14/04/2026
जब समाज किसी को मुजरिम मान चुका हो, तब उसे बेगुनाह साबित करना एक वकील का सबसे बड़ा धर्म होता है। ⚖️
सिहोरा न्यायालय से एक ऐसा फैसला आया है, जिसने न्याय व्यवस्था पर भरोसे को और मजबूत कर दिया है। एक 23 वर्षीय युवक को जमीनी रंजिश के चलते POCSO और बलात्कार के प्रयास जैसे गंभीर और घिनौने आरोपों में फंसाया गया था।
कल्पना कीजिए उस परिवार के दर्द की, जिस पर समाज ने झूठे कलंक लगा दिए हों। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के रूप में, यह मेरी जिम्मेदारी थी कि अदालत के सामने अभियोजन की मनगढ़ंत कहानी को तोड़ा जाए। गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास थे, और मजबूत जिरह (Cross-examination) के सामने झूठ टिक नहीं सका। माननीय न्यायालय ने सबूतों की बारीकी से जांच की और आरोपी को सभी आरोपों से दोषमुक्त (Acquitted) कर दिया।
एक वकील के तौर पर मेरी सबसे बड़ी फीस उस परिवार की आँखों में खुशी के आंसू और यह अहसास है कि— इंसाफ हुआ है। सत्यमेव जयते! 🇮🇳