22/08/2026
क्या ऐसे हालात में हमारी बेटी पढ़ेगी?
एक तरफ “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के बड़े-बड़े नारे और विज्ञापन…
दूसरी तरफ अगर बच्चियों को सुरक्षित और बुनियादी सुविधाओं वाले क्लासरूम तक न मिलें, तो सवाल उठना लाज़मी है।
बेटियों को सिर्फ नारे नहीं, सुरक्षित स्कूल चाहिए। 📚
आप इस स्थिति को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में बताइए। 👇
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