16/10/2025
जिस धर्म मे हम पले बड़े हुए वो तो नहीं छूट सकता चाहे जीवन हो या मृत्यु ..जीवन पुरूष भी सत्ये है मृत्यु यानि स्त्री भी स्त्ये ..और हर युग का ये दोनो ही आधार है..और जीत धर्म की धार्मिक मान्यताओ की ही होनी चाहिए ..मृत्यु का सौदा दोनो तरफ से हुआ..तो अब दोनो देखो count करो तुमने कितने वोट कटवाये ओर दुसरी party ने कितने वोट कटवाये .बस ज़िसका ग्राफ कम होगा वही विजेता भी होना चाहिए ..किसी को भी मृत्यु देना आसान है जीवन देना मुशकिल .जो वृक्ष छाया दे उन्हें
क्टवाना तो पाप ही है हमे अपने अपने अच्छे और ओच्छे कर्म याद रखने है बस ..
जयमातादी