Rizwan Diaries

Rizwan Diaries personal vlog | writer

मैं, मेरा कमरा, मेरी किताबें और बजते पुराने गाने।

मजदूर अगर काम छोड़ कर मजदूर दिवस की छुट्टियां मनाने लगेगा तो शाम को उसके घर का चूल्हा कैसे जलेगा।सभी को मजदूर दिवस की शु...
01/05/2026

मजदूर अगर काम छोड़ कर मजदूर दिवस की छुट्टियां मनाने लगेगा तो शाम को उसके घर का चूल्हा कैसे जलेगा।
सभी को मजदूर दिवस की शुभकामनाएं।
कही न कही सभी लोग मजदूरी ही कर रहे हैं

30/04/2026

रोज की तरह जब में आज सुबह स्कूल पहुंचा तो नज़ारा कुछ और ही था जो देखने लायक बनता था इस दृश्य को मनमोहक दृश्य बनाने का मुख्य कारण जो था वो कल शाम को मौसम में परिवर्तन के कारण पहले तो धूल भरी आंधी आयी उसके बाद कड़कती बिजली के साथ बारिश का आना था। जो इस दृश्य को इतना अद्भुत, विहंगम बना रही थी
यह प्रकृति की निश्छल और वास्तविक सुंदरता है, जो ऊंचे पर्वतों, कल-कल करती नदियों, घने वनों और चहचहाते पक्षियों में रची-बसी है। यह हरियाली, ताजी हवा और ऋतुओं के बदलाव के साथ बदलते नजारों में एक अद्भुत शांति व आनंद प्रदान करती है, जो मानसिक शांति का अनुभव कराती है।
मन को हरने वाले इस शांत दृश्य में कूकती हुई मधुर कोयल की आवाज को सुनिये।
मैने इस पल को कैमरे में कैद कर लिया।

ख़ामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनें,शोर कभी मुश्किलों को आसान नही करता।
22/04/2026

ख़ामोशी की तह में छुपा लो सारी उलझनें,
शोर कभी मुश्किलों को आसान नही करता।

ज़िन्दगी को समझना आसान नहींइसे बस महसूस कर के जीना पड़ता है।
20/04/2026

ज़िन्दगी को समझना आसान नहीं
इसे बस महसूस कर के जीना पड़ता है।

भारतीय संविधान के शिल्पकार, आधुनिक राष्ट्र निर्माता, महिला, मजदूर, वंचित व शोषित वर्ग के पक्षधर,भारत के प्रथम कानून मंत्...
14/04/2026

भारतीय संविधान के शिल्पकार, आधुनिक राष्ट्र निर्माता, महिला, मजदूर, वंचित व शोषित वर्ग के पक्षधर,भारत के प्रथम कानून मंत्री, भारत रत्न बाबा साहब डाक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

हर्ष भोगले ने अर्शदीप से पूछा : “मैं आपके पास आ रहा था, आप दौड़ते हुए कहाँ चले गए! “अर्शदीप का जवाब : “वो मिचेल से सॉरी ...
08/03/2026

हर्ष भोगले ने अर्शदीप से पूछा : “मैं आपके पास आ रहा था, आप दौड़ते हुए कहाँ चले गए! “
अर्शदीप का जवाब : “वो मिचेल से सॉरी कहने गया था। रिवर्स स्विंग में बॉल उसकी बॉडी पर ज़ोर से लग गया था।”

कितना सुंदर जवाब। कितनी अच्छी बात। अर्शदीप के माँ-पिता के लिए मन में सम्मान उमड़ आया। बच्चों को इस तरह बड़ा करना कितना खूबसूरत रहा होगा!

खेल में हार-जीत जो भी हो। ट्रॉफी कितनी भी बड़ी क्यों न हो, मनुष्य होना सबसे बड़ी उपलब्धि है।

अर्शदीप विश्व विजेता टीम के बेहद मनुष्यवत् खिलाड़ी हैं। ❤️

सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी प्रतिभायें होती है बस उनके हुनर को निखारने की आवश्यकता होती है। बच्चें अपनी रचनात्मकता स...
21/02/2026

सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी प्रतिभायें होती है बस उनके हुनर को निखारने की आवश्यकता होती है। बच्चें अपनी रचनात्मकता से ही पहेलियों को समझने के लिए कई तरह से समाधान ढूढ़ते हैं।
हमारे स्कूल के बच्चों ने अपनी समझ से गुब्बारें का प्रयोग करके उसमें पानी भर कर बिल्कुल सेब जैसी आकृति को बना दिया जो सच मे सेब ही लग रहा था मुझसे रहा नही गया तो मैंने उसकी तस्वीरें ले ली,आप भी देखिए बच्चों का टैलेंट।

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