06/04/2026
वैदिक ज्योतिष के 'नक्षत्र मेदिनी' सिद्धांतों के अनुसार, 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को प्रातः 09:38 बजे ब्रह्मांडीय ऊर्जा के केंद्र अधिपति सूर्य देव, देवगुरु बृहस्पति की मीन राशि से प्रस्थान कर अपने मित्र मंगल की राशि मेष में प्रवेश करेंगे। 15 मई तक रहने वाला यह 'महा-गोचर' केवल एक सामान्य राशि परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह 'महाविषुव संक्रांति' है, जो 'सौर नववर्ष' के आधिकारिक उद्घोष का प्रतीक है। इसी दिव्य क्षण के साथ एक मास से चले आ रहे 'खरमास' का निषेध समाप्त होगा और मांगलिक कार्यों की शहनाइयां पुनः गूँजने लगेंगी।
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https://youtu.be/JF_4lPCEG_s