20/04/2026
यह ख़बर देखी क्या! यूपी के कुशीनगर में एक बच्ची के साथ दरिंदगी हुई। दरिंदगी करने वाला सुरेंद्र था। जिसने स्कूल से लौटते वक्त बच्ची को अपने पास बुलाया और फिर दरिंदगी के बाद बेहोश करके छोड़ दिया। लेकिन इस बीच परिजनों ने स्कूल के प्रिंसपल नईमुद्दीन अंसारी पर आरोप लगा दिया। बस फिर क्या था हिंदूवादियों को मौका मिल गया, उन्होंने खूब हंगामा काटा, नईमुद्दीन को गिरफ्तार किया गया। और हर बार की तरह बेगुनाह साबित होने से पहले ही नईमुद्दीन को गुनहगार मान लिया गया।
नईमुद्दीन को यातनाएँ दी गईं, उनका बहिष्कार किया गया। हिन्दुवादी संगठनों के लिए तो ऐसे किसी मामले में ‘नईमुद्दीन’ का आरोपी हो जाना ही काफी होता है। उन्होंने जितना कर सकते थे, उतना हंगामा किया। जांच शुरू हुई, जांच में पता चला कि नईमुद्दीन तो बेगुनाह है। असली गुनहगार तो पीड़ित बच्ची का पड़ोसी सुरेंद्र है। पुलिस ने सुरेंद्र को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
अब सवाल यह है कि जो हिन्दुवादी संगठन बच्ची को इंसाफ दिलाने के नाम पर हंगामा कर रहे थे, वो अब क्यों खामोश हैं? जिन्होंने नईमुद्दीन का बहिष्कार किया, वो अब नईमुद्दीन से माफी क्यों नहीं मांगते? अब सुरेंद्र का विरोध करके दिखाएं, उसका बहिष्कार करके दिखाएं!