11/05/2026
आंध्र प्रदेश के एलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज के विश्वास और सुरक्षा पर गहरा प्रहार किया है। एक पादरी, जिस पर लोग आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करते थे, उसने एक नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।
आरोपी पादरी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, जब नाबालिग गर्भवती हुई, तो उसे गुपचुप तरीके से गर्भपात की दवाएं खिला दी गईं, जिससे उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
जब परिचित ही भक्षक बन जाएं, तो मासूम बच्चे कहाँ सुरक्षित हैं? क्या धर्म की आड़ में छिपे ऐसे 'भेड़ियों' के लिए समाज में कोई जगह होनी चाहिए?
यह समय है कि हम अपने बच्चों को जागरूक करें और ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एकजुट हों ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत ना कर सके