18/05/2026
यार… पहले के घर सिर्फ घर नहीं होते थे…
पूरा बचपन उन्हीं आँगनों में गुजर जाता था…
दादी का प्यार, माँ की आवाज़, पेड़ों की छाँव और दोस्तों के साथ खेलना…
छोटी-छोटी चीजों में ही पूरी खुशी मिल जाती थी…
सच कहूँ… वही दिन जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिन थे… ❤️
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