23/03/2026
शहीद दिवस पर
नमन करो रणधीरों को
भूला इतिहास उन वीरों को
उन बहनों को उन माँओ को
जहां पले-बढ़े उन गांवों को।।
न नाम पे जिनके राह कहीं
पीढ़िया गुम, कराह रहीं
मर गए जो गली चौबारों मे
नही दिखे कभी इश्तिहारों मे।।
वो भी थे परिवार के सपने
सगे सम्बन्धी भी थे अपने
देश हित सबकुछ त्यागे
मौत अपना ली, नही भागे।।
भारत में नहीं बचा भारतीय
नासूर बना शब्द जातीय
कोई पंडित है कोई पासी है
कोई गुजराती, मद्रासी है
त्याग को कर , मिट्टी पलीद
याद बस करते जो हुए शहीद
था राष्ट्रवाद, शहिदी सपना
जोड़ जाति कहते हम अपना ।
अंग्रेजो से ज्यादा खतरनाक
वे बांटे, हम कर रहे फ़ांक
बेशर्मी का हद कर डाला
शहीदो को जड़ी,जातिमाला।
गांधीजी बने बनिया भारी
आजाद से, पंडित,तिवारी
पटेल रह गये कुर्मी नेता
मौलाना मुस्लिम प्रणेता
भारत को हम हैं तोड़ रहे
बलिदान स्वार्थ को जोड़ रहे
जातियाँ हो रही महिमामंडित
राष्ट्रधर्म को कर खंडित।
गोलियों की सुनते रहे लोरी
बम पलीते सपनों की डोरी
हर कदम था मौत के कुएँ में
हर सांस बारूद की धुएँ में।
कुर्बान होने मे था महारत
सहर्ष स्वीकारते गये शहादत।
परिवार उनका उनससे त्यागी
राष्ट्रभावना जन्म से जागी ।
वे सोते थे मौत की छाती पर
रख ध्यान भारत की ख्याति पर
रखते थे दिल मे उद्देश्य इक
भारतीय रहे सुरक्षित निर्भीक । ।
सह आस्तित्व, संयमी आचार
एक भारत, नही अनाचार
भारत हो विश्व मे बलशाली
बने आत्मनिर्भर व शक्तिशाली।
शहीद दिवस पर खायें कसम
भगत सिंह, सुखदेव बनेंगे हम
राजगुरु सम,चढ़ जायें बलि
शहीदों को सच्ची श्रद्धांजली ।।
नमन,🙏