Sarth Arya

Sarth Arya धर्म अर्थात् अधर्म का संपूर्ण विनाश : सार्थ आर्य

आंध्र प्रदेश के एलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज के विश्वास और सुरक्षा पर गहरा प्रहार किया है। एक पादरी, जि...
11/05/2026

आंध्र प्रदेश के एलुरु से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज के विश्वास और सुरक्षा पर गहरा प्रहार किया है। एक पादरी, जिस पर लोग आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करते थे, उसने एक नाबालिग लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं।

आरोपी पादरी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, जब नाबालिग गर्भवती हुई, तो उसे गुपचुप तरीके से गर्भपात की दवाएं खिला दी गईं, जिससे उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

जब परिचित ही भक्षक बन जाएं, तो मासूम बच्चे कहाँ सुरक्षित हैं? क्या धर्म की आड़ में छिपे ऐसे 'भेड़ियों' के लिए समाज में कोई जगह होनी चाहिए?

यह समय है कि हम अपने बच्चों को जागरूक करें और ऐसे अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एकजुट हों ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत ना कर सके

टोंटी भैया विनाश के पहिय्या : 😌😁😂
11/05/2026

टोंटी भैया विनाश के पहिय्या : 😌😁😂

10/05/2026

हिंदुओं की कोई शोभायात्रा हो और विशेष कम्युनिटी अपनी जन्नत पक्की करने के इरादे से पत्थर बाजी ना करें यह संभव ही नहीं है।

कल हापुड़ में भी यही हुआ महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर साठा- 84 में एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है, समस्त हिंदू समाज एकत्रित होकर उसे शोभायात्रा को गांव दरगाह ले जा रहा था तभी एक मुस्लिम मोहल्ले में पहुंचने के दौरान शोभायात्रा के ऊपर विशेष संप्रदाय के युवाओं को द्वारा पत्थर बाजी की गई।

जिसके प्रत्युत्तर में मौके पर ही राजपूत समाज के युवकों ने जिन छतों से पत्थर आ रहे थे उन्हें छतों पर चढ़कर उन्हीं की भाषा में उनको सबक सिखा दिया।

यही होना चाहिए यदि कोई आपके महापुरुषों का अपमान करें और आप आपके आराधों को अपमानित करें तो उनका वही उन्हीं की भाषा में जवाब देना उचित है, हिंदू समाज के अन्य वर्गों को भी इस घटना से शिक्षा लेनी चाहिए।

✍️ : Sarth Arya

09/05/2026

समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने यह घोषणा की है कि यदि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनती है तो उनकी सरकार महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर दो दिन का अवकाश घोषित करेंगे।

इसके साथ-साथ उनकी सरकार गोमती रिवर फ्रंट पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित करेगी जिसमें चेतक और भाला सोने का होगा।

आपको लग रहा होगा कि अखिलेश यादव को कितनी चिन्ता है राजपूत समाज के सम्मान और स्वाभिमान की लेकिन याद करो कुछ महीना पहले समाजवादी पार्टी के एक विधायक रामजीलाल सुमन ने महाराणा संग्राम सिंह जिनको हम राणा सांगा के नाम से भी जानते हैं उनको राज्यसभा के पटल पर अपमानित किया था।

जब राजपूत समाज ने इस पर आपत्ति जताई तो अखिलेश यादव के साथ-साथ पूरी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी तथा भीम आर्मी जैसे जातिवादी संगठन रामजीलाल सुमन के समर्थन में आकर खड़े हो गए थे।

और इन्होंने भरपूर जोर लगाया था कि राणा सांगा को बाबर का साथी दर्शा दें।

इससे ज्यादा हास्यास्पद क्या ही हो सकता है कि महाराणा संग्राम सिंह का अपमान करने वाली पार्टी का सुप्रीमो अखिलेश यादव आज महाराणा प्रताप के सम्मान की कसमें खा रहा है।

यह कैसे संभव हो सकता है कि जो लोग राणा सांगा का अपमान करने में इतने आतुर थे वह सरकार बनने के बाद महाराणा प्रताप का सम्मान करेंगे ? इसका उत्तर है, नहीं।
यह केवल अखिलेश यादव का अवसरवाद है अखिलेश यादव राजपूत समाज की वोटो को अपनी और लुभाने चाहता है।

अखिलेश यादव चाहता है कि राजपूत समाज योगी आदित्यनाथ को वोट ना करके समाजवादी पार्टी को वोट करें, लेकिन यह अखिलेश यादव के हसीन सपने हैं जो केवल सपनों में ही पूरे हो सकते हैं।

राजपूत समाज के साथ-साथ समस्त हिंदू स्वाभिमानी समाज महाराणा संग्राम सिंह के अपमान को भूला नहीं है, हमें याद है किस प्रकार राज्यसभा के पटल पर खड़े होकर रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा का अपमान किया था, राजकुमार भाटी जैसे दो कौड़ी के प्रवक्ताओं ने किस प्रकार महाराणा संग्राम सिंह को अपमानित किया था।

यदि अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को यह लगता है कि यह लोक लुभावने वादे करके वह राजपूत समाज की वोट बटोर ले जाएगा तो उसको इस मुगालते से बाहर आ जाना चाहिए।

क्योंकि जो असली राजपूत होगा वह कभी भी महाराणा संग्राम सिंह के अपमान करने वालों को सत्ता में नहीं बैठने देगा।

✍️ : Sarth Arya

मतलब अभी बातें यहां तक पहुंच गई आखिर कितना गिरते चले जाएंगे ये लोग इस जय भीम किसी कैंसर से काम नहीं है😁😁😁🙏😆             ...
08/05/2026

मतलब अभी बातें यहां तक पहुंच गई आखिर कितना गिरते चले जाएंगे ये लोग
इस जय भीम किसी कैंसर से काम नहीं है😁😁😁🙏😆

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"शोरूम में प्रवेश करने से पहले अपना तिलक धोएं" शोरूम ब्रांच के मैनेजर ने अपने कर्मचारी को यही बोला जिसका फोटो में दिख रह...
07/05/2026

"शोरूम में प्रवेश करने से पहले अपना तिलक धोएं" शोरूम ब्रांच के मैनेजर ने अपने कर्मचारी को यही बोला जिसका फोटो में दिख रहे कर्मचारी ने तुरन्त विरोध किया।

लगता है अब के बाद अब को उसकी औकात दिखानी पड़ेगी

कर्मचारी ने आरोप लगाया कि प्रबंधक ने कहा, "यदि आप यहां काम करना चाहते हैं, तो अपना तिलक मिटा दें या नौकरी छोड़ दें।

बजरंग दल मौके पर पहुंचा, कर्मचारियों पर तिलक लगाया और प्रबंधक को हिंदू भावनाओं का सम्मान करने की चेतावनी दी।

कैसा समय आ गया है, यदि Students को अपना एग्जाम देना है तो अपना कलावा और जनेऊ काटना होता है, और यदि जॉब करनी है तो अपना तिलक मिटाना पड़ेगा।

लेकिन यदि आप बुर्कावादी है तो बेहिचक आप एग्जाम दे सकती है, चाहें तो लव जिहाद करवा सकती है, मल्टीनेशनल कंपनियों में मुसलमान लड़कों के बिस्तर में हिंदू लड़कियां परोस सकते हैं।

बस कर नहीं सकते तो हिन्दू धर्म का पालन नहीं कर सकते...

✍️ : Sarth Arya

पश्चिम बंगाल एक बार फिर खून से लाल हो गया।मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की...
06/05/2026

पश्चिम बंगाल एक बार फिर खून से लाल हो गया।

मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की खुलेआम हत्या कोई साधारण घटना नहीं है—यह कानून-व्यवस्था की खुली विफलता है।

सवाल साफ है: आखिर बंगाल में राजनीतिक कार्यकर्ता सुरक्षित क्यों नहीं हैं? कब तक इस तरह की हत्याएं होती रहेगी।

अब वक्त आ गया है कि प्रशासन जवाब दे कि किसके संरक्षण में यह हिंसा फल-फूल रही है ?
क्यों बार-बार ऐसी घटनाएं सिर्फ बंगाल में ही सामने आती हैं ?

चुप्पी अब विकल्प नहीं है।

पश्चिम बंगाल में हालात किस दिशा में जा रहे हैं?

Suvendu Adhikari पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

यह कोई isolated incident नहीं लगता—बल्कि एक बड़े और खतरनाक ट्रेंड का हिस्सा दिख रहा है, जहाँ राजनीतिक हिंसा धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है।

सबसे बड़ा सवाल—
आखिर इन जिहादियों का हौसला इतना कैसे बढ़ गया है कि खुलेआम इस तरह की वारदातें हो रही हैं?

पिछले कुछ समय में सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर देश के बड़े नेताओं के खिलाफ बेहद आक्रामक और विवादित बयान भी सामने आए हैं।
जिनमें ममता बनर्जी के लाडले भतीजे Akash Banerjee भी शामिल है, इसने सीधे देश के गृहमंत्री को धमकी दी थी।

क्या इस तरह की भाषा और बयानबाज़ी अप्रत्यक्ष रूप से हिंसा को बढ़ावा नहीं देती, क्या यह सिर्फ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, या फिर एक खतरनाक नैरेटिव तैयार किया जा रहा है?

जब शब्द ज़हर बनते हैं, तो उसका असर जमीन पर दिखता ही है और इसके लिए ममता और टीएमसी का जिहादी सिंडीकेट जिम्मेदार‌ है ।

अब वक्त आ गया है कि इस हत्या की निष्पक्ष और तेज़ जांच हो तथा हर एंगल से जांच हो—चाहे वह राजनीतिक हो या संगठित नेटवर्क से जुड़ा और दोषियों को बिना किसी दबाव के सख्त सजा दी जाए।

यह सिर्फ एक व्यक्ति के लिए न्याय की बात नहीं है बल्कि यह पूरे सिस्टम, पूरे लोकतंत्र की साख का सवाल है।

अगर अब भी जवाबदेही तय नहीं हुई, तो आने वाला समय और खतरनाक हो सकता है।

चुप रहना अब विकल्प नहीं है।

✍️ : Sarth Arya


यदुवंश के सर्वकालिक कलंक मुल्लायम के पुत्र अखिलेश की पार्टी के Big-L लगवाने में इस आदमी का योगदान बड़ा अहम होगा, इस आदमी...
06/05/2026

यदुवंश के सर्वकालिक कलंक मुल्लायम के पुत्र अखिलेश की पार्टी के Big-L लगवाने में इस आदमी का योगदान बड़ा अहम होगा, इस आदमी की मात्र उपलब्धि ये है कि इसने कथित निम्न जाति की लड़की से विवाह किया है।

जिसके आधार पर मंडल कमीशन के पहले के ऊंची जाति वाले लक्ष्मण यादव को लगता है कि वो सनातन और हमारे आराध्यों को गाली देकर एससी समुदायों का रहनुमा बनना चाहता है।

इसका राजनैतिक पिता अखिलेश यादव बोल रहा है कि हम ब्राह्मणों को सम्मान देंगे लेकिन ये नुक्कड़ सभाएं करता हैं और उनमें ब्राह्मणों को पानी पी-पीकर कोसता है।

कहते हैं कि ये सलाहकार है अखिलेश यादव का, लेकिन ये बस यादवों का राजकुमार भाटी है, जिसका उद्देश्य केवल अपने बाप के लिए अपनी जाति को धर्म विमुख करके अपने मालिक की खिदमत में पेश करना है।

इनके लिए ये रास्ता बड़ा कठिन है क्योंकि इतना धार्मिक तो संभवतः ब्राह्मण समाज भी नहीं होगा, जितना धार्मिक ओबीसी और एससी-एसटी समाज है।

आप उनके सामने उनके आराध्यों को गरियाकर अपने पक्ष की चुनिन्दा तालियां बटोर सकते हैं लेकिन आम हिन्दू जनमानस के हृदय में अपने और अपने नेता के लिए सिवाय नफरत के कुछ नहीं बना सकते।

इसे लगता होगा ये अखिलेश यादव का अमर सिंह बन सकता है, लेकिन‌ उसके लिए तो इसका ठाकुर होना जरूरी था ना वो तो ये है नहीं : 😂

दरअसल ये समाजवादी पार्टी का कंचना यादव और प्रियंका भारती है इससे ज्यादा कुछ नहीं, ये जितना बोलता जाएगा उतना ही अखिलेश को नुकसान होता जाएगा।

✍️ : Sarth Arya

चार हिन्दू एक ही दिशा में तब चलते हैं जब पांचवां कन्धे पर हो, इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपने जीवनभर नास्तिक रहे वीर ...
05/05/2026

चार हिन्दू एक ही दिशा में तब चलते हैं जब पांचवां कन्धे पर हो, इसी बात को ध्यान में रखते हुए अपने जीवनभर नास्तिक रहे वीर विनायक दामोदर सावरकर जी ने सिन्ध‌ में आयोजित एक सभा में ये वचन कहा था कि — “जिस दिन हिन्दू एक हो जाएंगे उसदिन ये सेक्युलर वोट के लिये कोट पर जनेऊ पहन के घूमेंगे।„

भाजपा की बंगाल विजय इस बात का का उदाहरण है कि हम आपसी मतभेद और विवाद भूलकर एक हो सकते हैं, जहाँ जातिवाद और भेदभाव जैसे मुद्दे गौण हो सकते हैं।

और हम एक साथ आकर अपने वास्तविक शत्रुओं से निपट सकते हैं, उन्हें हरा सकते हैं।

✍️ : Sarth Arya

तृणमूल के दरिंदो द्वारा संदेशखाली में हुई हिंसा से सबसे ज्यादा पीडा रेखा पात्रा को हुई थी, उनका घर जला दिया था उनके सास ...
05/05/2026

तृणमूल के दरिंदो द्वारा संदेशखाली में हुई हिंसा से सबसे ज्यादा पीडा रेखा पात्रा को हुई थी, उनका घर जला दिया था उनके सास और ससुर को जिन्दा जलाकर मार दिया था।

रेखा पात्रा बीजेपी की कार्यकर्ता बनी भाजपा ने टिकट दिया और रेखा पात्रा संदेशखाली में तृणमूल कांग्रेस का गढ़ तोड़ने में सफल हो गई।

इनके पास चुनाव प्रचार करने के लिए साधन नहीं थे बीजेपी पार्टी ने जो भी साधन दिया था उसी के द्वारा इन्होंने प्रचार किया था और ज्यादातर चुनाव प्रचार इन्होंने पैदल घूम-घूम कर किया।

आज रेखा पात्रा विधायक बन गई।

शुभकामनाएं

लोकसभा 2024 चुनाव में मेरठ लोकसभा सीट पर श्री अरुण गोविल जी भाजपा की ओर से प्रत्याशी थे, मेरठ बहुत टफ सीट है। क्योंकि यह...
04/05/2026

लोकसभा 2024 चुनाव में मेरठ लोकसभा सीट पर श्री अरुण गोविल जी भाजपा की ओर से प्रत्याशी थे, मेरठ बहुत टफ सीट है। क्योंकि यहां हिन्दू और मुस्लिम का वोटिंग प्रतिशत बराबर है।

मेरे लिए सारा चुनाव एक तरफ और मेरठ सीट एक तरफ थी क्योंकि यदि मेरठ से अरुण गोविल जी हार जाते तो पूरा विपक्ष और मीडिया तथा मुस्लिम और वामपंथी इसे श्री रामचन्द्र जी की हार बोलते।

लेकिन अरुण गोविल जी विजयी हुए और मेरे प्राणों में प्राण आएं।

बंगाल चुनाव में पानीहाटी विधानसभा से आरजी कर हॉस्पिटल रेप कांड की पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ जी भाजपा प्रत्याशी के तौर पर खड़ी हैं।

पूरा चुनाव‌ एक तरफ रत्ना देबनाथ जी की जीत एक तरफ, ये कोई आम चुनाव नहीं है बल्कि व्यवस्था के विरोध में एक माँ का विद्रोह है।

✍️ : Sarth Arya

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