11/09/2026
*निर्धारित स्थानों पर ही बैठकर एसआईआर प्रक्रिया करें बीएलओ : डीसी*
*प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम जरूर जांचें, गलती या नाम न होने पर 30 सितंबर तक भरें निर्धारित प्रपत्र*
*डीसी वर्षा खांगवाल का आह्वान-एसआईआर प्रक्रिया को लेकर नागरिक किसी प्रकार की अफवाहों पर न दें ध्यान*
*झज्जर, 11 सितंबर* डीसी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत जिला के प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने पात्र मतदाताओं से आह्वान किया कि वे प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें और नाम दर्ज न होने अथवा किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर निर्धारित समय सीमा में आवश्यक प्रपत्र भरकर जमा करवाएं। इसके साथ साथ सभी बीएलओ अपने अपने निर्धारित स्थानों पर ही बैठकर एसआईआर से जुड़ी प्रक्रिया को अमल में लाएं।
*पात्र मतदाता को अनावश्यक चिंता की जरूरत नहीं*
डीसी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्धारित नियमों एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत संचालित की जा रही है। केवल पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने के आधार पर किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उचित प्रक्रिया का पालन किए किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाने की कार्रवाई नहीं होगी।
*नाम दर्ज कराने के लिए फार्म-6, संशोधन के लिए फार्म-8*
डीसी वर्षा खांगवाल ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या नाम, पता आदि में किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह प्रपत्र-6 अथवा प्रपत्र-8 भरकर 30 सितंबर 2026 तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा करवा सकता है। इससे पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने अथवा स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-6 व प्रपत्र-8 के साथ घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा। इसमें पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी के विवरण की जानकारी उपलब्ध होने पर उसका उल्लेख किया जाना है।
*जन्म वर्ष के आधार पर मांगे जाएंगे दस्तावेज*
डीसी ने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पिछली मतदाता सूची का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज प्रपत्र के साथ संलग्न किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में शामिल किसी भी दस्तावेज के माध्यम से अपनी पात्रता का प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं। 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति को अपना तथा माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति को स्वयं, अपने पिता तथा अपनी माता के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय उनका वैध वीजा एवं पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
*पहचान से लेकर निवास तक, ये दस्तावेज हो सकते हैं उपयोगी*
डीसी ने बताया कि दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में सरकारी अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा जारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि अथवा मकान आवंटन प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
*भ्रामक सूचनाओं से बचें, 1950 हेल्पलाइन एक्टिव*
जिला निर्वाचन अधिकारी वर्षा खांगवाल ने पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। मतदाता सूची अथवा दस्तावेजों से संबंधित किसी समस्या या शंका की स्थिति में अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी, निर्वाचक पंजीयन अधिकारी अथवा सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी कार्यालय से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है।