23/07/2026
जब-जब दुनिया में अत्याचार और जुल्म बढ़ता है, तब-तब इंसानियत की रक्षा और अन्याय के अंत के लिए बदलाव की लहर उठती है।अन्याय के खिलाफ यह आवाज हमेशा गूंजती है:"जब-जब अत्याचार और जुल्म होगा, तब-तब एक नई क्रांति का जन्म होगा।"इतिहास गवाह है कि जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना ही लोकतंत्र और मानवीय अधिकारों की असली ताकत है। जय हिंद
जय जवान जय किसान, जय विज्ञान
इंकलाब जिंदाबाद