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29/03/2026

Best negotiating ever! 😆

03/03/2026

जो लोग आज एक कट्टर आतंकवादी खामेनेई की मौत पर दर्द भरे आंसू बहा रहे हैं वो लोग इस लड़की अतीफेह रजबी सहलीह के बारे मे पढ़ लें तो अगर उनके अन्दर जरा भी इंसानियत बची होगी तो नफरत हो जाएगी उस दरिंदे खामेनेई से,,,,,,,

कहते हैं इसी लड़की का श्राप ईरान को लगा है क्योंकि इस लड़की के फांसी के बाद से ईरान में कभी शांति नहीं रही,,,,,,,

सबसे क्रूर सजा दिए जाने का जो मामला दुनिया के सामने आया था, वो ईरान की 16 वर्षीय मासूम लड़की अतीफेह रजबी सहलीह का मामला है,,,,,,,

जिसके अंदर तनिक भी मानवता जीवित है, कहानी पढ़कर उसके रोंगटे खड़े हो जाएंगे,,,,,,,,

जब वह पांच साल की थी, तब एक कार दुर्घटना में अतेफे की मां की मृत्यु हो गई। बताया जाता है कि कुछ देर बाद उसका छोटा भाई नदी में डूब गया था। वह अपने वृद्ध दादा-दादी के साथ रहती थी,,,,,,

उसकी जिंदगी का असली बुरा दौर तो तब शुरू हुआ जब एक 51 वर्ष के रीटायर्ड गॉर्ड अली दराबी की उस पर बुरी नजर पड़ी,,,,

51 वर्ष के अली ने 15-16 साल की इस मासुम लड़की के साथ बलात्कार किया, एक या दो बार नहीं, बल्कि सैकड़ो बार,,,,,,,

दरअसल रजबी के परिवार को मजदूरी जैसे कामो की वजह से सारा दिन घर से बहार रहना पड़ता था और उसी दौरान अली दराबी उसे अपनी हैवानियत का शिकार बनता था उसने रजबी को बुरी तरह धमका दिया था कि अगर उसने किसी से कुछ भी कहा तो उसे और उसके परिवार को मार डालेगा,,,,,,

डरी सहमी रजबी घुट-घुट कर जीती रही और ये दरिंदा उस मासूम बच्ची को लगातार अपनी हैवानियत का शिकार बनता रहा और यह सिलसिला पुरे तीन साल तक चलता रहा,,,,,,

कहा जाता है कि रजबी ने एकबार अपने घर वालो को इस बारे में बताने की कोशिश की थी लेकिन उसके घर वालों ने उसे ही फटकार कर चुप करा दिया,,,,,,,,

लेकिन जब धीरे-धीरे इस दरिंदे की हैवानियत हद से ज्यादा बढ़ने लगी तब रजबी के पिता ने परिवार के लाख आग्रह के बाद जाकर पुलिस को इस बात की सुचना दी,,,,,,

हमारे कुछ बुद्धिजीवी जिस खाड़ी देश की सम्पनता का गुणगान करते नहीं थकते वहां का कानून कैसा है,,,,,,,

पुलिस को इस बात की खबर लगते ही पुलिस आरोपी के बजाये पीड़िता (रजबी) को ही थाने बुला कर उससे कड़ी पूछताछ की, और उसे वहीँ Crimes against chastity के आरोप में गिरफ्तार कर लिया,,,,,,

दरअसल इस्लामिक शरिया कानून के अनुसार, Crimes against chastity, सतित्वता (virginity) के उल्लंघन और यौन व्यवहार से संबंधित अपराध होता है, जिसमे गैर मर्द से किसी भी तरह के सम्बन्ध बनने पर महिला को ही सजा दी जाती है जब तक वो यह साबित न कर सके की उसने आरोपी को सम्बन्ध बनाने के लिए लालहित नहीं किया था,,,,,,

इस वजह से रजबी को सलाखों के पीछे डाल दिया गया यहाँ उसे अली से तो छुटकारा मिल गया लेकिन दरिंदगी अभी कम नहीं हुई थी,,,,

जी हाँ, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रजबी को थाने में भी बहूत ज्यादा प्रताड़ित (टॉर्चर) किया जाता था और कई पुलिस वाले बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म भी करते थे,,,,,,

काफी मशक्कत के बाद जब रजबी की दादी को उससे मिलने की इजाजत दी गई तो रिज्बी ने बताया कभी कभी तो उसके साथ इतनी दरिंदगी की जाती है की वो अपने पैरो पर खड़ी भी नहीं हो पाती उस दर्द कि वजह से उसे चलने के लिए भी अपने चारो हाथ-पैर के सहारे चलना पड़ता था,,,,,,

मामला कोर्ट मे जाने के बाद,,,,,,,
अब कोर्ट में आरोपी और पुलिस दोनो ने मिलकर ऐसी-ऐसी दलीले दी की मामला रजबी के ही खिलाफ जाने लगा फिर ऊपर से सरिया कानून,,,,

जज हाजी रेजाई (Haji Rezai) उल्टा रजबी को ही सजांये सुनाने लगा,,,,

जब अतीफा रजबी को एहसास हुआ कि वह अपना केस हार रही है, तो उसने अपनी सफाई देने के लिए जल्दबाजी में अपने चेहरे से हिजाब (बुर्का) को उठा लिया और कहा कि अदालत को उसे नहीं बल्कि इस अली दरबी को दंडित करना चाहिए,,,,,,,

लेकिन उस अक्ल के अंधे जज ने हिजाब हटाने को अदालत का घोर अपमान बताते हुए रजबी को उम्र कैद की सजा सुना दी,,,,,

यह सुन रिज्बी गुस्से गुस्से से लाल हो गई, और होती भी क्यों न, इतना अन्याय झेलने के बाद भी उसे इन्साफ देने के बजाए वापस उसी नर्क में भेजा जा रहा था उसे तो केवल वही जेल के दर्दनाक पल याद आ रहे होंगे,,,,,,

इसलिए उसने विरोध में अपनी जूती निकाल कर जज की ओर फेक दी और इससे जज हाजी रेजाई इतना बौखला गया की उसने तुरंत उस बच्ची को फांसी की सजा सुना दी,,,,,,,

15 अगस्त 2004 को ईरान के नेका में उसे एक क्रेन से लटका कर बीच बाजार सरेआम फां*सी दी गई,,,,,,,

बीबीसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ऑफ अपील में जो दस्तावेज पेश किए गए थे उन दस्तावेजों में उस लड़की की उम्र 22 साल बताई गई है,,,,,,

लेकिन अगर उनके जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र की माना जाए तो फांसी के वक्त वो 16 साल की थी,,,,,,

ये कैसा न्याय है? ये कैसा कानून है? क्या यही है ईरान जैसे मुस्लिम देशों की महिलाओं की जिंदगी की असली तस्वीर,,,,,,

और आप ये मत सोचना की ये केवल पहला मामला है अरे ये तो ईरान से निकल कर बाहर की दुनिया तक पहुंचने वाला पहला मामला है,,,,,

और ईरान, ईराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान आदि देशों मे ऐसे मामले लाखों की संख्या मे होंगे,,,,,,

ऐसे क्रूर कानून की वजह से ना जाने कितनी निर्दोष बालिकाएं मौ*त के घाट उतार दी जाती होगी,,,,,

जिस रफ्तार से सोना और चांदी भाग रहे हैं, लगता है दोनों ने ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी है। नतीजा ये कि पूरे मार्केट में ह...
26/01/2026

जिस रफ्तार से सोना और चांदी भाग रहे हैं, लगता है दोनों ने ओलंपिक की तैयारी शुरू कर दी है। नतीजा ये कि पूरे मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है। रोज़ सुबह दुकान खोलने से पहले व्यापारी भाव नहीं, भगवान का नाम ज़्यादा ले रहा है।
बड़ी-बड़ी पार्टियों के फैल होने की खबरें ऐसे आ रही हैं जैसे न्यूज़ चैनल पर “ब्रेकिंग न्यूज़” नहीं, “ब्रेकिंग व्यापारी” चल रहा हो।

अभी इंदौर की एक पार्टी के 1800 करोड़ में दिवालिया होने की खबर ने तो पूरे बाजार को ऐसा झटका दिया है कि लोगों ने मोबाइल से कैलकुलेटर ऐप ही डिलीट कर दिया—अब जोड़ने से डर लगने लगा है। बैंक डिफॉल्टर की खबरें अलग से नमक छिड़क रही हैं।
राजकोट, सूरत, अहमदाबाद, मुंबई, कोलकाता, जयपुर, दिल्ली, हैदराबाद—ऐसा लग रहा है मानो ये शहर नहीं, “नुकसान टूर पैकेज” हों।

ऊपर से आगरा में एक एजेंट साहब 200 किलो चांदी और सोना लेकर ऐसे गायब हुए जैसे वो माल नहीं, जादू की छड़ी हो। ज्वैलरों की हालत ये है कि अब दुकान में बैठकर ग्राहक से पहले अपने ही स्टाफ को शक की नज़र से देख रहे हैं।

और ये तो बस ट्रेलर है…
पूरी पिक्चर अभी बाकी है। लिस्ट इतनी लंबी आने वाली है कि एक्सेल शीट भी हैंग हो जाए।

भाव इतने ऊपर चले गए हैं कि आम आदमी ज्वैलरी खरीदने की सोचता भी नहीं—अब तो सोना देखने के लिए भी हिम्मत चाहिए। नतीजा: ज्वैलरी मार्केट में ऐसा सन्नाटा है कि मच्छर भी उधार पर काटने आ रहा है।

मोटे अनुमान के हिसाब से भारत में सोना-चांदी की सट्टेबाज़ी में करीब 15 लाख करोड़ रुपये हवा हो चुके हैं।
और मज़ेदार बात ये है कि सिर्फ ज्वैलर्स ही नहीं, बाकी व्यापारियों ने भी अपने-अपने बिज़नेस से पैसा निकालकर सोना-चांदी में डाल दिया।
अब हालत ये है कि सबका पैसा तिजोरी में बंद है और मार्केट में पेमेंट का चक्का पंचर।

इसका असर हर लाइन में दिख रहा है।
कपड़ा मार्केट में न पेमेंट आ रहा है, न व्यापारी माल लेने निकल रहा है। रिटेल की हालत ऐसी है कि दुकान खुली है, खर्चे दौड़ रहे हैं और ग्राहक वॉक पर निकले हुए हैं।

रिटेलर्स पर किराया, स्टाफ की सैलरी, ब्याज और पुराना स्टॉक ऐसा लटका है जैसे सिर पर चार छाते खोल दिए हों—और बारिश फिर भी नहीं हो रही।
शादी का सीजन होने के बावजूद ग्राहकी का न आना साफ इशारा कर रहा है कि आने वाला समय “सेल” नहीं, “सेल्फ कंट्रोल” का है।

जब तक पुराना पेमेंट नहीं आएगा, नया माल कैसे आएगा?
और जो पेमेंट था, वो या तो सोना-चांदी में चला गया या प्रॉपर्टी में फँस गया।
नतीजा: व्यापार हर लाइन में ठहरा हुआ है—ना चाल, ना चालाकी।

फाइनेंस मार्केट पहले ही चौपट है, शेयर मार्केट रोज़ ऐसा गिर रहा है जैसे उसे भी EMI चुकानी हो। इसका असर सीधे-सीधे बाजार में दिख रहा है।

अगर यही हाल रहा, तो हालात “खराब” से “खतरनाक” की तरफ़ जाएंगे।
इसलिए अभी से समझदारी इसी में है कि खर्चों पर लगाम लगाई जाए, दिखावे से दूरी बनाई जाए और सादा जीवन अपनाया जाए।

क्योंकि इस मंदी में जो बचेगा, वही आगे बढ़ेगा—
बाकी सिर्फ़ भाव देखते रह जाएंगे… और माथा पकड़कर बैठेंगे।

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यह केवल दो पन्ने हैं सभी अधिवक्ता भाई इन दो पन्नों की फोटो कॉपी कर करके अपनी गाड़ी के ग्लोब बॉक्स में डाल दें क्योंकि इन...
18/01/2026

यह केवल दो पन्ने हैं सभी अधिवक्ता भाई इन दो पन्नों की फोटो कॉपी कर करके अपनी गाड़ी के ग्लोब बॉक्स में डाल दें क्योंकि इन दो पन्नों में यह साफ-साफ लिखा है की फास्ट टैग अगर नहीं लगा है तो दुगना या ₹200 नगद भुगतान देना होगा लेकिन अगर यूपीआई इस्तेमाल किया जा रहा है तो केवल टोल का 1.25 गुना ही देना होगा. आमतौर पर टोलकर्मी फास्ट टैग न होने पर यूपीआई ट्रांजैक्शन नहीं एक्सेप्ट करते हैं और ना ही ₹200 नगद लेने के बाद उसकी रसीद देते हैं और यही झगड़े की मुख्य वजह बनता है

#अधिवक्ता #सॉरी

ले बेटा एक और  #सॉरी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बारा टोल प्लाजा पर लगी कंपनी का लायसेंस कैंसिल किया.. #अधिवक्ता_समा...
16/01/2026

ले बेटा एक और #सॉरी
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बारा टोल प्लाजा पर लगी कंपनी का लायसेंस कैंसिल किया..
#अधिवक्ता_समाज_की_एक_बड़ी_जीत
बारा टोल प्लाजा का ठेका रद्द, 5.3 करोड़ भी जब्त… वकील की पिटाई पर NHAI का बड़ा एक्शन बाराबंकी हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर
#अधिवक्ता

नेता जी का देशी जुगाड .........
16/01/2026

नेता जी का देशी जुगाड .........

इनको सॉरी सुनना बहुत अच्छा लगता है खासकर टोपी वाले को मेरा अधिवक्ता भाईयों से विनम्र निवेदन है कि जब इनकी पहली पेशी हो त...
16/01/2026

इनको सॉरी सुनना बहुत अच्छा लगता है खासकर टोपी वाले को
मेरा अधिवक्ता भाईयों से विनम्र निवेदन है कि जब इनकी पहली पेशी हो तो इनकी ऐसी सर्विस करें कि इनके कान मे हमेशा सॉरी ,सॉरी की गूंज सुनाइ दे
नीच टाइप के दो कौड़ी के लोग ,लफंगे हमेशा शरीफ लोगों से बत्तमीजी करते हैं अभी कुछ समय पहले ये लोग एक फौजी के साथ भी मारपीट किये थे लेकिन अबकी बार बढिया पाला पड़ा है हमेशा के लिए ठीक हो जायेंगे
और सरकार से निवेदन है कि ऐसे लोगों पर रासुका लगाकर जेल भेजा जाये जिससे इनकी औकात पता चल सके
आप लोगों की क्या राय है

#अधिवक्ता #बाराबंकी #वायरलपोस्ट2025シ

जब सुब्रत रॉय सहारा के बेटे की शादी में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पूरे परिवार के साथ बारात में नाच रहे थे, देश के...
16/01/2026

जब सुब्रत रॉय सहारा के बेटे की शादी में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पूरे परिवार के साथ बारात में नाच रहे थे, देश के प्रधानमंत्री घुटने ख़राब होने के बावजूद मंच पर चढ़ कर वरवधू को आशीर्वाद दे रहे थे...

देश का कोई ऐसा व्यक्ति नहीं बचा था जिसकी गिनती देश के बड़े लोगों में होती हो और वो उस शादी में लखनऊ न पहुँचा हो, पच्चीसों मुख्यमंत्री पूरी केंद्र सरकार और यूपी सरकार वहाँ थी, लोकसभा, राज्यसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के मेम्बर शायद ही कभी एकसाथ कहीं और जुटे हों..

कभी साइकिल पर घूम घूम कर नमकीन बिस्कुट बेचने वाले सहारा उस वक़्त, आज के अंबानी अड़ानी और टाटा से ज़्यादा शक्तिशाली दिखने लगे थे...

लेकिन अपने शक्ति और साम्राज्य विस्तार के एक कदम में सहारा ऐसे फँसे की अंत तक एकदम बेसहारा और लाचार हो गए और उसी लाचारी की स्थिति में वो इस दुनिया से विदा भी हो गए...

उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा रहा होगा कि रोशनलाल नाम का एक आदमी जो इंदौर का रहने वाला था वो उनकी जगमगाती हुई दुनिया को बेनूर और कम रोशन कर डालेगा...

क़िस्सा 2009 से शुरू हुआ, सहारा ने अपनी रियल स्टेट कंपनियों के नाम से बॉण्ड जारी किए, 3 करोड़ लोगों ने इन बाँड्स को सब्सक्राइब किया और क़रीब 24000 करोड़ रुपये इस समय सहारा ने इन बाँड्स से जुटाये..
इन बाँड्स को जारी करने में सहारा ने सेबी द्वारा स्थापित नियम क़ानूनों की जम कर धज्जियाँ उड़ाईं..

फिर उस रोशनलाल नाम के व्यक्ति ने, सहारा की शिकायत नेशनल हाउसिंग बैंक कारपोरेशन को कर दी, नेशनल हाउसिंग बैंक ने सहारा को उस चिट्ठी के आधार पर नोटिस भेजा, तो सहारा ने बैंक को ये कहकर दुत्कार दिया, कि ये तुमसे रिलेटेड मामला नहीं है, अगर किसी को पूछने का हक़ बनता भी है तो वो सेबी है, तुम इसमें अपनी नाक मत घुसेड़ो..
बैंक के अधिकारियों को ये बात बुरी लग गई, उन्होंने रोशनलाल की चिट्ठी और उस पर सहारा के जवाब को अपनी टिप्पणी और जाँच करने के आग्रह के साथ सेबी को भेज दिया...

फिर शुरू हुई सेबी की जाँच, हालाँकि सत्ता के शिखर के तमाम लोगों को अपने जेब में लेकर चलने का मुग़ालता पाले सुब्रत रॉय सहारा ने सेबी की जाँच को भी हल्के में लिया..
सेबी ने जब उनसे इन बाँड्स के बारे में पूछताछ की तो सहारा ने 31669 कार्टन से भरे 127 ट्रक भरकर डॉक्यूमेंट्स सेबी के दफ़्तर भेज दिया, कि लो पढ़ लो और कर लो जाँच...

127 ट्रकों को सेबी के सामने खड़ा करके सहारा ने ख़ुद को देश की सुर्ख़ियों में ला दिया, मुंबई में सेबी के दफ़्तर के सामने लगे ट्रैफिक जाम ने पूरी मीडिया का ध्यान इस मामले पर आकर्षित कर दिया। उस समय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी थे, प्रणव मुखर्जी ने जाँच पूरी ईमानदारी से हो इस बात को सुनिश्चित करवाया, सेबी ने सहारा से ग़लत तरीक़े से जुटाये निवेशकों के पैसे को 15% ब्याज के साथ लौटने के लिए कहा, सहारा वो पैसा नहीं लौटा पाए..
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और सहारा जेल पहुँच गए, उसके बाद दिन ब दिन सहारा बेसहारा होते चले गये, और फिर जो हुआ हम सबने देखा ही है..

इसीलिए आप मेहनत क़िस्मत और तिकड़म के सहारे भले शिखर पर पहुँच जायें लेकिन दो बातें हमेशा याद रखिए, पहली, अहंकार मत करिए, दूसरी, शिखर पर पहुँचा जा सकता है, शिखर पर घर नहीं बनाया जा सकता, शिखर पर पहुँचने के बाद आपका बर्ताव तय करता है कि आप शिखर पर कितने समय रहेंगे...

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08/01/2026

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#🔨ᴿᵉᵃᵈʸ ᵗᵒ ᵇᵘᶦˡᵈ ᵗʰᵉ ᶠᵒᵘⁿᵈᵃᵗᶦᵒⁿ ᵒᶠ ʸᵒᵘʳ ᵃᶜᵗᶦⁿᵍ ᶜʳᵃᶠᵗ?

ᴶᵒᶦⁿ ᵘˢ ᶦⁿ-ᵖᵉʳˢᵒⁿ ᵃᵗ ᵒᵘʳ ᴸᵒˢ ᴬⁿᵍᵉˡᵉˢ ˢᵗᵘᵈᶦᵒ ᶠᵒʳ ᵗʰᵉ ⁶-ᵂᵉᵉᵏ
ᴬᶜᵗᶦⁿᵍ ᵀᵉᶜʰⁿᶦᵠᵘᵉ ᵖʳᵒᵍʳᵃᵐ, ᵗʰᵉ ᵉˢˢᵉⁿᵗᶦᵃˡ ᶠᶦʳˢᵗ ˢᵗᵉᵖ ᶠᵒʳ ᵃˡˡ
ˢᵗᵘᵈᵉⁿᵗˢ ᵃᵗ ᵗʰᵉ ˢᵗᵘᵈᶦᵒ.🌟

ᴵⁿ ᵗʰᶦˢ ᶜᵒᵐᵖʳᵉʰᵉⁿˢᶦᵛᵉ ᶜᵒᵘʳˢᵉ, ʸᵒᵘ’ˡˡ ᵉˣᵖˡᵒʳᵉ:

🔹• ᴴᵒʷᵃʳᵈ ᶠᶦⁿᵉ’ˢ ˢᶜʳᶦᵖᵗ ᴬⁿᵃˡʸˢᶦˢ ᴸᵉᶜᵗᵘʳᵉ

🔹• ᵁᵗᵃ ᴴᵃᵍᵉⁿ’ˢ ᴼᵇʲᵉᶜᵗ ᴱˣᵉʳᶜᶦˢᵉˢ

🔹• ᴾᵉʳˢᵒⁿᵃˡᶦᶻᵃᵗᶦᵒⁿ, ˢᵉⁿˢᵒʳʸ ʷᵒʳᵏ, ᵃⁿᵈ ᵉᵐᵒᵗᶦᵒⁿᵃˡ ʳᵉᶜᵃˡˡ
ʷᶦᵗʰ ᴰᵃᵛᶦᵈ ᶜᵒᵘ

🔹• ᴴᵒʷ ᵗᵒ ʰᵃⁿᵈˡᵉ ⁿᵉʳᵛᵉˢ ᵃⁿᵈ ᵇʳᵉᵃᵏ ᵒˡᵈ ʰᵃᵇᶦᵗˢ

🔹• ᴬˢˢᶦᵍⁿᵉᵈ ᵐᵃᵗᵉʳᶦᵃˡ ᵃⁿᵈ ᵃⁿ ᶦⁿᵗʳᵒ ᵗᵒ ˢᶜᵉⁿᵉ ˢᵗᵘᵈʸ

ᵀʰᶦˢ ᶜᵒᵘʳˢᵉ ᵍᵒᵉˢ ᵇᵉʸᵒⁿᵈ ᵃᵘᵈᶦᵗᶦᵒⁿ ᵖʳᵉᵖ, ᶠᵒᶜᵘˢᶦⁿᵍ ᵒⁿ ᵗʰᵉ
ᵉⁿᵗᶦʳᵉ ᶜʳᵃᶠᵗ ᵒᶠ ᵃᶜᵗᶦⁿᵍ ᵗᵒ ʰᵉˡᵖ ʸᵒᵘ ⁿᵒᵗ ᵒⁿˡʸ ᵇᵒᵒᵏ ᵗʰᵉ ʲᵒᵇ ᵇᵘᵗ
ⁿᵃᶦˡ ᵗʰᵉ ʳᵒˡᵉ ᵒⁿ ˢᵉᵗ ᵒʳ ˢᵗᵃᵍᵉ.🎥

📚ᴿᵉᵠᵘᶦʳᵉᵈ ᵀᵉˣᵗˢ:

🔹• ᴬ ᶜʰᵃˡˡᵉⁿᵍᵉ ᶠᵒʳ ᵗʰᵉ ᴬᶜᵗᵒʳ ᵇʸ ᵁᵗᵃ ᴴᵃᵍᵉⁿ

🔹• ᶠᶦⁿᵉ ᴼⁿ ᴬᶜᵗᶦⁿᵍ: ᴬ ⱽᶦˢᶦᵒⁿ ᵒᶠ ᵗʰᵉ ᶜʳᵃᶠᵗ ᵇʸ ᴴᵒʷᵃʳᵈ ᶠᶦⁿᵉ

ᴮᵉ ˢᵘʳᵉ ᵗᵒ ᵍʳᵃᵇ ʸᵒᵘʳ ᵇᵒᵒᵏˢ ᵇᵉᶠᵒʳᵉ ᵗʰᵉ ᶠᶦʳˢᵗ ᶜˡᵃˢˢ ᵃⁿᵈ ˢᵗᵃʳᵗ
ʳᵉᵃᵈᶦⁿᵍ ᴴᵒʷᵃʳᵈ’ˢ ᵇᵒᵒᵏ ᵗᵒ ᵈᶦᵛᵉ ᶦⁿᵗᵒ ᵗʰᶦˢ ᵗʳᵃⁿˢᶠᵒʳᵐᵃᵗᶦᵒⁿᵃˡ ᵉˣᵖᵉʳᶦᵉⁿᶜᵉ.📖

➡️ᶜˡᵃˢˢ ᵇᵉᵍᶦⁿˢ ᴼᶜᵗᵒᵇᵉʳ ¹⁵ᵗʰ ᵃᵗ ¹⁰ ᵃᵐ ᴾᵀ

ˢᵉᶜᵘʳᵉ ʸᵒᵘʳ ˢᵖᵒᵗ ᵗᵒᵈᵃʸ 🥰

कोई चौंकने वाली बाती नहीं..... पहले मुझे भी लगता था कि NDTV रवीश कुमार का है 🥺
05/01/2026

कोई चौंकने वाली बाती नहीं..... पहले मुझे भी लगता था कि NDTV रवीश कुमार का है 🥺

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