30/08/2026
गीत
काम करो बस काम करो,
काम करो बस काम करो,
थक जाओ तो आराम करो।
तन भी तेरा ठीक रहेगा,
मन भी तेरा ठीक रहेगा,
धन भी तेरा ठीक रहेगा!
काम करो बस काम करो,
थक जाओ तो आराम करो।
सुबह सवेरे सूरज जागे,
सुबह सवेरे सूरज जागे,
किरण-किरण सब आगे भागे।
मेहनत से जो कभी न डरते,
सपने उनके नित-नित सजते।
आलस का अब त्याग करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
पसीना जब माथे पर चमके,
पसीना जब माथे पर चमके,
किस्मत का भी तारा दमके।
तन में बहती ऊर्जा भारी,
दूर रहे हर एक बीमारी।
सेहत पर अब नाज़ करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
सच्ची मेहनत रंग है लाती,
सच्ची मेहनत रंग है लाती,
घर में नित खुशहाली आती।
खाली हाथ न कोई रहता,
दौलत का झरना है बहता।
अपनी किस्मत आप गढ़ो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
जब-जब थकावट आए भारी,
जब-जब थकावट आए भारी,
नींद मीठी लगे प्यारी।
सोकर फिर से ताज़ा हो जाओ,
नया एक पैगाम तुम लाओ।
विश्राम का भी सम्मान करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
मन में हो संतोष का बासा,
मन में हो संतोष का बासा,
कभी न आए दिल में निराशा।
मेहनत ही है जीवन धारा,
इसने ही जग को है सँवारा।
खुशियों से हर भोर भरो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
मुश्किल राहें भी सध जाएँ,
मुश्किल राहें भी सध जाएँ,
पर्वत भी झुककर राह बनाएँ।
जो राही अविराम चले हैं,
मंजिल के संग वही ढले हैं।
हिम्मत का अब साज धरो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
छोटा-बड़ा न काम कोई हो,
छोटा-बड़ा न काम कोई हो,
मेहनत से निष्काम कोई हो।
हर कोशिश में एक गरिमा है,
सच्चे श्रम की ही महिमा है।
स्वाभिमान से सांस भरो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
सपनों के बीजों को बोना,
सपनों के बीजों को बोना,
वक्त का एक पल भी न खोना।
आज किया जो कल फल देगा,
जीवन को यह चंचल देगा।
नव-निर्माण का काम करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
रात ढले तो भोर सुहानी,
रात ढले तो भोर सुहानी,
कहती है मेहनत की कहानी।
जो कदम निरंतर बढ़ते हैं,
वे ही इतिहास बदलते हैं।
नित नया एक आगाज़ करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
छाँव मिले या धूप कड़ी हो,
छाँव मिले या धूप कड़ी हो,
आगे नित उम्मीद खड़ी हो।
धैर्य का दामन थामे रखना,
कर्म की बाजी जीत के रहना।
हर बाधा को पार करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
जीवन का यह सत्य समझ लो,
जीवन का यह सत्य समझ लो,
सदा प्रगति के पथ पर बदलो।
कर्म ही पूजा, कर्म ही भक्ति,
इसी में छिपी हुई है शक्ति।
जग में अपना नाम करो,
काम करो बस काम करो!
थक जाओ तो आराम करो।
काम करो बस काम करो!
प्रेम फर्रुखाबादी