30/01/2026
गांव के सरपंच चुनाव में किसने बाजी मारी 🇮🇳
राजस्थान के एक छोटे से गाँव, धोरणा में सरपंच चुनाव का माहौल था।
ढोल, ढप, पोस्टर और वादों की ऐसी बारिश हो रही थी कि
ऊँट भी सोच में पड़ गया—
“किसे वोट दूँ!”
चुनाव में तीन उम्मीदवार थे—
भूराराम, जो हर बात में “कसम से” जोड़ता था;
मंगीलाल, जो माइक पकड़ते ही शेर बन जाता था;
और चंपालाल, जो भाषण से ज़्यादा चाय पिलाने में भरोसा रखता था। ☕😄
भूराराम बोला,
“मैं जीत गया तो गाँव में Wi-Fi लगवाऊँगा!”
गाँव वाले बोले,
“अरे भाई… पहले बिजली तो आने दे!” 😂
मंगीलाल बोला,
“मैं हर घर में नल लगवाऊँगा।”
एक बुज़ुर्ग मुस्कुराते हुए बोले,
“बेटा… पानी आए तब नल काम आए!”
चंपालाल कुछ नहीं बोला।
वो बस सबको चाय पिलाता रहा।
लोग हँसते हुए बोले,
“भाषण छोड़ो… चाय में दम है!” 😆
फिर वोटिंग हुई।
सबकी धड़कन तेज़ हो गई।
और नतीजा आया—
चंपालाल जीत गया!
भूराराम और मंगीलाल थोड़े उदास हुए,
लेकिन चंपालाल ने माइक लिया और बोला,
“ये जीत सिर्फ मेरी नहीं है…
ये पूरे गाँव की जीत है।
भूराराम Wi-Fi देखेगा,
मंगीलाल पानी का काम संभालेगा,
और मैं… चाय बनवाऊँगा!” ☕😄
पूरा गाँव हँस पड़ा।
तालियाँ बजने लगीं।
उसी दिन सब समझ गए—
चुनाव में कुर्सी एक की होती है,
लेकिन अगर नीयत साफ हो…
तो जीत हर किसी की होती है।
Moral :- चुनाव में कुर्सी एक की होती है ;
लेकिन अगर नियत साफ हो...
तो जीत हर किसी की होती है ❤️💯