13/05/2026
आधिकारिक वक्तव्य: सत्य और शुचिता ही हमारी राजनीति का आधार है
"जनता का विश्वास मेरी सबसे बड़ी पूँजी है, और इसे अक्षुण्ण रखना मेरा परम कर्तव्य।"
मेरे प्रिय बरौली (100) के नागरिकों और प्रदेशवासियों,
हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों से एक घटना को लेकर मेरी छवि धूमिल करने का जो प्रयास किया जा रहा है, उसके संदर्भ में वस्तुस्थिति स्पष्ट करना मेरा नैतिक दायित्व है। राजनीति में आरोप लगाना सरल है, परंतु तथ्यों की गहराई में जाना ही न्याय की पहली सीढ़ी है।
सच्चाई जो आपको जाननी चाहिए:
अनुशासनहीनता पर तत्काल प्रहार: संबंधित अंगरक्षक (अमित कुमार) की लगातार ड्यूटी से अनुपस्थिति और कार्य के प्रति लापरवाही के कारण, मैंने एक सजग जनप्रतिनिधि के रूप में बहुत पहले ही 09/05/2026 को लिखित रूप में पुलिस अधीक्षक, गोपालगंज को सूचित कर दिया था।
हस्ताक्षरित प्रमाण: मैंने स्वयं पत्र लिखकर यह अनुरोध किया था कि उक्त अंगरक्षक को मेरी सुरक्षा व्यवस्था से तत्काल हटाकर किसी अन्य अनुशासित जवान को नियुक्त किया जाए। यह पत्र इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि मैं किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या संदिग्ध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं करता।
। कानून सबके लिए समान है।
मेरी अपील:
भ्रामक सूचनाओं और निहित स्वार्थों से प्रेरित प्रचार पर ध्यान न दें। बरौली की महान जनता जानती है कि मैंने सदा सेवा और सत्य की राजनीति की है। सच्चाई आपके समक्ष है और यह प्रमाण (पत्र संख्या 110/आ.का.) स्वयं बोल रहा है।
आपका सेवक,
मंजीत कुमार सिंह
सदस्य, बिहार विधानसभा - 100 (बरौली)
पूर्व सचेतक, सत्तारूढ़ दल (बिहार सरकार)
सदस्य, लोक लेखा समिति