02/08/2026
मैं कोई राजनेता या बड़ा नेता नहीं हूँ, बल्कि इस देश और उत्तर प्रदेश का एक आम नागरिक हूँ।
एक ऐसा आम आदमी, जो केवल और केवल अपने देश और प्रदेश की तरक्की, शांति और विकास देखना चाहता है।अखिलेश यादव जी, आपकी पोस्ट देखी।
एक जागरूक नागरिक होने के नाते मुझे लगता है कि हर बात में केवल राजनीति और नकारात्मकता ढूँढने की आदत अब पुरानी हो चुकी है।
जिन मुद्दों पर आप भ्रम फैला रहे हैं, उनका सच एक आम आदमी की नजर से यह है:
👉 1. लोकतांत्रिक मर्यादा और शोक: विधानसभा सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देना हमारी एक पवित्र और स्थापित परंपरा है। इसे 'समय गंवाना' कहना लोकतंत्र और उन नेताओं की स्मृति का अपमान है।
👉 2. राम मंदिर पर राजनीति बंद हो: अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण और उसकी सुरक्षा देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी है। कानून और जांच एजेंसियां अपना काम पूरी मुस्तैदी से कर रही हैं, इस पर हर समय राजनीति करना ठीक नहीं है।
👉 3. युवाओं और परीक्षाओं की चिंता: हम आम लोग चाहते हैं कि हमारे बच्चों को योग्यता के दम पर रोजगार मिले। आज नकल माफियाओं के खिलाफ जो कड़े कानून और ऐतिहासिक कार्रवाइयां हो रही हैं, वह हम जैसे आम परिवारों के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ही हैं।
👉 4. महिला सुरक्षा और सम्मान: उत्तर प्रदेश में आज जो अपराधियों, दंगाइयों और माफियाओं पर सख्त नकेल कसी गई है, उसकी गवाह प्रदेश की आम जनता और माता-बहनें हैं। कानून का यह इकबाल ही उत्तर प्रदेश की असली तरक्की का आधार है।
📊 सत्र की अवधि और कामकाज:एक आम नागरिक के तौर पर मैं जानता हूँ कि सत्र सिर्फ औपचारिक नहीं है। इस सत्र में प्रदेश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए 'अनुपूरक बजट' (Supplementary Budget) और कई महत्वपूर्ण जनहित विधेयक पेश किए जा रहे हैं, जो सीधे जनता की भलाई से जुड़े हैं।हम आम लोग अब जातिवाद, माफियाराज और तुष्टिकरण की राजनीति को पीछे छोड़ चुके हैं। देश और प्रदेश की तरक्की के लिए विकास और कानून का यह राज आगे भी जारी रहना चाहिए!