06/09/2026
📢 अब सवाल सिर्फ मेरा नहीं, हर उपभोक्ता का है!
लगभग 25 दिन पहले मेरे दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और गाली-गलौज की गई। वजह सिर्फ इतनी थी कि मैंने गैस डिलीवरी और एजेंसी से सिलेंडर लेने पर लिए जा रहे अतिरिक्त शुल्क के खिलाफ आवाज़ उठाई थी।
मैंने इस मामले को लेकर थाना, अनुमंडल, DC, SP सहित कई जगह आवेदन दिया। जांच भी हुई, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई और न्याय का इंतजार है।
करीब 20 दिन पहले मैंने माननीय सांसद अन्नपूर्णा देवी जी से मुलाकात कर पूरी घटना और अपनी शिकायत उनके सामने रखी थी।
लेकिन अब जब बात एजेंसी संचालकों पर आई, तो सभी एजेंसी संचालक एकजुट होकर सामने आ गए हैं। मेरे खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ने और मेरी आवाज़ को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
मेरा सवाल यह है कि—
जब कुछ लोग अपने हित के लिए एकजुट हो सकते हैं, तो जनता अपने अधिकारों के लिए एकजुट क्यों नहीं हो सकती?
मैंने यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि उन तमाम आम लोगों के लिए शुरू की है जो रोज़मर्रा की जिंदगी में इन सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
दुख इस बात का है कि हम निस्वार्थ होकर जनता के लिए आवाज़ उठा रहे हैं, लेकिन आज जब हमें जनता के साथ की जरूरत है, तो बहुत से लोग हमारे साथ खड़े नहीं हो रहे।
फिर भी मैं पीछे हटने वाला नहीं हूँ।
**क्योंकि यह लड़ाई शंकर कुमार की नहीं है—
यह लड़ाई हर उस आम आदमी की है, जो अपने अधिकार और सम्मान के साथ जीना चाहता है।**
अब देखना यह है कि माननीय सांसद अन्नपूर्णा देवी जी जनता के हित और न्याय के साथ खड़ी होती हैं या नहीं।
आवाज़ दबाने की कोशिश हो सकती है,
लेकिन सच की आवाज़ को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता।
— शंकर कुमार
जनता के हक की आवाज़