06/02/2026
विदेशी MBBS डॉक्टर बनाने का ‘डॉक्टर माफिया’ बेनकाब, SOG की कार्रवाई से मचा हड़कंप
फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट से दिलाई जा रही थी डॉक्टर बनने की एंट्री
मुख्य सरगना सहित दो आरोपी गिरफ्तार, दर्जनों फर्जी डॉक्टर रडार पर
जयपुर।
राजस्थान में मेडिकल सिस्टम को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। विदेशी MBBS डिग्रीधारी छात्रों को फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट दिलाकर डॉक्टर बनाने वाले एक संगठित गिरोह का एसओजी (विशेष अनुसंधान समूह) ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है।
FMGE पास कराए बिना बन रहे थे डॉक्टर!
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि विदेश से MBBS की डिग्री लेकर लौटे ऐसे अभ्यर्थी, जो FMGE परीक्षा पास नहीं कर पाए, उनके लिए गिरोह द्वारा कूटरचित FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार किए जा रहे थे। इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कराया जाता था।
विदेश में बैठकर चला रहा था रैकेट, दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी
इस प्रकरण में मुख्य आरोपी भानाराम माली उर्फ भानु लंबे समय से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए थाईलैंड, श्रीलंका, दुबई, कजाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों में छिपता फिर रहा था।
एसओजी को इनपुट मिला कि आरोपी 02 फरवरी 2026 को दिल्ली पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही एसओजी टीम ने जाल बिछाया और 03 फरवरी 2026 को दिल्ली एयरपोर्ट से आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल आरोपी 07 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में है।
कैसे चलता था फर्जी डॉक्टर बनाने का खेल?
जांच में सामने आया कि आरोपी भानाराम माली खुद विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त डॉक्टर है। उसने अपने नेटवर्क के जरिए ऐसे डॉक्टरों को टारगेट किया जो FMGE परीक्षा में असफल हो चुके थे।
गिरोह द्वारा—
फर्जी FMGE स्क्रीनिंग टेस्ट पास सर्टिफिकेट तैयार किए जाते
मोटी रकम वसूल की जाती
RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन करवाया जाता
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टर के रूप में एंट्री दिलाई जाती
73 से ज्यादा फर्जी डॉक्टरों की आशंका, नया केस दर्ज
एसओजी जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि करीब 73 ऐसे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने विदेश से MBBS डिग्री तो ली, लेकिन FMGE परीक्षा पास नहीं की थी। इसके बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट के दम पर इंटर्नशिप हासिल करने की कोशिश की गई। इस गंभीर खुलासे के बाद एसओजी ने 04 फरवरी 2026 को नया प्रकरण संख्या 8/2026 दर्ज कर लिया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
एक और आरोपी गिरफ्तार, खुद भी बना फर्जी डॉक्टर
इस रैकेट में शामिल इंद्राज सिंह गुर्जर को भी एसओजी ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इंद्राज सिंह ने खुद—
विदेश से MBBS डिग्री प्राप्त की
FMGE परीक्षा पास नहीं की
दिसंबर 2022 का फर्जी FMGE स्क्रीनिंग सर्टिफिकेट बनवाया
RMC में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया
राजीव गांधी मेडिकल कॉलेज, अलवर में इंटर्नशिप पूरी कर ली
इतना ही नहीं, आरोपी ने अन्य अभ्यर्थियों को भी फर्जी सर्टिफिकेट दिलाने में मदद की।
डॉक्टरों की भूमिका पर भी उठे सवाल
एसओजी अब उन मेडिकल कॉलेजों, डॉक्टर्स और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने बिना समुचित सत्यापन के इंटर्नशिप और प्रशिक्षण की अनुमति दी।
प्रकरण में विदेश से MBBS कर लौटे डॉक्टरों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
भानाराम माली उर्फ भानु – उम्र 30 वर्ष, निवासी खेजड़ा, तहसील रतनगढ़, जिला चूरू (हाल निवासी जयपुर)
इंद्राज सिंह गुर्जर – उम्र 27 वर्ष, निवासी करौली (हाल निवासी आगरा)
स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा खतरा
यह पूरा मामला देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इस रैकेट का खुलासा नहीं होता, तो बिना योग्यता के फर्जी डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ करते रहते।
एसओजी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे व गिरफ्तारियां संभव हैं।