Indian farmer

Indian farmer किसानों की आवाज
एक दाता दूसरा अन्नदाता

मेरे जज्बातों से इस तरह वाकिब है मेरी कलम,मैं इश्क लिखना चाहूं ' तो इंकलाब लिखा जाता है।~ भगत सिंह
28/09/2024

मेरे जज्बातों से इस तरह वाकिब है मेरी कलम,
मैं इश्क लिखना चाहूं ' तो इंकलाब लिखा जाता है।
~ भगत सिंह

 #हर  #हर   #महादेव
26/09/2024

#हर #हर #महादेव

19/09/2024

बताओ रोटी पे किसकी फोटो है??🤔 ❤️
नजर का टेस्ट है🧐

धरतीपुत्र ही पहचान सकते हैं 🤗
रोटी का असली मालिक

नवदीप भाई  का PODCAST देखा Shubhankar Mishra के साथ । क्या  #ग़ज़ब वार्तालाप है यार ।  #दिल ख़ुश हो गया सुनकर ।  #हंसी ,...
19/09/2024

नवदीप भाई का PODCAST देखा Shubhankar Mishra के साथ । क्या #ग़ज़ब वार्तालाप है यार । #दिल ख़ुश हो गया सुनकर ।
#हंसी , #मज़ाक , #ख़ुशी , #ग़म , #सीख , #हार , #जीत , हौंसला , पाना , खोना सब है इस वार्तालाप में । हर किसी को सुनना चाहिए ।

सच में भारत का असली सोना है NAVDEEP SINGH । SALUTE YOU 🫡

देश के लिए मैडल लाने वाले हर पैरा खिलाड़ी को दिल से सलाम 🙏🏻🙏🏻🙏🏻

19/09/2024
20/07/2022

सादी छाछ का पैकेट 10 रुपये व मसाला वाली 12 रुपये में मिलती थी।

मोईजी ने 5%जीएसटी लगाया था।मोईजी के चेलों ने आपदा को अवसर समझ लिया है!

सीधे 16 रुपये प्रति पैकेट रेट हो गई!बढ़िया चल रहा है!

किसानों को अब छाछ का महत्व समझ लेना चाहिए।मुफ्त में बांटकर हनुमान बनकर गर्व की अनुभूति वाले दिन लद गए है।

10 हजार की पैकिंग मशीन आती है।खा-पी लो और बची हुई को थैली में पैक करके बाजार में भेजो।

गेहूँ की एमएसपी के लिए लड़ना छोड़ दो।घर पर चक्की लगाओ और पैक करके बाजार में सप्लाई करो।दिल्ली में चक्की आटा 35 रुपये/किलो बिक रहा है।

अन्नदाता की भौकाल से बाहर निकलो और अन्न विक्रेता बनोगे तो ही बात पार जाएगी।

जब 80 करोड़ लोग मुफ्त का राशन लेकर खुश है तो आप हर जगह चौधरी मत बनो।सबको अपने हिस्से का योगदान देने दो।

किसानों के पास अपना धान है,गाय-भैंस है।अपना जमा करो,खाओ व बचे हुए को मुफ्त में बांटने के बजाय बेचने पर आ जाओ।

पराली बहुत कीमती है।इनके बिना गौशाला एक सप्ताह नहीं चल सकती।तुड़ी है तो पूंजी की पूड़ी है।मुफ्त में देने का मतलब है तुम अपनी मेहनत व पूंजी से अपने दुश्मन तैयार कर रहे हो।

अगर बेरोजगार युवा छाछ एकत्रित करके पैकिंग करे व बेचें तो कमाई करोड़ों में और दुश्मन कोड़ियों में बिकेंगे।समय की नजाकत समझो।

17/07/2022

#विज्ञान_वनाम_शास्त्र_विधि 🌻🌻🌻🌻

जब किसी की मृत्यु होती थी तब भी 13 दिन तक उस घर में कोई प्रवेश नहीं करता था। यही Isolation period था। क्योंकि मृत्यु या तो किसी बीमारी से होती है या वृद्धावस्था के कारण जिसमें शरीर तमाम रोगों का घर होता है। यह रोग हर जगह न फैले इसलिए 14 दिन का quarantine period बनाया गया।

जो शव को अग्नि देता था उसको घर वाले तक नहीं छू सकते थे 13 दिन तक। उसका खाना पीना, भोजन, बिस्तर, कपड़े सब अलग कर दिए जाते थे। तेरहवें दिन शुद्धिकरण के पश्चात, सिर के बाल हटवाकर ही पूरा परिवार शुद्ध होता था ।

तब भी आप बहुत हँसे थे। bloody indians कहकर मजाक बनाया था।

जब किसी रजस्वला स्त्री को 4 दिन isolation में रखा जाता है ताकि वह भी बीमारियों से बची रहें और आप भी बचे रहें तब भी आपने पानी पी पी कर गालियाँ दी। और नारीवादियों को कौन कहे वो तो दिमागी तौर से अलग होती हैं उन्होंने जो जहर बोया कि उसकी कीमत आज सभी स्त्रियाँ तमाम तरह की बीमारियों से ग्रसित होकर चुका रही हैं।

जब किसी के शव यात्रा से लोग आते हैं घर में प्रवेश नहीं मिलता है और बाहर ही हाथ पैर धोकर स्नान करके, कपड़े वहीं निकालकर घर में आया जाता है, इसका भी खूब मजाक उड़ाया आपने।

आज भी गांवों में एक परंपरा है कि बाहर से कोई भी आता है तो उसके पैर धुलवायें जाते हैं। जब कोई भी बहू लड़की या कोई भी दूर से आता है तो वह तब तक प्रवेश नहीं पाता जब तक घर की बड़ी बूढ़ी लोटे में जल लेकर, हल्दी डालकर उस पर छिड़काव करके वही जल बहाती नहीं हों, तब तक। खूब मजाक बनाया था न।

इन्हीं सवर्णों को और ब्राह्मणों को अपमानित किया था जब ये गलत और गंदे कार्य करने वाले माँस और चमड़ों का कार्य करने वाले लोगों को तब तक नहीं छूते थे जब क वह स्नान से शुद्ध न हो जाय।

आज जब आपको किसी को छूने से मना किया जा रहा है तो आप इसे ही विज्ञान बोलकर अपना रहे हैं। Quarantine किया जा रहा है तो आप खुश होकर इसको अपना रहे हैं ।
पर शास्त्रों के उन्हीं वचनों को तो ब्राह्मणवाद/मनुवाद कहकर आपने गरियाया था और अपमानित किया था।
आज यह उसी का परिणति है कि आज पूरा विश्व इससे जूझ रहा है।

याद करिये पहले जब आप बाहर निकलते थे तो आप की माँ आपको जेब में कपूर या हल्दी की गाँठ इत्यादि देती थी रखने को।
यह सब कीटाणु रोधी होते हैं।
शरीर पर कपूर पानी का लेप करते थे ताकि सुगन्धित भी रहें और रोगाणुओं से भी बचे रहें।
लेकिन सब आपने भुला दिया।

आपको तो अपने शास्त्रों को गाली देने में और ब्राह्मणों को अपमानित करने में उनको भगाने में जो आनंद आता है शायद वह परमानंद आपको कहीं नहीं मिलता।

अरे समझो अपने शास्त्रों के level के जिस दिन तुम हो जाओगे न तो यह देश विश्व गुरु कहलायेगा।

तुम ऐसे अपने शास्त्रों पर ऊँगली उठाते हो जैसे कोई मूर्ख व्यक्ति के मूर्ख 7 वर्ष का बेटा ISRO के कार्यों पर प्रश्नचिन्ह लगाए।

अब भी कहता हूँ अपने शास्त्रों का सम्मान करना सीखो। उनको मानो। बुद्धि में शास्त्रों की अगर कोई बात नहीं घुस रही है तो समझ जाओ आपकी बुद्धि का स्तर उतना नहीं हुआ है। उस व्यक्ति के पास जाओ जो तुम्हे शास्त्रों की बातों को सही ढंग से समझा सके।
लेकिन गाली मत दो उसको जलाने का दुष्कृत्य मत करो।

जिसने विज्ञान का गहन अध्ययन किया होगा वह शास्त्र वेद पुराण इत्यादि की बातों को बड़े ही आराम से समझ सकता है correlate कर सकता है और समझा भी सकता है।

Note it down Mark my words again

पता नहीं कि आप इसे पढ़ेंगे या नहीं लेकिन मेरा काम है आप लोगों को जगाना जिसको जगना है या लाभ लेना है वह पढ़ लेगा।
यह भी अनुरोध है कि आप भले ही किसी भी जाति/समाज से हों धर्म के नियमों का पालन कीजिये इससे इहलोक और परलोक दोनों सुधरेगा।

॥सर्वे भवन्तु सुखिनः सवेँसनतु निरामया:॥
🔱जयशिवा 🔱

बाजरा मक्का ज्वार में खरपतवार नाशक
17/07/2022

बाजरा मक्का ज्वार में खरपतवार नाशक

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