोत्तम ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियाँ श्रेणी के तहत, श्री लाभ सिंह संरपच, जंबा, कैथल को, श्री प्रवेश कुमार, चेयरमैन, कल्याणा कुरूक्षेत्र को तथा श्रीमती विक्रमजीत कौर, चैयरपर्सन नीलोखेड़ी करनाल को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ के लिए श्री पंचराम, टपरियां पचंकूला को कुहल आधारित एकीकृत सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए, श्री सचिन वालिया, प्रताप नगर यमुनानगर को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली हेतु नहरी पानी को बढ़ावा देना के लिए तथा श्री जितेंद्र, फरपुर माईनर कुरूक्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली हेतु नहरी पानी को बढ़ावा देना के लिए सम्मानित किया गया।
इसी तरह, सर्वश्रेष्ठ एनजीओ के लिए श्रीमती सुभी केसरवानी, गुरूजल एनजीओ को भूजल पुनर्भरण और मीठे पानी की झीलों के जीर्णोद्धार को बढ़ावा देने तथा डॉ कृष्णा कुमारी आर्या, मिशन महेंद्रगढ अपना जल (एमएमएजे) को पीने के पानी की समस्या में सुधार लाने के लिए सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी-देश के सभी जिलो में खुल...
23/02/2025

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी
-देश के सभी जिलो में खुलेंगे कैंसर डेकेयर सेंटर

नई दिल्ली। अशोक शर्मा
([email protected])
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान की आधारशिला रखी। यहां बागेश्वर धाम चिकित्सा एवं विज्ञान अनुसंधान संस्थान 10 एकड़ क्षेत्र में बनेगा। और पहले चरण में 100 बिस्तरों की सुविधा तैयार होगी। जहां कैंसर का इलाज और इसका अनुसंधान कार्य हो सकेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कैंसर हर जगह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है; सरकार, समाज और संत सभी कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सभी जिलो में कैंसर डेकेयर सेंटर खोलने की घोषणा की।
मोदी ने कहा,’ उन्होंने किसी को कैंसर का पता चलने पर ग्रामीणों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर टिप्पणी की। उन्होंने शुरुआती पहचान की कमी और बुखार तथा दर्द के लिए घरेलू उपचार पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति पर प्रकाश डाला, जिसके परिणामस्वरूप स्थिति बिगड़ने पर देर से निदान होता है। प्रधानमंत्री ने कैंसर के निदान की बात सुनकर परिवारों में व्याप्त भय और भ्रम के बारे में बताया, जिसमें से कई को केवल दिल्ली और मुंबई में उपचार केंद्रों के बारे में पता है। उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया, जिसमें कैंसर से निपटने के लिए इस साल के बजट में कई घोषणाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि वे कैंसर की दवाओं को और अधिक किफायती बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और अगले तीन वर्षों में हर जिले में कैंसर डेकेयर सेंटर खोलने की घोषणा की। ये केंद्र निदान और राहत देखभाल दोनों सेवाएं प्रदान करेंगे। श्री मोदी ने उपचार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जिला अस्पतालों और स्थानीय मोहल्लों में चिकित्सा केंद्रों में कैंसर क्लीनिक खोलने के बारे में भी बताया।
उन्होने कहा कि जब देश ने मुझे सेवा का अवसर दिया, तो मैंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को सरकार का संकल्प बनाया और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के इस संकल्प का भी एक बड़ा आधार है - सबका इलाज, सबको आरोग्य।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजकल राजनीतिक नेताओं का एक वर्ग धर्म का उपहास उड़ा रहा है और लोगों को बांटने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि कई बार देश और धर्म को कमजोर करने के लिए विदेशी संस्थाओं से भी ऐसे लोगों को समर्थन मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू धर्म से घृणा करने वाले लोग विभिन्न रूपों में लंबे समय से मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने हमारी मान्यताओं, परंपराओं और मंदिरों पर लगातार हो रहे हमलों को उजागर करते हुए कहा कि ये तत्व हमारे संतों, संस्कृति और सिद्धांतों पर हमला करते हैं। वे हमारे त्योहारों, रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों को निशाना बनाते हैं और यहां तक कि हमारे धर्म और संस्कृति की स्वाभाविक प्रगतिशील प्रकृति को बदनाम करने का दुस्साहस करते हैं। श्री मोदी ने हमारे समाज को बांटने और इसकी एकता को तोड़ने के उनके एजेंडे के बारे में बताया। इस संदर्भ में उन्होंने धीरेन्द्र शास्त्री के प्रयासों को उजागर किया, जो लंबे समय से देश में एकता के मंत्र के बारे में जागरूकता बढ़ा रहे हैं। मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री ने कैंसर संस्थान की स्थापना के रूप में समाज और मानवता के कल्याण के लिए एक और संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप बागेश्वर धाम में अब भक्ति, पोषण और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे मंदिर, हमारे मठ, हमारे धाम, ये एक ओर पूजन और साधन के केंद्र रहे हैं तो दूसरी ओर विज्ञान और सामाजिक चेतना के भी केंद्र रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने ही हमें आयुर्वेद का विज्ञान दिया, हमारे ऋषियों ने ही हमें योग का वो विज्ञान दिया, जिसका परचम आज पूरी दुनिया में लहरा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरों की सेवा करना और उनके दुखों को दूर करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने ‘‘नारायण में नर’’ और ‘‘सभी प्राणियों में शिव’’ की भावना के साथ सभी जीवों की सेवा करने की हमारी परंपरा पर प्रकाश डाला। महाकुंभ के बारे में व्यापक चर्चाओं को देखते हुए, जो करोड़ों लोगों द्वारा भाग लेने, पवित्र डुबकी लगाने और संतों से आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ समापन के करीब है, श्री मोदी ने इसे ‘‘एकता का महाकुंभ’’ बताया और सभी सफाई कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों को उनकी समर्पित सेवा के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान ‘नेत्र महाकुंभ’ भी आयोजित किया जा रहा है, हालांकि इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया है। फिर भी, यहां दो लाख से अधिक नेत्र जांच की गई है, लगभग डेढ़ लाख लोगों को मुफ्त दवा और चश्मा दिया गया है, और लगभग सोलह हजार रोगियों को मोतियाबिंद और अन्य सर्जरी के लिए विभिन्न अस्पतालों में भेजा गया है। प्रधानमंत्री ने हमारे ऋषियों के मार्गदर्शन में महाकुंभ के दौरान होने वाली स्वास्थ्य और सेवा से संबंधित कई पहलों को स्वीकार किया, जिसमें हजारों डॉक्टर और स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुंभ में उपस्थित लोगों ने इन प्रयासों की सराहना की है।
प्रधानमंत्री ने पूरे भारत में बड़े अस्पतालों के संचालन में धार्मिक संस्थाओं की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कई स्वास्थ्य और विज्ञान अनुसंधान संस्थान धार्मिक ट्रस्टों द्वारा प्रबंधित किए जाते हैं, जो करोड़ों गरीब लोगों को उपचार और सेवा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़ा बुंदेलखंड का पवित्र तीर्थ स्थल चित्रकूट दिव्यांगों और रोगियों की सेवा का एक प्रमुख केंद्र था। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि बागेश्वर धाम स्वास्थ्य का आशीर्वाद देकर इस गौरवशाली परंपरा में एक नया अध्याय जोड़ रहा है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि दो दिन बाद महाशिवरात्रि पर 251 बेटियों का सामूहिक विवाह समारोह होगा। प्रधानमंत्री ने इस नेक पहल के लिए बागेश्वर धाम की सराहना की और सभी नवविवाहित जोड़ों और बेटियों को भविष्य के सुखद जीवन के लिए हार्दिक बधाई और आशीर्वाद दिया।
‘‘शरीरमाद्यं खलु धर्म साधनम्’’ नामक शास्त्र का हवाला देते हुए इस बात पर जोर दिया कि हमारा शरीर और स्वास्थ्य ही हमारे धर्म, सुख और सफलता को प्राप्त करने का प्राथमिक साधन है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश ने मुझे सेवा का अवसर दिया, तो मैंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र को सरकार का संकल्प बनाया और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के इस संकल्प का भी एक बड़ा आधार है - सबका इलाज, सबको आरोग्य, जिसका अर्थ है सभी के लिए स्वास्थ्य सेवा और विभिन्न स्तरों पर बीमारी की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना। स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण की बात स्वीकार करते हुए श्री मोदी ने बताया कि शौचालयों के निर्माण से अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण होने वाली बीमारियों में कमी आई है। उन्होंने एक अध्ययन का हवाला दिया जिसमें संकेत दिया गया है कि शौचालय वाले घरों ने चिकित्सा व्यय पर हजारों रुपये बचाए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में उनकी सरकार आने से पहले, देश के गरीबों को बीमारी से ज़्यादा इलाज के खर्च का डर रहता था और उन्होंने बताया कि परिवार में एक गंभीर बीमारी पूरे परिवार को संकट में डाल देती थी। उन्होंने बताया कि वे भी एक गरीब परिवार से आते हैं और उन्होंने ऐसी मुश्किलें देखी हैं और उन्होंने इलाज के खर्च को कम करने और लोगों के लिए ज्यादा पैसे बचाने का संकल्प लिया था। यह सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे, श्री मोदी ने चिकित्सा व्यय के बोझ को कम करने के महत्व पर जोर दिया और आयुष्मान कार्ड के जरिए हर गरीब व्यक्ति के लिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के प्रावधान पर प्रकाश डाला। उन्होंने उन लोगों से आग्रह किया जिन्होंने अभी तक यह कार्ड नहीं बनवाया है।
मोदी ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड जारी किए जा रहे हैं, चाहे परिवार गरीब हो, मध्यम वर्ग या अमीर। उन्होंने कहा कि ये कार्ड बिना किसी खर्च के ऑनलाइन प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि आयुष्मान कार्ड के लिए किसी को भी भुगतान नहीं करना चाहिए। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कोई पैसे मांगे तो वे इसकी सूचना दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई उपचारों के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि निर्धारित दवाएं घर पर ही ली जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि दवाओं की लागत कम करने के लिए देश भर में 14,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जो सस्ती दवाएं उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किडनी की बीमारी हमारे स्वास्थ्य को लेकर एक और गंभीर समस्या है, जिसके लिए निरंतर डायलिसिस की आवश्यकता होती है। 700 से अधिक जिलों में 1,500 से अधिक डायलिसिस केंद्र खोले गए हैं, जो मुफ्त डायलिसिस सेवाएं प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी से अपने परिचितों के बीच इन सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता फैलाने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कोई भी व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री ने कैंसर से बचाव के लिए सतर्क और जागरूक रहने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि समय रहते इसका पता लगाना बहुत जरूरी है, क्योंकि एक बार कैंसर फैल जाए तो उससे निपटना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने 30 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों की स्क्रीनिंग के लिए चल रहे अभियान पर प्रकाश डाला और सभी से इसमें भाग लेने और लापरवाही से बचने का आग्रह किया। उन्होंने किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत कैंसर की जांच कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कैंसर के बारे में सही जानकारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है और छूने से नहीं फैलती है। उन्होंने कहा कि बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, तंबाकू और मसालों के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है और इन पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने सभी से अपने शरीर और स्वास्थ्य का ध्यान रखने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए इन सावधानियों को पूरी लगन से अपनाने का आग्रह किया।
लोगों की सेवा के प्रति अपने समर्पण पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने छतरपुर की अपनी पिछली यात्रा का जिक्र किया, जहां उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। उन्होंने 45,000 करोड़ रुपये की केन-बेतवा लिंक परियोजना को शामिल किए जाने पर प्रकाश डाला, जो बुंदेलखंड में कई सरकारों और नेताओं के आने के बावजूद दशकों से लंबित थी। मोदी ने क्षेत्र में लगातार पानी की कमी के बारे में चर्चा की और सवाल उठाया कि क्या पिछली किसी सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों का आशीर्वाद मिलने के बाद ही काम शुरू हुआ। उन्होंने पेयजल संकट को दूर करने में तेजी से प्रगति के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन या हर घर जल परियोजना के तहत बुंदेलखंड के गांवों में पाइप से पानी की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने किसानों की कठिनाइयों को कम करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए चल रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार दिन-रात अथक प्रयास कर रही है।इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आदि मौजूद रहे।

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला विश्व पटल पर हरियाणा को नई पहचान दिला रहा:मनोहर -अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ संपन्न हु...
23/02/2025

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला विश्व पटल पर हरियाणा को नई पहचान दिला रहा:मनोहर
-अगले साल फिर मिलने के वादे के साथ संपन्न हुआ 38 वां सूरजकुंड शिल्प मेला
-कला रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए शिल्पी

नई दिल्ली/सूरजकुंड (फरीदाबाद)। अशोक शर्मा
([email protected])
केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि
अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला विश्व पटल पर हरियाणा को नई पहचान दिला रहा है। लाखों लोगों की भीड़ और कलाकारों के समागम की दृष्टि से सूरजकुंड मेले को शिल्प और कला का महाकुंभ है। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल सामान बेचने का माध्यम नहीं है, बल्कि यहां हरियाणा के साथ-साथ देश और दुनिया की समृद्ध संस्कृति, खानपान और परिधान देखने का मिलते हैं। यहां आकर हमें मिनी भारत के दर्शन होते हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला देश की शान और हरियाणा की पहचान बन चुका है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 38 वें अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में रजकुंड मेले से वे लगातार इस शानदार आयोजन में शरीक होते रहे हैं। 11वीं बार वे इस मेले में आए हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला और कुरूक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह हरियाणा को इंटरनेशनल लेवल पर गौरवान्वित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेला और कला मनुष्य जीवन के अभिन्न अंग होते हैं। सूरजकुंड मेले में आकर जहां एक तरफ दक्षिण भारत के इडली डोसा खाने को मिलते हैं, वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के खाट के ठाठ, बाजरे की खिचड़ी का स्वाद आप लेते हैं। इससे हरियाणा की संस्कृति का प्रसार विदेशों तक हो रहा है। यह मेला देश यह मेला देश की एकता और अखंडता को मजबूत कर रहा है। हजारों-लाखों कला प्रेमी यहां एक स्थान पर एकत्रित होते हैं। कला के मर्म को कोई सच्चा कलाकार ही जान सकता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा प्रकृति के हर स्वरूप में आपको कला देखने को मिलेगी। सबसे बड़ा कलाकार वो भगवान है, जिन्होंने इस सुंदर सृष्टि की रचना की। जीव-जंतुओं में भी आप कला के दर्शन कर सकते हैं, उदाहरण के तौर पर मकड़ी का बनाया जाला, बया का घोंसला कोई मनुष्य नहीं बना सकता।
इससे पहले मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने ऐतिहासिक स्थल सूरजकुंड, कला एवं सांस्कृतिक विभाग की धातु चित्रों की आर्ट गैलरी व ओडिशा तथा मध्य प्रदेश की पवेलियन का अवलोकन किया। इस दौरान माल रोड से निकली जगमगाती हुई कार्निवल में विभिन्न देश-प्रदेशों के कलाकारों ने मुख्य अतिथि के समक्ष अपनी कला का प्रदर्शन किया। यहां पर मुख्य अतिथि के साथ हरियाणा के पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, विधायक धनेश अदलखा, सतीश फागना का पगड़ी पहना कर सम्मान किया गया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के पर्यटन मंत्री डा. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड का शिल्प मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार कर रहा है। प्रधानमंत्री नेे वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने का जो संकल्प लिया है, उस कड़ी में यह अंतरराष्ट्रीय मेला मील का पत्थर साबित होगा। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अंतरराष्ट्रीय मेले को विहंगम स्वरूप देकर इस सफलता के मार्ग को प्रशस्त करने का काम किया है। विगत वर्ष मेले में 13 लाख पर्यटक आए थे और वर्ष 2025 में पर्यटकों की संख्या 18 लाख पहुंच गई है। इस मेले की छटा सुंदरता और आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। विभिन्न देशों की संस्कृति और हरियाणा की विरासत का यह मेला अनूठा संगम है। यहां 1200 स्टॉल लगाए गए, जिनका आवंटन पारदर्शिता के साथ ऑनलाइन सिस्टम से किया गया।
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शिल्पकार सम्मानित
समापन समारोह में मुख्य अतिथि ने आंध्र प्रदेश की डी. डी. शिवम्मा, गुजरात के मगन भाई, श्रीलंका ईएडब्ल्यू पुष्पकुमारा, आर्मेनिया की अर्मेन खासतियान तथा जिम्बाब्वे के टेंबा मलंगा को कला रत्न पुरस्कार प्रदान सम्मानित किया।
पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव एवं मेला प्रबंधन की वाइस चेयरमैन कला रामचंद्रन ने अतिथिगण का आभार व्यक्त किया। इस अवसर कोरियोग्राफर संजय शर्मा द्वारा तैयार किए गए एक भारत-श्रेष्ठï भारत पर आधारित मनोहारी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। जिसमें पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण तक भारत के राज्यों की लोक संस्कृति को सुंदर ढ़ंग से अभिव्यक्त किया गया।
समारोह समारोह में मंडल आयुक्त संजय जून, पर्यटन विभाग के निदेशक डा. शालीन, फरीदाबाद के उपायुक्त विक्रम सिंह, पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता, पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक डा. सुनील कुमार, जीएम आशुतोष राजन, अजय गौड़, राजीव जेटली सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

हरियाणा नगर निगम चुनाव-2025फरीदाबाद में करीब 30 फीसदी की पूर्वांचल आबादी की उपेक्षा करते हुए 40 फीसदी गुर्जर समाज के उम्...
15/02/2025

हरियाणा नगर निगम चुनाव-2025
फरीदाबाद में करीब 30 फीसदी की पूर्वांचल आबादी की उपेक्षा करते हुए 40 फीसदी गुर्जर समाज के उम्मीदवारों वाली भाजपा की सूची घोषित

चंडीगढ़/फरीदाबाद। हैलो हिंद न्यूज
([email protected])
हरियाणा भाजपा ने नगर निगम चुनावो में महापौर पदो के उम्मीदवारों के बाद शनिवार को वार्डो के पार्षदो के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसमे फरीदाबाद की बात करें तो यहां सूची देखकर लोगों में असंतोष है।
हरियाणा के पहले और सबसे बड़े फरीदाबाद नगर निगम के नवगठित सभी 46 वार्डो में उम्मीदवार घोषित किए। इस सूची में भाजपा ने शहर की बड़ी आबादी(करीब 30 फीसदी) पूर्वांचल वासियों की लगभग उपेक्षा की है। भाजपा एक टिकट दी है। जबकि भाजपा की सूची में 46 में से करीब 18 वार्डो में गुर्जर समाज के लोगों को उम्मीदवार बनाया है। जबकि अधिकतम 5 अनुसूचित जाति वर्ग से है। और 23 वार्डो में विभिन्न वर्ग (जाट, वैश्य, पंजाबी, ब्राह्मण व अन्य पिछडा वर्ग ) के उम्मीदवार घोषित किए गए है।कई लोगों को कहना है कि भाजपा की सूची देखकर लगता है कि नगर निगम के बजाए गुर्जर सभा का चुनाव होने जा रहा है। अखिल भारतीय पूर्वांचल विकास संघ के महासचिव सीएम त्रिपाठी और पूवाँचली श्रमिक नेता बेचू गिरी बताते है कि भाजपा को लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भरपूर वोट दिया था। पूर्वांचल के लोगों ने अपने खून-पसीने से सींचकर फरीदाबाद को फरीदाबाद बनाया है।
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कुछ उम्मीदवार बदलने की मांग
भाजपा ने गुरुग्राम में अपना महापौर उम्मीदवार बदल दिया है। वहां पहले भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्षा ऊषा प्रियदर्शी को टिकट दी था जो अब बदलकर राजरानी मलहोत्रा को टिकट दी गई है। विरोध के चलते प्रदेश भाजपा इसी प्रकार फरीदाबाद में कुछ वार्डो में टिकट बदलने पर विचार किया जा रहा है।
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फरीदाबाद के विकास में पूर्वांचलवासियों का महत्वपूर्ण योगदान
-तीस हजार उद्योगों में अधिकांशत: पूर्वांचल के लोग कार्यरत
-स्वास्थ्य, खेल, राजनीति, उद्योग आदि क्षेत्रों में चमकाया फरीदाबाद का नाम

फरीदाबाद। अशोक शर्मा
कलपुर्जो की औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के विकास में यूं तो पूर्वांचलवासियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके खून-पसीने की मेहनत से इस शहर ने मेहंदी की पहचान से लेकर बड़ी चिमनियों के कारखानों की नगरी बनने और अब ऊंची-ऊंची अट्टालिकाओं की स्मार्ट सिटी बनने तक का सफर तय किया है। कलपुर्जो की नगरी के करीब 30 हजार औद्योगिक इकाईयों में करीब चार लाख पूर्वांचलवासी अपनी मेहनत से औद्योगिक विकास के पहिये को आगे बढ़ाने में जुटे हैं।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में स्वास्थ्य, खेल, राजनीति, उद्योग आदि क्षेत्रों में पूर्वांचलवासियों ने फरीदाबाद का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। शहर में रिक्शाचालक से लेकर फैक्ट्री मालिक तक पूर्वांचलवासी हैं। झुग्गी बस्ती से लेकर पॉश सेक्टरों तक में पूर्वांचलवासियों की मौजूदगी साफ दिखाई पड़ती है। शहर के कुछ इलाके तो पूर्वांचलवासी बाहुल्य है, इन क्षेत्रों में पूर्वांचलवासी चुनावों के नतीजे तक तय करते हैं। हरियाणा के पहले नगर निगम में प्रथम महापौर बनने का श्रेय भी पूर्वांचलवासी को मिला है।
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पूर्वांचलवासियों की आबादी पर एक नजर
विधान सभा क्षेत्र आबादी
पृथला मे 0.50 लाख
फरीदाबाद एनआइटी 2.50 लाख
फरीदाबाद-तिगांव 3.00 लाख
फरीदाबाद शहर 1.50 लाख
बल्लभगढ़ 1.50 लाख
बड़खल 1.00 लाख
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121001

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