18/09/2026
"कुत्ता समझ ली है, 12 दिन से मर रहे हैं... सरकार हम लोगों को जहर दे दे!" क्या यूपी में शिक्षक बनने का सपना देखना कोई जुर्म है?
प्रयागराज में यूपी TGT-PGT की महिला अभ्यर्थी पुरानी नियमावली बहाल करने की मांग को लेकर दिन-रात धरने पर बैठी हैं। कई सालों की मेहनत, तपस्या और परिवार की उम्मीदों के बाद अचानक नए नियमों ने इन्हें योग्य से अयोग्य बना दिया है। आधी रात को पुलिस का पहरा और बर्बरता ने इन भावी शिक्षकों के हौसले को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन ये आज भी अपने हक के लिए डटी हुई हैं।
धरने पर बैठी एक महिला अभ्यर्थी ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया— "हम लोग 2016 से तैयारी कर रहे हैं। जिस पुस्तक को पढ़ते थे, आज वही कूड़े का ढेर लग रही है। जब हम छोटी उम्र में तैयारी शुरू किए थे, तब हमारा बच्चा पांच साल का था, आज वो 12 साल का हो गया और पूछता है कि मम्मी आपका सिलेक्शन कब होगा? कहते हैं 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', लेकिन यहां तो 'बेटी सताओ' हो रहा है। अगर सरकार के बीवी-बच्चे होते, तब ना उन्हें हमारी हालत समझ आती। हम नौकरी नहीं मांग रहे, सिर्फ अपनी डिग्रियों के आधार पर एक मौका मांग रहे हैं।"
पूरा विडियो हमारे फेसबुक पेज पर देखिए।