Rupesh Choudhary

Rupesh Choudhary TATA AIA Life Insurance Financial Manager

19/06/2026

"एक उम्र की तवाफ़-ए-ज़िंदगी के बाद ये जाना,
सुकून बस वहीं है जहाँ तुम 'तुम' रह सको।"

15/06/2026

'भूरो काको' डरा दे अर 'विश्वगुरु' डर जावे...!! 😃

बलवान जी तो 'साहब' की 'विदेश-नीति' की पूरी पोल खोल दी...!! 😃😂

14/06/2026

शरारते करो साजिशें नहीं…
हम सीधे है शरीफ नहीं.!!

06/06/2026

जंतर मंतर दिल्ली पर हो रहे कॉकरोच जनता पार्टी के पहले प्रोटेस्ट में नारेबाजी खूब हो रही है।

06/06/2026

सादगी तो देखो उनके आँखों की..
हमसे नजरें चुराकर हमें ही देखते है!!!!

04/06/2026

तलाश कीजिये सुकून की,
ये ज़िन्दगी के मसले कभी हल नहीं होंगे..

04/06/2026

भयंकर आर्थिक सुनामी आ रही है - मोदी जी इसके बारे में न कुछ कर रहे हैं, न कर सकते हैं। ये समझिए क्यों?

03/06/2026

खुद को महत्व देना सिखें.
इस दुनिया में कोई भी आपके जैसा नहीं..
🙏

ब्लूमबर्ग की बड़ी खबर: मोदी सरकार ने मई 2026 में 12 अरब डॉलर का सोना बेचा?एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। ब्लूमब...
03/06/2026

ब्लूमबर्ग की बड़ी खबर: मोदी सरकार ने मई 2026 में 12 अरब डॉलर का सोना बेचा?

एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर आई है। ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट किया है कि Reserve Bank of India (RBI) ने मई 2026 के महीने में करीब 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का सोना बेच दिया। यह सोना लगभग 200 टन के बराबर है।क्यों बेचा सोना?अभी अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चल रहा है। इससे तेल की कीमतें बहुत बढ़ गईं। भारत को ज्यादा महंगा तेल खरीदना पड़ रहा है। रुपया कमजोर हो रहा था
विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) पर दबाव बढ़ गया ,पूंजी बाहर निकलने लगी।

RBI ने इस संकट से निपटने के लिए सोना बेचकर तरल विदेशी मुद्रा हासिल की। यानी सोना बेचा और डॉलर-रुपया बैलेंस को मजबूत किया। RBI के आंकड़ों में सोने की वैल्यू अचानक घटी, जबकि सोने की कीमतें बढ़ रही थीं। ब्लूमबर्ग के अर्थशास्त्री ने इसी से यह अनुमान लगाया है। RBI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं कहा है कि उसने सोना बेचा। यह ब्लूमबर्ग का डेटा-आधारित अनुमान है।

भारत ने पहले कभी अपने आधिकारिक सोने को बेचा नहीं है। 1991 के आर्थिक संकट में चंद्रशेखर सरकार ने 46.8 टन सोना गिरवी रखा (मॉर्टगेज) था Bank of England और BIS के पास। बाद में उसे वापस ले लिया गया। लेकिन बेचा नहीं।

पिछले कई सालों से RBI सोना खरीद रहा था। 2025-26 में भारत ने बहुत सोना वापस लाकर देश में रखा था।

सोना अब भारत के कुल विदेशी भंडार का 16-17% हिस्सा बन चुका है।

इसलिए यह खबर बहुत चर्चा में है।अभी स्थिति क्या है?भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी करीब 681 अरब डॉलर के आसपास हैं।
यह 11 महीने के आयात के बराबर है। यानी अभी भी मजबूत स्थिति है।

लेकिन यह घटना दिखाती है कि भू-राजनीतिक तनाव (जैसे युद्ध, तेल संकट) कितनी जल्दी हमारी अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।

रुपया स्थिर रखने के लिए RBI ने यह कदम उठाया होगा।
सोना बेचना अंतिम उपाय होता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर RBI ने किया।

लंबे समय में भारत को सोने के भंडार बढ़ाने और विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) पर ध्यान देना चाहिए।

यह खबर हमें याद दिलाती है कि अर्थव्यवस्था कितनी संवेदनशील है। सरकार और RBI को इस पर नजर रखनी चाहिए।

स्रोत: Bloomberg Economics Report (2 जून 2026)

यह बात उस समय की है जब इंदिरा गांधी पंजाब के दौरे पर थीं। जब उन्हें पता चला कि 'शहीद-ए-आज़म' भगत सिंह की...माताजी अस्वस्...
03/06/2026

यह बात उस समय की है जब इंदिरा गांधी पंजाब के दौरे पर थीं। जब उन्हें पता चला कि 'शहीद-ए-आज़म' भगत सिंह की...
माताजी अस्वस्थ हैं, तो उन्होंने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए स्वयं उनसे मिलने का निर्णय लिया।
जब इंदिरा गांधी माता विद्यावती कौर के कमरे में पहुंचीं, तो वह दृश्य देखने लायक था। माताजी उस समय वृद्ध हो चुकी थीं और बिस्तर पर थीं। जैसे ही इंदिरा गांधी ने कमरे में प्रवेश किया, उन्होंने देखा कि यह कोई साधारण बुजुर्ग महिला नहीं, बल्कि वो माँ है जिसने देश की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।
वह ऐतिहासिक पल जब
इंदिरा गांधी ने किसी कुर्सी पर बैठने के बजाय, झुककर माता विद्यावती के पैरों को छुआ। यह एक प्रधानमंत्री का एक क्रांतिकारी की माँ के प्रति नतमस्तक होने का क्षण था। माता विद्यावती ने अपने कांपते हाथों से इंदिरा गांधी के सिर पर हाथ रखा और आशीर्वाद दिया।
कहा जाता है कि उस मुलाकात में माताजी ने भावुक होते हुए इंदिरा गांधी से केवल एक ही बात कही थी:
"बेटी, देश को वैसे ही सँभालना जैसे भगत ने चाहा था। उसके सपनों का भारत बनाना, जहाँ हर गरीब को न्याय मिले।"
इंदिरा गांधी की आँखों में उस समय आंसू थे। उन्होंने माताजी को ढाढस बंधाया और सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

Address

No
Jodhpur
NO

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Rupesh Choudhary posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share