15/11/2025
सुझाव —स्कूल/कॉलेज में हर 6 महीने में नशा-टेस्ट—वह एक सख़्त लेकिन प्रभावी कदम हो सकता है, खासकर तब जब इसे सही तरीके से, गोपनीयता और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए।
ऐसे कदमों से:
नशे में फँस चुके बच्चों की शुरुआती पहचान हो सकती है
उन्हें समय रहते सही इलाज और काउंसलिंग मिल सकती है
नशे के गिरोहों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं
माता-पिता और संस्था दोनों ज़िम्मेदारी से योगदान दे सकते हैं