11/06/2026
🚨 बिहार का 'ब्रेकिंग बैड': पटना में पति-पत्नी का इंटरनेशनल ड्रग्स साम्राज्य ध्वस्त; 7 दिनों में ₹22 करोड़ और अब तक ₹50 करोड़ का नशा जब्त
बिहार की राजधानी पटना में कानून व्यवस्था और नशे के सौदागरों के खिलाफ पटना पुलिस की विशेष टीम (DIU) ने एक बेहद ही चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस ने महज एक हफ्ते के भीतर ताबड़तोड़ छापेमारी कर कुल ₹22 करोड़ मूल्य की ब्राउन शुगर, हेरोइन और स्मैक बरामद की है।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे सिंडिकेट को कोई पेशेवर अपराधी गैंग नहीं, बल्कि एक ही परिवार के लोग— पति, पत्नी, साला और बहनोई मिलकर बकायदा एक 'फैमिली बिजनेस' की तरह चला रहे थे।
इस इंटरनेशनल ड्रग्स रैकेट में अब तक कुल मिलाकर ₹50 करोड़ से अधिक का नशा जब्त किया जा चुका है।
इस बड़े नेटवर्क, इसकी कार्यशैली और गिरफ्तारियों की पूरी विस्तृत रिपोर्ट नीचे दी गई है:
👥 सिंडिकेट का ढांचा: 'पति-पत्नी और वो' का ड्रग्स नेटवर्क
इस काले धंधे का मुख्य मास्टरमाइंड (सरगना) संतोष साव और उसकी पत्नी रेखा देवी हैं, जो पिछले काफी समय से पटना और आसपास के जिलों में 'सूखे नशे' की थोक सप्लाई कर रहे थे।
₹8,000 प्रतिदिन की दिहाड़ी पर साला: फुलवारीशरीफ के गोपालपुर (बेईमान टोला) में हुई छापेमारी में पुलिस ने संतोष साव के साले कृष्ण कुमार राम को रंगे हाथों दबोचा।
पूछताछ में कृष्ण ने खुलासा किया कि उसे अपनी बहन रेखा देवी और बहनोई संतोष साव के इस धंधे में माल की सेफ डिलीवरी और रख-रखाव (गोदाम संभालने) के लिए हर दिन ₹8,000 की दिहाड़ी (मजदूरी) मिलती थी।
फरार आरोपियों की तलाश: मुख्य सरगना संतोष साव, उसकी पत्नी रेखा देवी और उनकी एक अन्य सहयोगी सीमा कुमारी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
🗺️ गाजीपुर से पटना का रूट और ₹15 करोड़ का ताजा माल
इस गिरोह की रीढ़ तोड़ने के लिए डीआईयू और रामकृष्णानगर थाना पुलिस ने सोरंगपुर देवी स्थान के पास एक गुप्त ठिकाने पर मंगलवार की देर रात बड़ी स्ट्राइक की:
भारी बरामदगी: मौके से पुलिस ने 15 किलोग्राम स्मैक, हेरोइन और ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत ₹15 करोड़ आंकी गई है।
इसके अलावा एक अवैध पिस्टल, एक कट्टा, एक बुलेट बाइक, 11 लीटर देशी शराब, 11 जिंदा कारतूस और 3 मोबाइल जब्त किए गए हैं।
दो शूटर/सप्लायर अरेस्ट: मौके से गिरोह के दो बेहद सक्रिय सदस्यों चिंटू उर्फ छोटू और मोनू कुमार को गिरफ्तार किया गया है। छोटू कुमार पिछले छह दिनों से पुलिस के रडार पर था।
तस्करी का तरीका (Modus Operandi): यह गैंग बकायदा उत्तर प्रदेश के मुगलसराय और गाजीपुर से नशे की खेप लाने के लिए एक चोरी की स्कॉर्पियो गाड़ी का इस्तेमाल करता था ताकि पुलिस चेकिंग से बचा जा सके।
बक्सर के रास्ते माल पटना लाया जाता था और फिर छोटी-छोटी पुड़िया (डोज) बनाकर स्कूल-कॉलेज के छात्रों और युवाओं को टारगेट किया जाता था।
💰 काली कमाई से खरीदी करोड़ों की जमीन; EOU करेगी जांच
ड्रग्स के इस धंधे से रोजाना होने वाली लाखों रुपए की काली कमाई को सफेद (White Money) करने के लिए मास्टरमाइंड संतोष साव ने बकायदा प्रॉपर्टी में निवेश का रास्ता चुना था:
उसने अपनी पत्नी रेखा देवी और अपने पिता राजू साव के नाम पर पटना के कई प्राइम लोकेशंस (महंगे इलाकों) में करोड़ों रुपए की कीमती जमीनें और प्रॉपर्टी खरीद रखी हैं।
पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अब इस गिरोह की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने और मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से जांच करने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) भी इस मामले को अपने हाथ में ले सकती है।
👮♀️ महिला सब-इंस्पेक्टर की सूझबूझ से टूटा पूरा सिंडिकेट
इस ₹50 करोड़ के विशाल नेटवर्क के खात्मे की शुरुआत 3 जून की रात को हुई थी, जिसकी कमान एक जांबाज महिला पुलिस अधिकारी के हाथ में थी:
महिला सब-इनस्पेक्टर जया कुमारी को एक बेहद सटीक और पुख्ता इनपुट मिला था। उन्होंने बिना देरी किए डीआईयू (DIU) टीम और संपतचक के अंचलाधिकारी (मजिस्ट्रेट) को साथ लिया और संतोष साव के घर की घेराबंदी की।
पहली बड़ी रिकवरी: उस रात संतोष के घर से 5.815 किलोग्राम हेरोइन और 815 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत ₹7 करोड़) बरामद हुई।
साथ ही ₹18 लाख 66 हजार 110 रुपये नकद (कैश), हथियार, कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली स्कॉर्पियो को भी जब्त किया गया।
इसी रेड से मिले सुरागों के आधार पर एक के बाद एक कड़ियां जुड़ती चली गईं और पूरा सिंडिकेट नेस्तनाबूद हो गया।