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26/09/2026

#मोबाइल की #जिद में घर से निकला 13 वर्षीय #मासूम, #ग्वालियर में मिला।
धौलपुर जिले के कुनकुटा गांव से 24 सितंबर को स्कूल जाने के बहाने निकला बच्चा ट्रेन से ग्वालियर पहुंच गया। रेलवे पुलिस को वह स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर मिला। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि उसकी मां उसे मोबाइल नहीं चलाने देती थीं, इसलिए वह ट्रेन में बैठकर निकल आया। रेलवे पुलिस ने चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बच्चे को सकुशल परिजनों तक पहुंचा दिया

26/09/2026

#ग्वालियर #सिटी #सेंटर में #फायरिंग की सूचना, #ऑफिस के पास मचा #हड़कंप

ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में फायरिंग की सूचना से हड़कंप।
सालासर मॉल के पीछे दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग होने की बात सामने आई है। संदीप गुर्जर ने आरोप लगाया कि विवाद सुलझाने के दौरान उनके ऊपर फायरिंग की गई। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

26/09/2026

#मध्यप्रदेश में #गणेश #विसर्जन के दौरान #बड़ा #हादसा..कई युवकों और बच्चों की डूबने से मौत,
खंडवा, भिंड, धार और रतलाम में विसर्जन के दौरान मध्य प्रदेश में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा..
खंडवा, भिंड, धार और रतलाम में विसर्जन के दौरान 4 अलग-अलग घटनाओं में कई युवकों और बच्चों की डूबने से मौत, कई लापता। प्रशासन की टीम तलाश में जुटी।

विसर्जन के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव से बचें, सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

घटनाओं में कई युवकों और बच्चों की डूबने से मौत, कई लापता। प्रशासन की टीम तलाश में जुटी।

विसर्जन के दौरान गहरे पानी और तेज बहाव से बचें, सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

 #भोपाल में  #मंत्रियों के  #नाम आमंत्रण पत्र में छपने से छूटे तो  #दोबारा   #कार्ड  छपे लेकिन  #डबरा में  #इमरती की  #त...
25/09/2026

#भोपाल में #मंत्रियों के #नाम आमंत्रण पत्र में छपने से छूटे तो #दोबारा #कार्ड छपे लेकिन #डबरा में #इमरती की #तस्वीर बैनर से #गायब तो #बैनर नहीं #बदला?

भोपाल/ग्वालियर।
मध्य प्रदेश भाजपा में इन दिनों दो अलग-अलग घटनाएं राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। एक घटना भोपाल की है और दूसरी ग्वालियर के डबरा की। दोनों घटनाएं अलग हैं, लेकिन पार्टी के भीतर नेताओं की अहमियत और संगठनात्मक समीकरणों को लेकर सवाल जरूर खड़े कर रही हैं।

भोपाल में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ से पहले जारी आमंत्रण पत्र में मंत्री विश्वास सारंग और राज्य मंत्री कृष्णा गौर के नाम नहीं होने की बात सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक आपत्ति के बाद आमंत्रण पत्र दोबारा छपवाए गए और संशोधित कार्ड में इन नामों के साथ पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह का नाम भी शामिल किया गया।

वहीं दूसरी तरफ डबरा में भाजपा के सेवा संकल्प कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री इमरती देवी की तस्वीर कार्यक्रम के बैनर में नजर नहीं आई। इमरती देवी मंच पर भी नहीं गईं और नीचे कार्यकर्ताओं के बीच बैठीं। सांसद भरत सिंह कुशवाह ने उन्हें मंच पर बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वह मंच पर नहीं पहुंचीं। बाद में उन्होंने मंच पर मौजूद लोगों को लेकर सवाल उठाए।

यहीं से शुरू होती है राजनीतिक चर्चा

सवाल यह नहीं कि दोनों घटनाएं बिल्कुल एक जैसी हैं। सवाल यह है कि दोनों घटनाओं में पार्टी की प्रतिक्रिया अलग क्यों दिखाई दी?

भोपाल में अगर किसी मंत्री का नाम आमंत्रण पत्र में छूटने पर आपत्ति सामने आई और उसके बाद संशोधित कार्ड छपवाए गए, तो डबरा में इमरती देवी की तस्वीर बैनर पर नहीं होने के बाद ऐसा कोई संशोधित बैनर सामने क्यों नहीं आया?

क्या यह महज आयोजन प्रबंधन की दो अलग-अलग परिस्थितियां थीं?

या फिर इसके पीछे स्थानीय संगठनात्मक समीकरण और नेताओं की राजनीतिक स्थिति भी कोई भूमिका निभा रही थी?

इमरती देवी को ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक नेताओं में गिना जाता है। इसलिए अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी हो रही है कि क्या भाजपा में सिंधिया समर्थक नेताओं की राजनीतिक भूमिका को लेकर समीकरण बदल रहे हैं?

क्या सिंधिया खेमे को साइडलाइन किया जा रहा है?

हालांकि केवल एक कार्यक्रम के बैनर या मंच व्यवस्था के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि भाजपा में सिंधिया खेमा कमजोर हो गया है या उसे साइडलाइन किया जा रहा है।

लेकिन डबरा की घटना ने इस बहस को जरूर हवा दी है।

खासकर तब, जब एक तरफ भोपाल में मंत्रियों के नाम छूटने पर संशोधित निमंत्रण कार्ड की खबर सामने आती है और दूसरी तरफ डबरा में सिंधिया समर्थक मानी जाने वाली इमरती देवी की तस्वीर बैनर पर दिखाई नहीं देती और वह मंच से दूरी बनाए रखती हैं।

तो क्या मध्य प्रदेश भाजपा में अब स्थानीय संगठन और दूसरे राजनीतिक समीकरण सिंधिया समर्थक नेताओं की भूमिका को प्रभावित कर रहे हैं?

या फिर दोनों घटनाओं को जोड़ना ही गलत होगा और यह सिर्फ दो अलग-अलग कार्यक्रमों की व्यवस्थागत परिस्थितियां हैं?

🔴 न्यूज़100 हिंदी के लिए डिस्क्लेमर

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध समाचार रिपोर्टों, कार्यक्रमों से संबंधित सार्वजनिक जानकारी और राजनीतिक घटनाक्रम के विश्लेषण पर आधारित है। भोपाल और डबरा की घटनाओं के बीच किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सिंधिया खेमे को साइडलाइन किए जाने की बात को राजनीतिक चर्चा/विश्लेषण के रूप में रखा गया है, किसी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं। नेताओं या भाजपा संगठन की ओर से इस तुलना पर आधिकारिक बयान उपलब्ध होने पर उनका पक्ष भी जोड़ा जाना चाहिए।

 #ग्वालियर में  #भारत  #सिंह कुशवाह  #बनाम  #ज्योतिरादित्य  #सिंधिया: दो साल में कैसे बढ़ी  #राजनीतिक  #दूरी?ग्वालियर की...
24/09/2026

#ग्वालियर में #भारत #सिंह कुशवाह #बनाम #ज्योतिरादित्य #सिंधिया: दो साल में कैसे बढ़ी
#राजनीतिक #दूरी?

ग्वालियर की राजनीति में 2024 के बाद स्थानीय सांसद भारत सिंह कुशवाह की भूमिका बढ़ने और सिंधिया की ग्वालियर-चंबल में पहले से मौजूद राजनीतिक सक्रियता के बीच प्रभाव, कार्यक्रमों और स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व को लेकर मतभेदों की चर्चा लगातार सामने आती रही है।

#रूप #सिंह #स्टेडियम की लीज ऐसा मामला है जिसमें भारत सिंह कुशवाह का विरोध सार्वजनिक और दस्तावेजित रूप से सामने आया। वहीं सांसद कप बनाम सिंधिया कप और सितंबर 2026 के कुशवाह समाज कार्यक्रम जैसे मामलों में राजनीतिक समानांतरता या समर्थकों के बीच विवाद की रिपोर्टिंग हुई है।

दूसरी ओर, चुनाव का भारत सिंह कुशवाह द्वारा प्रत्यक्ष विरोध किए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती, इसलिए इसे सीधे “विरोध” कहना उचित नहीं होगा।

🔴 डिस्क्लेमर/नोट:
यह राजनीतिक विश्लेषण उपलब्ध समाचार पत्रों/न्यूज़ पोर्टलों में प्रकाशित खबरों, सार्वजनिक रूप से रिपोर्ट की गई घटनाओं, राजनीतिक लोगों के बीच चल रही चर्चाओं और मीडिया में प्रकाशित राजनीतिक विश्लेषण पर आधारित है। इसमें वर्णित सभी राजनीतिक दावों या अंदरूनी मतभेदों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालने के बजाय इसे उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और राजनीतिक चर्चाओं के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

 #पड़ाव  #क्षेत्र में कमरे से  #लेपटॉप,  #मोबाइल व    #इयरवड्स चोरी  के संदेह पकड़े गए संदेहियों  ने अपने नाम (1) रोहित उ...
24/09/2026

#पड़ाव #क्षेत्र में कमरे से #लेपटॉप, #मोबाइल व #इयरवड्स चोरी के संदेह पकड़े गए संदेहियों ने अपने नाम (1) रोहित उर्फ चमुना जाटव पुत्र संतराम जाटव निवासी न्यू संजय नगर हजीरा हाल शिंदे की छावनी
(2) दिनेश कुमार कोरी पुत्र मुन्नालाल कोरी उम्र 30 साल निवासी न्यू रेशम मील बिरला नगर हाल 08 नम्बर लाइन ग्वालियर का होना बताया।

पकड़े गये दोनों संदेहियों से उक्त चोरी के संबंध में गहनता से पूछताछ करने पर उनके द्वारा चोरी की घटना कारित करना स्वीकार किया।

  के नाम पर  #साइबर  #ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है।  #ग्वालियर में सिंचाई विभाग के रिटायर्ड   मैथिली शरण गु...
24/09/2026

के नाम पर #साइबर #ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। #ग्वालियर में सिंचाई विभाग के रिटायर्ड मैथिली शरण गुप्ता को ठगों ने IAS पी. नरहरी के नाम से #फ्रेंड #रिक्वेस्ट भेजी। इसके बाद CRPF कमांडेंट का फर्नीचर बेचने का झांसा देकर फोटो भेजे और सौदा तय किया। फर्नीचर के नाम पर रिटायर्ड EE से ₹1 लाख 56 हजार ले लिए, लेकिन पैसे मिलने के बाद फर्नीचर नहीं पहुंचाया। शक होने पर पीड़ित ने IAS पी. नरहरी को कॉल किया तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस थाने में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

#साइबरठगी #ग्वालियर #साइबरक्राइम #ऑनलाइनठगी #ठगी #सावधान

23/09/2026

#ग्वालियर के #बिजौली #एक्सीडेंट में मारे गए जेठ बहु के परिवारजनों ने #कार्यालय पर डेड बॉडी रखकर किया प्रदर्शन!
#क्राइम

🟠डिस्क्लेमर:
यह खबर पीड़ित परिवार के द्वारा दिए गए बयान पर आधारित है। पुलिस द्वारा अभी इस मामले में कोई लिखित पुष्टि नहीं की गई है।

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82, NEW RESHAM MILL , PRAGATI NAGAR , BIRLANAGAR
Gwalior

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