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03/08/2026

सावन के सोमवार का विशेष महत्व

श्रावण मास भगवान शिव का प्रिय मास माना गया है। मान्यता है कि इस पूरे महीने शिवजी की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है और सोमवार होने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है।

सोमवार शिवजी का दिन है। "सोम" का अर्थ चंद्रमा भी है। भगवान शिव अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण करते हैं, इसलिए सोमवार उनकी आराधना का विशेष दिन माना जाता है।
समुद्र मंथन की कथा शिव पुराण> और अन्य पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के समय निकले भयंकर हलाहल विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने उन पर जल अर्पित किया। इसी कारण सावन में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की परंपरा विशेष मानी जाती है।

सावन सोमवार का व्रत क्यों रखा जाता है?

ग्रंथों के अनुसार इस व्रत से—
भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त होती है।
मनोकामनाएँ पूर्ण होने की मान्यता है।

अविवाहित कन्याओं को योग्य जीवनसाथी मिलने की कामना से यह व्रत किया जाता है।

विवाहित महिलाएँ पति के दीर्घायु और सुखी दांपत्य के लिए व्रत रखती हैं।

पुरुष भी स्वास्थ्य, संतान, सफलता और मानसिक शांति के लिए यह व्रत करते हैं।

माता पार्वती की कथा

शिव पुराण के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। इसलिए सावन सोमवार का व्रत विशेष रूप से शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त करने वाला माना जाता है।
व्रत की सामान्य विधि

प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प आदि अर्पित करें।

"ॐ नमः शिवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें।
शिव चालीसा, रुद्राष्टक या शिव पुराण का पाठ करें।
दिनभर श्रद्धा और संयम रखें तथा अपनी क्षमता के अनुसार व्रत करें।

क्या यह ग्रंथों में अनिवार्य है?

ध्यान देने योग्य बात यह है कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा और सोमवार का महत्व शास्त्रों में वर्णित है, लेकिन सावन के प्रत्येक सोमवार का व्रत हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य है, ऐसा स्पष्ट आदेश किसी एक प्रमुख ग्रंथ में नहीं मिलता। यह शास्त्रीय आधार और लोक-परंपरा का संयुक्त रूप है, जो सदियों से प्रचलित है।

सार: सावन का सोमवार भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने, मन को शुद्ध करने, तप, संयम और भक्ति का अभ्यास करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार श्रद्धा और सच्ची भक्ति से किया गया पूजन ही सबसे अधिक फलदायी माना गया है।

31/07/2026

🕉️ आज का पंचांग

31 जुलाई 2026, शुक्रवार
मास: श्रावण
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: द्वितीया (रात्रि लगभग 10:31 बजे तक), इसके बाद तृतीया
नक्षत्र: शतभिषा (इसके बाद पूर्वाभाद्रपद)
योग: शोभन
करण: बव
सूर्य राशि: कर्क
चंद्र राशि: कुंभ (बाद में मीन राशि में प्रवेश)
⏰ राहुकाल: सुबह 10:30 बजे से 12:00 बजे तक
🌅 ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः लगभग 4:20 बजे से 5:01 बजे तक
🕛 अभिजीत मुहूर्त: दोपहर लगभग 12:01 बजे से 12:56 बजे तक
🧭 दिशाशूल: पश्चिम दिशा

🙏 आज का शुभ विचार
"श्रावण मास में भगवान शिव का स्मरण, रुद्राभिषेक और 'ॐ नमः शिवाय' का जप विशेष फलदायी माना जाता है।"
हर हर महादेव! 🔱

राधे राधे 🙏

22/07/2026

🕉️ आज का पंचांग — 22 जुलाई 2026 (बुधवार)
वार: बुधवार
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी (पूरे दिन/रात्रि तक)
नक्षत्र: स्वाती (रात्रि 11:03 बजे तक)
योग: साध्य
चंद्र राशि: तुला
सूर्योदय: 05:37 AM
सूर्यास्त: 07:18 PM
राहुकाल: 12:27 PM – 02:10 PM (इस समय शुभ कार्यों से बचें)
आज का विशेष महत्व:
आज आषाढ़ शुक्ल नवमी है।
भड़ली (अबूझ) नवमी होने के कारण कई परंपराओं में इसे बिना अलग मुहूर्त देखे भी शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
राधे राधे! 🌺 आज का दिन भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा का स्मरण, नाम-जप और सेवा-पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

19/07/2026

🕉️ आज का पंचांग
📅 19 जुलाई 2026, रविवार
मास: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: षष्ठी (अगली तड़के लगभग 3:29 बजे तक), इसके बाद सप्तमी प्रारंभ
वार: रविवार
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (शाम लगभग 6:12 बजे तक), उसके बाद हस्त
सूर्योदय: प्रातः 5:35 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:19 बजे
राहुकाल: सायं 5:30 बजे से 7:00 बजे तक
विशेष योग: सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग का शुभ संयोग

🌼 आज का शुभ संदेश:

"सच्चे मन से किया गया हर शुभ कर्म ईश्वर तक अवश्य पहुँचता है।
आज का दिन सेवा, संयम और श्रद्धा के साथ बिताएँ।"
राधे राधे। 🙏

18/07/2026

🕉 आज का पंचांग

📅 18 जुलाई 2026, शनिवार
🌙 तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष पंचमी (अगली सुबह लगभग 3:42 बजे तक)
⭐ नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी (शाम लगभग 6:00 बजे तक), इसके बाद उत्तर फाल्गुनी
☀️ सूर्योदय: लगभग 5:35 बजे
🌇 सूर्यास्त: लगभग 7:20 बजे
⏳ राहुकाल: सुबह 9:01 बजे से 10:44 बजे तक
🧘 योग: वरीयान योग
🌿 ऋतु: वर्षा
☀️ अयन: दक्षिणायन
📜 विक्रम संवत: 2083
🪔 वार: शनिवार �

🌸 आज का शुभ संदेश:
*"सच्ची श्रद्धा और अच्छे कर्म ही जीवन का सबसे बड़ा शुभ मुहूर्त हैं। राधे राधे! 🙏"*

17/07/2026

🕉️ आज का पंचांग | 17 जुलाई 2026 | शुक्रवार
📅 वार: शुक्रवार
🌙 पक्ष: शुक्ल पक्ष
📖 तिथि: प्रातः 6:27 बजे तक तृतीया, उसके बाद चतुर्थी
⭐ नक्षत्र: मघा (सायं लगभग 6:35 बजे तक), फिर पूर्वा फाल्गुनी
🧘 योग: व्यतीपात (रात्रि लगभग 10:46 बजे तक)
🌅 सूर्योदय: 5:34 AM
🌇 सूर्यास्त: 7:20 PM
⛔ राहुकाल: प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)।
🙏 आज का शुभ संदेश:
"हर दिन ईश्वर का दिया हुआ नया अवसर है। श्रद्धा, सेवा और सच्चे कर्म ही जीवन को सफल बनाते हैं।
राधे राधे! 🌸

06/07/2026

राधे राधे 🙏
आज का पंचांग (सोमवार, 6 जुलाई 2026)
वार: सोमवार
तिथि: आषाढ़ कृष्ण षष्ठी
नक्षत्र: शतभिषा नक्षत्र
योग: शोभन योग
करण: गर करण
चंद्र राशि: कुंभ राशि
सूर्य राशि: मिथुन राशि
राहुकाल: प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:58 बजे से 12:53 बजे तक (स्थानानुसार थोड़ा अंतर संभव)
आज का शुभ विचार:
"जो व्यक्ति धैर्य, परिश्रम और भगवान के नाम का सहारा नहीं छोड़ता, उसके जीवन में देर हो सकती है, लेकिन अंधेरा कभी स्थायी नहीं रहता।"
आज का मंत्र:
॥ ॐ नमः शिवाय ॥
या
राधे राधे 🌸

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