11/01/2026
साथियों आज बड़े भाई चंद्रशेखा आजाद जी के पिता जी का परिनिर्वाण दिवस है। 11 जनवरी 2013 को वो हमारे बीच से चले गए थे। लेकिन मेरे पिता जी ने अपने जीवन के अंतिम समय में जो संकल्प मुझसे लिया था। आज उनके परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर मैं उस महान संकल्प को फिर से दोहरा रहा हूँ। श्रधेय पिता जी बहुजन समाज को शासक बनाने के लिये मैं अपने जीवन के अंतिम समय तक संघर्ष करूँगा। मैं इस देश के करोड़ो गरीबो, महिलाओं, बुजुर्गों, मजलूमों, शोषितों, वंचितों के मान - सम्मान के लिए संघर्ष करूँगा व उनके अधिकारों की सुरक्षा करूँगा। हम सब मिलकर इस देश मे गैरबराबरी पर आधारित जाति व्यवस्था को समाप्त कर जातिविहीन समाज बनायेंगे और अपने संतों, गुरुओं, महापुरुषों की समता, समानता, बंधुत्व, भाईचारे पर आधारित मानव कल्याण की विचारधारा को आगे बढ़ा कर समतामूलक समाज की स्थापना करेंगे। हम भारतीय संविधान की रक्षा कर, संविधान को पूर्ण रूप से लागू करके भारत मे बेगमपुरा राज स्थापित करेंगे। मुझे आपका पुत्र होने पर बहुत गौरव महसूस होता है। हमेशा आपके दिखाए व हमारे महापुरषों के दिखाए आदर्शों पर मैं चलता रहूँगा जब तक मेरे शरीर के आखिरी सांस रहेगी - आपका बेटा चन्द्र शेखर आजाद।