08/07/2026
#कलयुगी_बेटी_की_खतरनाक_प्लानिंग..
भरतपुर। जयपुर के प्रताप नगर में 3 जुलाई को हुए सनसनीखेज हिट-एंड-रन केस का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह कोई आम हादसा नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी और करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए एक सगी बेटी द्वारा रची गई खौफनाक मर्डर प्लानिंग थी, जिसकी पूरी स्क्रिप्ट भरतपुर में लिखी गई। पुलिस ने मृतका की बेटी और जेठ समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, प्रताप नगर निवासी नीरज शर्मा (45) के पति कोर्ट में एलडीसी थे, जिनकी मौत के बाद नीरज को अनुकंपा के आधार पर यह सरकारी नौकरी मिली थी। नीरज की 23 वर्षीय बेटी आयुषी शर्मा खुद यह नौकरी और प्रॉपर्टी चाहती थी। मां के न मानने पर आयुषी ने अपने ताऊ मोहन स्वरूप निवासी सेवर, भरतपुर और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि के साथ मिलकर हत्या की खौफनाक साजिश रची। इन्होंने भरतपुर के बयाना निवासी सुपारी किलर हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपए की सुपारी दी। आरोपियों ने पहले भरतपुर से एक थार गाड़ी रेंट पर लेकर रेकी की, लेकिन कामयाबी न मिलने पर दोबारा रेकी कर सफेद स्कॉर्पियो का इंतजाम किया। 3 जुलाई को जब नीरज अपने बेटे को कोचिंग छोड़कर पैदल लौट रही थीं, तब करीब 130 किमी/घंटा की रफ्तार से आ रही स्कॉर्पियो ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद बेटी आयुषी ने भरतपुर के बयाना में रहने वाले अपने मामा राकेश कुमार शर्मा को फोन कर रोने का नाटक किया। चूंकि नीरज ने पहले ही भाई राकेश को बेटी, सास और जेठ द्वारा प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी की बात बताई थी, इसलिए शक होने पर मामा ने मर्डर का केस दर्ज कराया। प्रताप नगर थाना पुलिस और हेड कॉन्स्टेबल दयाराम ने सीसीटीवी व स्थानीय इनपुट्स की मदद से भरतपुर की इस पूरी 'टोली' का पर्दाफाश किया। वारदात के वक्त रूपवास (भरतपुर) का रहने वाला आकाश शर्मा स्कॉर्पियो चला रहा था, जबकि गहनोली मोड़ (भरतपुर) का अरविंद शर्मा पास वाली सीट पर बैठा था। गहनोली मोड़ के ही मोहित शर्मा ने बाइक से रेकी कर पल-पल की लोकेशन दी और रोहित जाटव निवासी गहनोली मोड़ बैकअप के लिए खड़ा था। हत्या के बाद मुख्य आरोपी गाड़ी छोड़कर सेवर (भरतपुर) भाग गए थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य सूत्रधार बेटी आयुषी, ताऊ मोहन स्वरूप, सुपारी किलर हेमंत, ड्राइवर आकाश, सह-आरोपी अरविंद, मुखबिर मोहित और मददगार रोहित जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस साजिश में शामिल फरार चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि की गिरफ्तारी के लिए भरतपुर और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही है।