04/09/2026
बागियों के बाद अब विरोधियों का संकट, वार्ड 12 में भाजपा के खिलाफ बगावत के सुर
टिकट वितरण से नाराज पुराने कार्यकर्ता धनराज विश्नोई ने खोला मोर्चा, समर्थकों के साथ लिया भाजपा प्रत्याशी का विरोध करने का संकल्प
जोधपुर। नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सामने बागी उम्मीदवारों के बाद अब पार्टी के भीतर से उठ रहे विरोध के स्वर नई चिंता का कारण बनते दिखाई दे रहे हैं। दोनों दलों ने अधिकांश बागी उम्मीदवारों की समझाइश कर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास किया है, लेकिन अब कई स्थानों पर टिकट वितरण से नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं का विरोध सामने आने लगा है।
ऐसा ही मामला वार्ड संख्या 12 से सामने आया है, जहां भाजपा ने प्रियंका बाहेती को प्रत्याशी बनाया है। टिकट वितरण से नाराज भाजपा के पुराने कार्यकर्ता धनराज विश्नोई ने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
विश्नोई का आरोप है कि भाजपा ने वार्ड में स्थानीय कार्यकर्ताओं की दावेदारी को नजरअंदाज कर बाहरी प्रत्याशी को टिकट दिया है। उनका कहना है कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से स्पष्ट रूप से कहा गया था कि कार्यकर्ता अपने-अपने वार्ड से ही टिकट की दावेदारी करेंगे, इसके बावजूद वार्ड संख्या 12 में इस नीति के विपरीत टिकट दिया गया।
धनराज विश्नोई के अनुसार वार्ड से करीब 11 लोगों ने टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन सभी दावेदारों को दरकिनार कर प्रियंका बाहेती को प्रत्याशी बना दिया गया। इसे उन्होंने वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय बताया।
समर्थकों के साथ प्रदर्शन, भाजपा प्रत्याशी का विरोध करने की शपथ
टिकट वितरण से नाराज धनराज विश्नोई ने गुरुवार को अपने वार्ड में समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने संकल्प लिया कि वे भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी का समर्थन करेंगे। उन्होंने यहां तक दावा किया कि उनका लक्ष्य भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त करवाना है।
विश्नोई ने कहा कि उनके पिता पिछले 46 वर्षों से भाजपा के कार्यकर्ता रहे हैं और वे स्वयं भी लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय हैं। उनका कहना है कि उन्होंने स्वयं भी पांच बार टिकट की दावेदारी की, लेकिन हर बार पार्टी ने उनकी दावेदारी को नजरअंदाज किया। इस बार भी स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर बाहरी प्रत्याशी को टिकट देना कार्यकर्ताओं के सम्मान पर सवाल खड़ा करता है।
वार्ड 12 में सामने आए इस विरोध ने भाजपा के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी नेतृत्व नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने में सफल होता है या फिर यह विरोध चुनाव मैदान में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के लिए मुश्किलें बढ़ाता है।
जोधपुर नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण के बाद बगावत को शांत करने के प्रयासों के बीच वार्ड 12 का यह घटनाक्रम भाजपा के लिए डैमेज कंट्रोल की अगली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।