05/06/2026
राजेश एक्सपोर्ट घोटाला और नरेंद्र मोदी
👉एक और घोटालेबाज़ राजेश मेहता के साथ मोदी जी का पुराना नाता सामने आ रहा है
▪️जिस राजेश मेहता ने 15 लाख करोड़ से ऊपर का स्कैम कर के लाखों छोटे shareholders की लुटिया डुबो दी - उसके मोदी जी से प्रगाढ़ संबंध हैं - खूब सारे पुराने फोटो वगैरह भी हैं
▪️ खैर, राजेश एक्सपोर्ट्स, एक भारतीय ज्वेलरी कंपनी ने FY21 से FY25 के बीच 5 वर्षों में ₹15.15 लाख करोड़ का फर्जी राजस्व मतलब revenue दिखाया - सीधे साफ़ शब्दों में, उसकी 99% कमाई फर्जी थी!
▪️ कंपनी ने अपनी विदेशी कंपनियों, खासकर स्विस इकाई Valcambi SA से भारी राजस्व दिखाया. पर उसके पास न तो कोई इनवॉइस था, न ग्राहक का डिटेल, न इन्वेंटरी, न ही खरीद फरोख्त की कोई पुष्टि
▪️ प्रमोटर से जुड़ी कंपनियों में बिना मंजूरी या खुलासे के धड़ल्ले से फंड डायवर्ट किए गए
▪️ 3 जून 2026 को SEBI ने अपने 109 पन्नों के आदेश में कंपनी के मालिक और चेयरमैन राजेश मेहता के साथ ही साथ कंपनी पर भी Indian market में ट्रेडिंग करने से बैन लगा दिया
▪️ स्टॉक 80% गिर गया - एक ही दिन में shareholders की ₹12,726 करोड़ की संपत्ति बर्बाद हो गई. हमेशा की तरह छोटे निवेशक ने ही इन बड़े घोटालों की कीमत चुकाई
▪️ LIC ने कंपनी में ₹2,000 करोड़ से ज्यादा निवेश किया था और स्टॉक क्रैश होने पर उसने करीब ₹1,600 करोड़ का नुकसान उठाया - जो आम भारतीयों का पैसा है
▪️ यह घोटाला 5 साल तक मोदी सरकार की नाक के ठीक नीचे चला - प्रधानमंत्री राजेश मेहता के साथ फोटो खिंचवाते रहे
👉 इस स्कैम से एक भारत में क्रोनी कैपिटलिज्म, conflict of interest और मोदी सरकार तथा प्रधानमंत्री के रिकॉर्ड भ्रष्टाचार का पता चलता है
👉 करोड़ों का चूना लगा कर बड़े बड़े ठग नरेंद्र मोदी की नाक के नीचे से विदेश फरार हो गए. और पिछले 12 साल में उनमें से एक को भी यह सरकार भारत वापस नहीं ला पाई
👉 राजेश मेहता के साथ फोटो खिंचवाने के अलावा - प्रधानमंत्री ने इस घोटाले में लाखों छोटे निवेशकों की मेहनत की कमाई को बचाने और वापस दिलाने के लिए क्या कदम उठाए?
👉👉 उनका खोखला और फर्जी नारा “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा” एक बार फिर जोर से गूंज रहा है!
👉👉15 लाख करोड़ में 12 ज़ीरो होते हैं, गिनते गिनते उँगलियाँ थक जायें
👉👉लेकिन मोदी जी की कृपा है - चौतरफा घोटाले पनप रहे हैं - और सबसे साहेब का पुराना नाता है!