30/10/2025
एक छोटे से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही साधारण परिवार से था। उसके पिता किसान थे और माँ घर का काम संभालती थीं। आरव पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन पैसों की कमी के कारण अक्सर उसे समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
एक दिन स्कूल में शिक्षिका ने घोषणा की—
"अगले महीने विज्ञान प्रदर्शनी होगी, जिसे सबसे अच्छा प्रोजेक्ट मिलेगा, उसे शहर की बड़ी स्कूल में स्कॉलरशिप मिलेगी।"
आरव यह सुनकर बहुत खुश हुआ, क्योंकि वह जानता था कि अगर उसे यह मौका मिला, तो उसका भविष्य बदल सकता है। लेकिन समस्या यह थी कि उसके पास प्रोजेक्ट बनाने के लिए सामग्री खरीदने के पैसे नहीं थे।
उसने घर आकर पिता से कहा।
पिता मुस्कुराए और बोले:
"बेटा, हमारे पास भले ही पैसे कम हैं, लेकिन मेहनत की कमी नहीं है। जहाँ इच्छा होती है, वहाँ राह खुद बन जाती है।"
आरव का हौसला बढ़ गया। वह अपने गाँव में पड़े पुराने टिन, टूटी हुई वायर, लकड़ी के टुकड़े और फेंके हुए सामान इकट्ठा करने लगा। उसने इंटरनेट पर स्कूल लाइब्रेरी से सोलर एनर्जी के बारे में पढ़ा और सोलर लाइट का छोटा मॉडल बनाना शुरू किया।
लोग मज़ाक उड़ाते थे—
"कबाड़ से क्या बना लेगा?"
लेकिन आरव चुपचाप मेहनत करता रहा।
प्रदर्शनी के दिन जब उसका मॉडल जलकर रोशनी देने लगा, तो पूरा स्कूल तालियों से गूँज उठा। उसका प्रोजेक्ट सबसे अनोखा और उपयोगी था।
उसे पहला स्थान मिला और स्कॉलरशिप भी।🙏🙏