06/06/2026
उपायुक्त रामनिवास यादव ने शुक्रवार को देवरी प्रखंड अंतर्गत लवानियां मौजा में स्वीकृत तालाब निर्माण योजना का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों एवं किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों एवं आशंकाओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों द्वारा तालाब निर्माण के कारण आसपास के कृषि क्षेत्रों में संभावित जलभराव एवं फसलों को होने वाले नुकसान की आशंका व्यक्त की गई, जिस पर उपायुक्त ने तत्काल संबंधित खेतों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा तालाब निर्माण कार्य में किसी भी किसान की फसल को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने योजना के तकनीकी पहलुओं का पुनर्मूल्यांकन करने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालाब निर्माण योजना की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान योजना की उपयोगिता, जल संचयन क्षमता, सिंचाई सुविधा विस्तार एवं किसानों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि तालाब निर्माण योजना क्षेत्र में जल संरक्षण एवं सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है और बरसात से पूर्व इसे पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब की संरचना एवं गहराई ऐसी हो जिससे जल संरक्षण भी सुनिश्चित हो तथा आसपास की कृषि भूमि सुरक्षित रहे। इसके साथ ही जल स्रोतों की उपलब्धता, जल निकासी व्यवस्था एवं लिफ्ट इरिगेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त एक बरगद के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को विस्तारपूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तालाब निर्माण में आ रही सभी तकनीकी एवं स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उपायुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
इसके पश्चात उपायुक्त ने जमुआ प्रखंड अंतर्गत पालमो स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि तालाब निर्माण से जुड़ी जो भी तकनीकी अथवा स्थानीय समस्याएं हैं, उनका शीघ्र समाधान किया जाएगा ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों एवं ग्रामीणों को मिल सके।
उपायुक्त ने कहा कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन एवं सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए तालाबों का निर्माण अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयास कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में जल संकट से निपटने में भी सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी खोरीमहुआ, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई विभाग, अंचलाधिकारी जमुआ, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।