25/04/2023
झारखंड के चार बड़े मुद्दे।
1. स्थानीय नीति
2. नियोजन नीति
3. ओबीसी आरक्षण
4. सरना धर्म कोड
हेमंत सोरेन जी की सरकार ने इन मुद्दों पर क्या किया -
1. 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का विधेयक सदन से पारित किया। राजभवन को भेजा। राज्यपाल ने वापस कर दिया। जबकि सरकार ने इसे केंद्र को भेजकर 9 वीं अनुसूची में शामिल करने की माँग की थी। यह नहीं हो पाया। भाजपा ने चालाकी से लटका दिया।
2. नियोजन नीति - नियोजन नीति सरकार ने बनायी। भाजपा ने कोर्ट में चैलेंज कर दिया। कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया। यहाँ भी भाजपा ने सरकार को फँसा दिया।
3. ओबीसी आरक्षण - झारखंड में ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण है। इसे 27 प्रतिशत करने का विधेयक सदन से पारित कर राज्यपाल को भेजा गया। राज्यपाल ने विधेयक लौटा दिया। भाजपा ने यहाँ भी होशियारी कर दी।
4. सरना धर्म कोड - इस विधेयक को सदन से पारित कर राजभवन भेजा गया। इसे भी केंद्र को 9 वीं अनुसूची में शामिल करने का आग्रह किया गया। फिलहाल विधेयक केंद्र के पास लटका है। यहाँ भी भाजपा ने लटका कर रखा है।
इन चारों मुद्दों पर सरकार ने पहल की। लेकिन भाजपा ने पेंच फंसा दिया।
भाजपा के पास तीन हथियार है। केंद्र, राज्यपाल और न्यायालय जाने का रास्ता,
भाजपा की अब तक के इस रवैये से ऐसा लगता है कि हेमन्त सरकार कुछ भी करे, भाजपा किसी भी परिस्थिति में खिलाफ ही जाएगी,
लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह बात झारखंडी युवाओं को समझ नही आ रही है.....
#शैलेन्द्र