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09/03/2026

मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रूम का विडियों दिखाकर लोगों से इनवेस्ट करवाने के नाम पर ठगी करने वाली गैंग पकड़ी

बाड़मेर पुलिस बेड़े में तैनात पुलिसकर्मी का गैंग दबोचा!
डीएसटी साउथ प्रभारी विशम्भर ने मलेशिया से संचालित बिटकाईन माईनिंग में इनवेस्ट करवाकर करीब 10 करोड़ की ठगी का खेल का किया खुलासा
होटल पदमावती पैलेस किंग्स रोड़ से दौराने मीटिंग दौरान तीन लोग दबोचे
मुख्य सरगना जितेन्द्र सिंह राजपूत,अविनाश शर्मा व चमनसिंह राजपूत को किया गिरफ्तार
दो आईडी में करीब 1.98 करोड की डॉलर का लेनदेन का अनुसंधान दौरान पता चला
आरोपियों के पास से 10 एटीएम कार्ड, 37 मलेशियाई करेन्सी (रिन्गिट), 40 यूएई की करेन्सी (दिरहम), एक लैपटॉप, 4 मोबाईल व 1 करेन्सी काउन्टिंग की मशीन बरामद
मलेशिया में लगे माइनिंग सर्वर रूम का विडियों दिखाकर लोगों को इनवेस्ट करवाकर लोगों से ठगी करते थे
गैंग से मिले बैंक खातो को विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साईबर पोर्टल पर 7 शिकायत है दर्ज
डीसीपी साउथ राजर्षि राज के सुपरविजन में हुई संपूर्ण कार्रवाई

16/02/2026

भिवाड़ी में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 8 मौत, LIVE वीडियो में देखिए मौत की दर्दनाक तस्वीरें

14/02/2026

जयपुर में हिस्ट्रीशीटर का खौफनाक कारनामा
कार से खींचकर दो युवतियों को सड़क पर पीटा, वीडियो वायरल होने पर FIR दर्ज
ब्लैक स्कॉर्पियो से रास्ता रोका, हाथ मरोड़कर थप्पड़ और लात-घूंसों से की बेरहमी से मारपीट, विधायकपुरी थाना पुलिस की कार्रवाई

जयपुर। राजधानी जयपुर में एक हिस्ट्रीशीटर की गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने देर रात सड़क पर दो युवतियों के साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोपी ने कार के अंदर बैठी युवती को जबरन खींचकर बाहर निकाला और दोनों युवतियों को सड़क पर गिराकर थप्पड़, लात और घूंसों से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विधायकपुरी थाना SHO नरेंद्र कुमार ने बताया कि मालवीय नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर मनीष सैनी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आरोपी युवक दो युवतियों के साथ मारपीट करता साफ दिखाई दे रहा है।
पुलिस कॉन्स्टेबल रामपाल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने वायरल वीडियो की जांच की, जिसमें आरोपी की पहचान हिस्ट्रीशीटर मनीष सैनी के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मनीष सैनी ने अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो कार को एक टैक्सी कार के आगे लगाकर उसका रास्ता रोक लिया। वीडियो में दिख रहा है कि एक युवती कार के बाहर खड़ी होकर आरोपी को रोकने की कोशिश कर रही है, जबकि दूसरी युवती टैक्सी कार के अंदर बैठी हुई थी। इसी दौरान आरोपी जबरन टैक्सी का दरवाजा खोलता है और अंदर बैठी युवती को खींचकर बाहर निकाल देता है। युवती सड़क पर गिर जाती है, जिसके बाद आरोपी दोनों युवतियों के हाथ मरोड़ता है और उन्हें थप्पड़ मारते हुए लात-घूंसों से बेरहमी से पीटता है।घटना के दौरान आरोपी का आक्रामक रवैया और युवतियों के साथ की गई हिंसा वीडियो में साफ नजर आ रही है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया है।

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस, लेकिन नहीं मिला आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह घटना 26 दिसंबर की रात करीब 1 बजे की है। विधायकपुरी थाना पुलिस की चेतक टीम को सूचना मिली थी कि जगन पथ, चौमूं हाउस स्थित होटल शिव महिमा के पास एक युवक दो युवतियों के साथ मारपीट कर रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था। पुलिस को मौके से कोई भी व्यक्ति नहीं मिला, जिसके कारण उस समय मामला दर्ज नहीं हो सका। जांच के दौरान पुलिस को इस घटना से जुड़े दो अन्य वीडियो भी मिले हैं। एक वीडियो में दोनों युवतियां होटल के बाहर आरोपी के साथ बहस और गाली-गलौच करती नजर आ रही हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में आरोपी एक युवती के साथ होटल के अंदर जाता हुआ दिखाई दे रहा है। होटल प्रबंधन से पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और युवतियां होटल में कमरा लेने पहुंचे थे, लेकिन होटल में कमरे उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मना कर दिया गया था। इसके बाद ही उनके बीच विवाद हुआ, जो बाद में मारपीट में बदल गया।

कंट्रोल रूम तक पहुंचा वीडियो, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

पिछले दिनों इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यह वीडियो पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंचा। कंट्रोल रूम ने वीडियो को विधायकपुरी थाना पुलिस को भेजा और मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। वीडियो की जांच और आरोपी की पहचान होने के बाद पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मनीष सैनी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद एक बार फिर राजधानी में हिस्ट्रीशीटरों की गुंडागर्दी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की

13/02/2026

जयपुर में मंदिरों में सिलसिलेवार चोरी का पर्दाफाश

खोराबीसल थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन नकबजन गिरफ्तार, आधा किलो चांदी के आभूषण बरामद

जयपुर,
राजधानी जयपुर के खोराबीसल थाना क्षेत्र में मंदिरों को निशाना बनाकर की जा रही सिलसिलेवार चोरियों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर नकबजनों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदातों का पर्दाफाश किया। आरोपियों के कब्जे से करीब आधा किलो चांदी के आभूषण, नकदी और ताले तोड़ने के औजार बरामद किए गए हैं।
8 फरवरी को चार मंदिरों में एक साथ धावा
पुलिस के अनुसार 8 फरवरी की रात चार मंदिरों और मुख्य दरवाजों के ताले तोड़कर चोर अंदर घुसे थे। आरोपियों ने मंदिरों में रखे छत्र, मुकुट, सिंहासन, कटोरी, सीतामाता की नाक की नथ, एक छत पंखा और शिवमंदिर का दानपात्र तक चोरी कर लिया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था।
परिवादी रामबाबू शर्मा ने मामले में थाना खोराबीसल में प्रकरण संख्या 61/2026 धारा 305 (डी) और 331 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कराया था।
CCTV फुटेज से मिला सुराग
घटना के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास और बेनाड़ रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से संदिग्धों की पहचान की गई।
ये आरोपी चढ़े पुलिस के हत्थे
पुलिस ने मोहનલाल सैनी, मंगलचंद सैनी उर्फ बलदेव और सुवालाल चौधरी उर्फ सुनील को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने खोराबीसल, हरमाड़ा, बिंदायका, कालाडेरा और गोविंदगढ़ सहित आधा दर्जन से अधिक मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया है।
दिन में रेकी, रात में वारदात
जांच में सामने आया कि आरोपी दिन में मंदिरों की रेकी करते थे और रात को सुनसान समय में ताले तोड़कर वारदात को अंजाम देते थे। गिरफ्तारी के समय भी आरोपियों के पास ताले तोड़ने के औजार मिले हैं। वारदात के दौरान पहचान छुपाने के लिए आरोपी चेहरे पर नकाब पहनते थे।
पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में चोरी, नकबजनी और अवैध गांजा बेचने के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।
धार्मिक स्थलों को बना रहे थे आसान निशाना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी धार्मिक स्थलों को आसान निशाना समझकर लगातार वारदात कर रहे थे। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के चलते गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया गया है।
फिलहाल तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।

दरिंदगी की इंतिहा8 महीने की मासूम बेटी की गला रेतकर पिता ने की हत्या सांगानेर के मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में सनसनी, घरे...
13/02/2026

दरिंदगी की इंतिहा
8 महीने की मासूम बेटी की गला रेतकर पिता ने की हत्या
सांगानेर के मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में सनसनी, घरेलू झगड़े ने ली मासूम की जान

जयपुर।
राजधानी जयपुर के पूर्वी जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। महज 8 महीने की मासूम शहनाज, जो ठीक से बोल भी नहीं पाई थी, उसे उसके ही पिता ने मौत के घाट उतार दिया। सांगानेर स्थित मालपुरा गेट थाना क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
आरोपी पिता शादाब ने घरेलू विवाद के बाद अपनी ही बेटी का धारदार कैंची से गला रेत दिया और फिर खुद को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का नाटक रचने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घरेलू विवाद से शुरू हुआ खूनी खेल

मालपुरा गेट थाना प्रभारी उदयभान सिंह के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 8 माह की बेटी शहनाज की हत्या कर दी गई है। महिला ने सीधे तौर पर अपने पति शादाब पर आरोप लगाया। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के भीतर का मंजर रोंगटे खड़े कर देने वाला था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला कुछ दिन पहले अपने मायके से पिता के साथ जयपुर आई थी। उसका पति शादाब पुणे में था, लेकिन पत्नी के आने के बाद वह भी जयपुर पहुंच गया और साथ रहने लगा। 6 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे पति-पत्नी के बीच ससुराल जाने को लेकर कहासुनी हो गई। शादाब पत्नी को तुरंत ससुराल ले जाना चाहता था, जबकि पत्नी ने तीन दिन बाद जाने की बात कही। इसी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि शादाब ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी।

बीच-बचाव करने आए साले पर भी हमला

हंगामे के दौरान पत्नी का भाई सोहिल बीच-बचाव करने पहुंचा, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हुए और किसी तरह झगड़ा शांत कराया। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को सन्न कर दिया। आरोपी शादाब ने साले सोहिल की गोद से अपनी 8 माह की बेटी शहनाज को जबरन छीन लिया और कमरे में घुसकर दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

मासूम पर उतारा गुस्सा, कैंची से रेत दिया गला

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने कमरे के अंदर धारदार कैंची से अपनी ही बेटी का गला रेत दिया। मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इसके बाद उसने बच्ची के शव को कंबल में छुपा दिया। घटना को आत्महत्या जैसा दिखाने के लिए आरोपी ने खुद को फंदे से लटकाने की कोशिश की। जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों और पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। बिस्तर पर कंबल के नीचे खून से लथपथ मासूम शहनाज की लाश पड़ी थी, जबकि आरोपी घायल अवस्था में मिला।

अस्पताल में मचा कोहराम

परिजन तुरंत बच्ची को लेकर जयपुर के अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी को भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त जयपुर (पूर्व) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और तकनीकी जांच शुरू की गई।

पूछताछ में टूटा आरोपी, हुआ गिरफ्तार

मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर आरोपी के बयान संदिग्ध पाए गए। कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने 19 वर्षीय शादाब को गिरफ्तार कर लिया।
शादाब मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और कुछ समय से जयपुर में रह रहा था। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घरेलू कलह ने ली मासूम की जान

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच पहले से विवाद चल रहा था। 6 फरवरी को हुए झगड़े के बाद आरोपी ने आवेश में आकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी की मानसिक स्थिति क्या थी और क्या घटना पूर्वनियोजित थी या अचानक गुस्से में की गई हरकत। घटना के बाद सांगानेर क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची के साथ इस तरह की क्रूरता अकल्पनीय है।
मासूम शहनाज की हत्या ने पूरे जयपुर को स्तब्ध कर दिया है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर एक पिता इतना बेरहम कैसे हो सकता है? यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि जब पारिवारिक विवाद बेकाबू हो जाते हैं, तो उनकी आग में सबसे पहले निर्दोष ही झुलसते हैं। 8 माह की शहनाज की मौत ने पूरे शहर की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।

13/02/2026

फलोदी के पंचायतीराज विभाग का कनिष्ठ सहायक निकला करोड़पति
भ्रष्टाचार खोर कनिष्क सहायक के अड्डों पर एसीबी का बड़ा छापा
938 प्रतिशत आय से अधिक संपत्ति का खुलासा, 75 लाख नकद और किलो भर सोना बरामद

जयपुर,
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, राजस्थान (एसीबी) ने पंचायतीराज विभाग के कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार (छींपा) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। अलसुबह की गई इस कार्रवाई में बीकानेर और फलोदी सहित पांच अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें अब तक करीब 75 लाख रुपये नकद, एक किलो से अधिक सोना, दो किलो चांदी, आलीशान मकान और 17 हेक्टेयर कृषि भूमि का खुलासा हुआ है।

गोपनीय शिकायत से खुला करोड़ों का खेल

एसीबी मुख्यालय को मिली गोपनीय शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कानासर, पंचायत समिति बाप, जिला फलोदी में पदस्थापित (हाल ग्राम पंचायत उदट) कनिष्ठ सहायक शुभकरण परिहार ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक अवैध संपत्ति अर्जित की है। शिकायत के सत्यापन के बाद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए—आरोपी ने अपनी वैध आय से 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति जुटाई। इस प्राथमिक जांच के बाद एसीबी ने मामला दर्ज कर विशेष टीमों का गठन किया और सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
बीकानेर से पुनरासर तक 5 ठिकानों पर एक साथ दबिश
एसीबी की टीमों ने बीकानेर शहर में जयनारायण व्यास कॉलोनी, वैष्णोधाम के सामने मातेश्वरी एन्कलेव, गंगाशहर क्षेत्र के बागीनाडा छींपो का मोहल्ला, आरोपी के गांव पुनरासर और ग्राम पंचायत कानासर (पंचायत समिति बाप, जिला फलोदी) में एक साथ छापेमारी की। पूरी कार्रवाई एसीबी रेंज बीकानेर के उपमहानिरीक्षक भूवन भूषण यादव के सुपरविजन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और आशीष कुमार के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और सभी स्थानों पर दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

नकदी और जेवरात का अंबार

अब तक की सर्च कार्रवाई में सामने आया है कि—
मातेश्वरी एन्कलेव स्थित मकान से लगभग 75 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। बीकानेर स्थित दो अलग-अलग मकानों से 1 किलो से अधिक सोना और करीब 2 किलो चांदी मिली। आरोपी के बीकानेर शहर में तीन आलीशान मकान होने की पुष्टि हुई। गांव पुनरासर में भी एक भव्य मकान मिला। करीब 17 हेक्टेयर कृषि भूमि के दस्तावेज भी मिले हैं। प्रारंभिक आकलन में संपत्ति की कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। एसीबी की टीमें अभी भी दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच में जुटी हैं।

भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में सर्च कार्रवाई जारी है और मामले में विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा।

पंचायतीराज विभाग में हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद पंचायतीराज विभाग में हड़कंप मच गया है। एक कनिष्ठ सहायक के पास करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों में भी चर्चा का माहौल है कि एक साधारण वेतनभोगी कर्मचारी के पास इतनी बड़ी संपत्ति आखिर कैसे और कब इकट्ठी हुई?

आगे क्या?

एसीबी अब आरोपी के बैंक खातों, निवेश, बेनामी संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच करेगी। आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आंकलन विस्तृत मूल्यांकन के बाद सामने आएगा। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर अब शिकंजा कसना तय है।

07/02/2026

राजस्थान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के चीफ किस तरफ ड्रग्स तस्करों शिकंजा कस रहे है सुनिये, कम समय कई बड़ी उपलब्धियां भी हासिल की है...

रिश्वतखोरी पर एसीबी का करारा प्रहारभरतपुर में समग्र शिक्षा कार्यालय के दो कनिष्ठ अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचेसुर...
06/02/2026

रिश्वतखोरी पर एसीबी का करारा प्रहार
भरतपुर में समग्र शिक्षा कार्यालय के दो कनिष्ठ अभियंता रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे
सुरक्षा जमा राशि लौटाने के बदले मांगी थी मोटी रिश्वत
23,400 रुपये लेते ही एसीबी ने बिछाया जाल, इंजीनियरों में मचा हड़कंप

जयपुर/भरतपुर।
राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भरतपुर जिले में एडीपीसी समग्र शिक्षा कार्यालय से जुड़े दो कनिष्ठ अभियंताओं को 23,400 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर की गई, जिससे सरकारी महकमों में खलबली मच गई है।

एसडी राशि लौटाने के बदले वसूली जा रही थी रिश्वत

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भरतपुर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया कि परिवादी द्वारा कराए गए कार्यों के बदले जमा कराई गई सुरक्षा जमा राशि (SD – सिक्योरिटी डिपॉजिट) लौटाने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि—धीरेन्द्र श्रीवास्तव, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), मुख्यालय, राकेश कुमार गुप्ता, कनिष्ठ अभियंता, कुम्हेर ब्लॉक (संविदा कर्मी) द्वारा परिवादी से 7.1 प्रतिशत कमीशन के हिसाब से कुल 23,400 रुपये की रिश्वत मांगी गई और लगातार दबाव बनाकर परेशान किया जा रहा था।

एसीबी ने रची ट्रैप योजना, रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी

शिकायत की सत्यता जांचने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। उप महानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह (एसीबी भरतपुर) के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी कनिष्ठ अभियंताओं ने परिवादी से 23,400 रुपये की रिश्वत ली, उसी समय एसीबी टीम ने दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

संविदा और स्थायी कर्मचारी—दोनों भ्रष्टाचार में लिप्त

इस मामले ने यह भी उजागर किया है कि भ्रष्टाचार की जड़ें केवल स्थायी अधिकारियों तक सीमित नहीं, बल्कि संविदा कर्मियों तक भी गहराई से फैली हुई हैं। समग्र शिक्षा जैसे संवेदनशील विभाग में रिश्वतखोरी सामने आने से प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज, पूछताछ जारी

एसीबी के महानिरीक्षक पुलिस राजेश सिंह के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है।
एसीबी द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि— क्या पूर्व में भी इसी तरह की वसूली की गई?
क्या अन्य ठेकेदार या कर्मचारी भी इस नेटवर्क का शिकार बने? विभाग में और कौन-कौन अधिकारी इसमें शामिल रहे?

एसीबी की सख्त चेतावनी

एसीबी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि
सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने या लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

विदेशी MBBS डॉक्टर बनाने का ‘डॉक्टर माफिया’ बेनकाब, SOG की कार्रवाई से मचा हड़कंपफर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफि...
06/02/2026

विदेशी MBBS डॉक्टर बनाने का ‘डॉक्टर माफिया’ बेनकाब, SOG की कार्रवाई से मचा हड़कंप
फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट से दिलाई जा रही थी डॉक्टर बनने की एंट्री
मुख्य सरगना सहित दो आरोपी गिरफ्तार, दर्जनों फर्जी डॉक्टर रडार पर

जयपुर।
राजस्थान में मेडिकल सिस्टम को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। विदेशी MBBS डिग्रीधारी छात्रों को फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट दिलाकर डॉक्टर बनाने वाले एक संगठित गिरोह का एसओजी (विशेष अनुसंधान समूह) ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।

FMGE पास कराए बिना बन रहे थे डॉक्टर!

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि विदेश से MBBS की डिग्री लेकर लौटे ऐसे अभ्यर्थी, जो FMGE परीक्षा पास नहीं कर पाए, उनके लिए गिरोह द्वारा कूटरचित FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार किए जा रहे थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कराया जाता था।

विदेश में बैठकर चला रहा था रैकेट, दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी

इस प्रकरण में मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानु लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में छिपता फिर रहा था।
एसओजी को इनपुट मिला कि आरोपी 02 फरवरी 2026 को दिल्ली पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही एसओजी टीम ने जाल बिछाया और 03 फरवरी 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल आरोपी 07 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में है।

कैसे चलता था फर्जी डॉक्टर बनाने का खेल?

जांच में सामने आया कि आरोपी भानाराम माली खुद विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर है। उसने अपने नेटवर्क के जरिए ऐसे डॉक्टरों को टारगेट किया जो FMGE परीक्षा में असफल हो चुके थे।

गिरोह द्वारा—
फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार किए जाते
मोटी रकम वसूल की जाती
RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन करवाया जाता
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर के रूप में एंट्री दिलाई जाती

73 से ज्यादा फर्जी डॉक्टरों की आशंका, नया केस दर्ज

एसओजी जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि करीब 73 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने विदेश से MBBS डिग्री तो ली, लेकिन FMGE परीक्षा पास नहीं की थी। इसके बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर इंटर्नशिप हासिल करने की कोशिश की गई। इस गंभीर खुलासे के बाद एसओजी ने 04 फरवरी 2026 को नया प्रकरण संख्या 8/2026 दर्ज कर लिया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

एक और आरोपी गिरफ्तार, खुद भी बना फर्जी डॉक्टर

इस रैकेट में शामिल इंद्राज सिंह गुर्जर को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इंद्राज सिंह ने खुद—
विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त की
FMGE परीक्षा पास नहीं की
दिसंबर 2022 का फर्जी FMGE स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट बनवाया
RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया
राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर में इंटर्नशिप पूरी कर ली
इतना ही नहीं, आरोपी ने अन्य अभ्यर्थियों को भी फर्जी सर्टिफिकेट दिलाने में मदद की।

डॉक्टरों की भूमिका पर भी उठे सवाल

एसओजी अब उन मेडिकल कॉलेजों, डॉक्टर्स और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने बिना समुचित सत्यापन के इंटर्नशिप और प्रशिक्षण की अनुमति दी।
प्रकरण में विदेश से MBBS कर लौटे डॉक्टरों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी
भानाराम माली उर्फ भानु – उम्र 30 वर्ष, निवासी खेजड़ा, तहसील रतनगढ़, जिला चूरू (हाल निवासी जयपुर)
इंद्राज सिंह गुर्जर – उम्र 27 वर्ष, निवासी करौली (हाल निवासी आगरा)

स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा खतरा

यह पूरा मामला देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इस रैकेट का खुलासा नहीं होता, तो बिना योग्यता के फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ करते रहते।
एसओजी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां संभव हैं।

06/02/2026

भगवान......मेरे पास प्रॉपर्टी नहीं है। इस फसल के पीछे ही मेरे बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं.....,मैं बच्चों की फीस कैसे जमा कराऊंगी....। मेरी फसल को मत उजाड़ो। पुलिस के सामने रोते हुए गुहार लगा रही ये महिला राजस्थान के चाकसू के कादेड़ा गांव की है। जिसकी कटने के लिए तैयार खड़ी फसल को प्रशासन ने लाठी के जोर पर टावर पर तार खींचने के लिए उजाड़ दिया।

किसान कड़ाके की ठंड में जाग-जाग कर अपने बच्चों और परिवार के लिए पालन पोषण के लिए खेती करता है मेहनत करता है। लेकिन कुछ बेरहम अधिकारी पूरी बेशर्मी के साथ उनकी फसल को उजाड़ देते हैं।

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