19/04/2026
जिला लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण थाना क्षेत्र के बांकेगंज में मोतीपुर गांव में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों-वंचितों के मसीहा, महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न ,परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती की जयंती के दिन हुई घटना केवल एक विवाद नहीं, बल्कि बहुजन समाज की आस्था और सम्मान पर सीधा हमला है।
यहां कई वर्षों से खाली पड़ी बौद्ध विहार की भूमि पर परम पूज्य बाबा साहेब की मूर्ति स्थापित की जानी थी। ग्राम प्रधान भी मौजूद थे, दोपहर के बाद गांव वालों ने मूर्ति स्थापित कर दी। ग्राम समाज की भूमि पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रतिमा स्थापना और भंडारे का आयोजन चल रहा था, लेकिन शाम होते-होते सुनियोजित तरीके से माहौल बिगाड़ा गया। परम पूज्य बाबा साहेब की जयंती के दिन ही मूर्ति हटाने की कार्रवाई एक गहरी साजिश को दर्शाती है, और इसी दौरान छीना-झपटी में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा का टूटना पूरे समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक और अस्वीकार्य है।
आरोप है कि पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय लाठीचार्ज किया और महिलाओं, बुजुर्गों व बच्चों तक को नहीं बख्शा। हैरानी की बात यह है कि घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस की बर्बरता जारी है ,घर-घर घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और निर्दोष लोगों को डराने-धमकाने का काम किया जा रहा है।निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजना न्याय नहीं, बल्कि अन्याय की पराकाष्ठा है।
से हमारी मांग हैं कि :इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और सभी निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए