12/12/2025
देवरिया से आई यह वास्तविक और भावुक कहानी बताती है कि जब इंसानियत और न्याय एक साथ खड़े हों, तो किसी की ज़िंदगी सच में बदल सकती है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी के निर्देश पर, और भारत विकास परिषद के सहयोग से, जुर्माना न भर पाने के कारण जेल में फँसे बंदी नूर मुहम्मद उर्फ रेल मुहम्मद को आज़ादी मिली।
नूर मुहम्मद ने अपनी सजा पूरी कर ली थी, लेकिन आर्थिक मजबूरी उसे जेल में रोके हुए थी। ऐसे में जिला प्राधिकरण ने त्वरित कदम उठाया और समाजसेवी संगठन ने ₹3500 जमा कर उसकी रिहाई सुनिश्चित की।
इस वीडियो में देखें—
• बंदी की रिहाई की पूरी सच्ची कहानी
• जेल अधीक्षक का बयान
• जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का पक्ष
• नूर मुहम्मद की भावुक प्रतिक्रिया
• कैसे यह कदम जनता का विश्वास कानून और मानवता दोनों में बढ़ाता है
यह कहानी सिर्फ रिहाई की नहीं, बल्कि उम्मीद, सहयोग और जीवन की नई शुरुआत की मिसाल है।
👉 पूरी कहानी जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें।
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