05/06/2026
*विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन*।
**देवरी (गिरिडीह), 5 जून।** विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सामाजिक परिवर्तन संस्थान, गिरिडीह द्वारा संचालित *"प्रोटेक्टिंग राइट्स ऑफ चिल्ड्रेन इन माइनिंग सेक्टर (PRCMS)"* परियोजना के तहत फुतका गाँव में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह परियोजना टेरे डेस होम्स (TDH), जर्मनी के सहयोग से संचालित की जा रही है।
कार्यक्रम में परियोजना क्षेत्र के 20 गाँवों के युवा समूहों, बाल मंच के सदस्यों, ग्रामवासियों एवं जनप्रतिनिधियों सहित लगभग 200 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भेलवाघाटी पंचायत के मुखिया विकास कुमार, तिलकडीह पंचायत के मुखिया बिनोद हेंब्रम, सहायक कार्यकर्ता विजय साब, बसंत कुमार तथा सामाजिक परिवर्तन संस्थान के सचिव उमेश तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व को रेखांकित करते हुए वृक्षारोपण किया गया तथा परियोजना क्षेत्र के सभी 20 गाँवों में व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। अपने संबोधन में मुखिया बिनोद हेंब्रम एवं विकास कुमार ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिवर्ष कम से कम एक से दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि आने वाले तीन वर्षों में पंचायत क्षेत्र के बच्चों के सहयोग से 2000 पौधे लगाए जाएंगे।
संस्थान के सचिव उमेश तिवारी ने पर्यावरण की वर्तमान चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का दायित्व बताते हुए सभी से सक्रिय भागीदारी की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं युवाओं के लिए मैथ रेस, स्पून रेस, बैलून रेस, पेंटिंग प्रतियोगिता जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने की शपथ ली।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सामाजिक परिवर्तन संस्थान के कार्यकर्ताओं मनोहर यादव, परमेश्वर वर्मा, सुषमा सरकार, जितेंद्र महतो, कंचन सोरेन ,यशवीर मुर्मू एवं पॉलिना किस्कू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।