25/12/2025
#मैं एक औरत हूं… और औरत होकर आज मैं सच बता रही हूं।
हम औरतों की सिर्फ तीन ही कैटेगरी होती हैं—और ये कलयुग की सच्चाई है।
#कोई गलती हो भूल जो हो तो माफ करना 🙏🙏🙏💐💞
1. पत्नी
#वो औरत…
जो अपने पति की होकर रहती है।
सुख हो, दुख हो, तंगी हो या तरक्की—
वो पति-धर्म निभाती है, निभाती ही है।
नज़र कहीं और नहीं डालती,
दिल कहीं और नहीं भटकता।
पतिव्रता… जो रिश्ते को ईश्वर की तरह मानती है।
2. वेश्या
#हाँ, नाम कड़वा है, पर सच यही है।
वो औरत…
जो समाज की सारी गंदगी अपने अंदर समेट लेती है।
जिसके कारण बाहर की दुनिया साफ़ रहती है।
वो गंदगी फैलाती नहीं—
बल्कि सहती है, झेलती है, और चुपचाप निपटाती है।
उसका काम गलत है, पर नीयत गंदी नहीं होती।
3. रखैल
#और अब आती है असली बीमारी…
रखैल
वो औरत जिसका अपना घर ख़तम होता है,
पर चैन उसे तब भी नहीं मिलता।
दूसरों के घर में घुसकर
झांक-झांककर, फोड़-फोड़कर
किसी की शादी, किसी की इज़्ज़त,
किसी के बच्चे तक को बर्बाद कर देती है।
तोड़ती है—और खुद टूटती भी नहीं शर्म से।
और हाँ…
जिस औरत को मेरी बात चुभे ना?
जिसे जलन हो, गुस्सा आए—
याद रखना… वही इस तीसरी कैटेगरी में आती है।
और वही आएगी यहाँ गंदे कमेंट करने।
#क्योंकि सच सबसे ज़्यादा उसी को लगता है—
जिसके अंदर कुछ न कुछ काला ज़रूर होता है।🙏💐🌹🌹