13/06/2026
एक 19 साल की नर्सिंग छात्रा, जो बलिया की निवासी थी और अपने पिता (चंदौली के सिपाही) के साथ रहती थी, कोलेज जाने की बात कहकर घर से निकली... लेकिन वापस नहीं लौटी। उसका श #व वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर खू #न से ल #थपथ मिला। उसके प्रा #इवेट पार्ट के कपड़े खू #न से भीं #गे थे और बैग से ग #र्भनिरोधक गोलियां मिलीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सच सामने लाया — अत्यधिक रक्तस्राव से मौ #त हुई, और दु #ष्कर्म की पुष्टि हुई। यह ग #र्भपात की दवा जबरन खिलाने से नहीं हुई, बल्कि जबरन, अमानवीय तरीके से रे #प करने से हुई है। दु #ष्कर्म के बाद अत्यधिक ब्लीडिंग होते देख आरोपी डर गया।
अभियुक्त मोहम्मद समीर (20 वर्ष, जौनपुर निवासी), जो उसका बॉयफ्रेंड था, को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके खिलाफ ह #त्या और दु #ष्कर्म के आरोप में BNS की धाराओं 64(1), 105, 324(4) under मुकदमा दर्ज हुआ।
इसी लिए कहते हैं, प्रेम के लफड़े से दूर रहो। कब इंसान से है #वान बन जाये, कोई नहीं जानता। ये "प्यार" नहीं, दरिंदगी थी। एक मासूम छात्रा का जीवन, एक बेईमानी वाले रिश्ते की चपेट में आकर खत्म हो गया।
हमारी समाज में ऐसे कई केस हो रहे हैं जहाँ बॉयफ्रेंड "प्यार" के नाटक में लड़कियों से दुष्कर्म करता है। जब लड़की गर्भवती हो जाती है, तो उसे दवा खिलाने या गर्भपात करवाते हैं। लेकिन इस केस में दवा नहीं, सीधा रे #प ही मौ #त का कारण था।
परिजनों को अब क्या मिलेगा? न्याय कब मिलेगा? लड़की की मां को क्या बताना? ये सोचकर ही रूह सनसन्न जाती है।
ऐसी घटनाओं से हमें सबक लेना चाहिए। लड़कियों को अकेले बाहर जाने से नहीं रोका जाए, लेकिन सतर्कता जरूरी है। "प्यार" के नाटक में फंसने से बचो। असली इंसानियत देखो, नहीं तो हैवान बन जाओगे।
न्याय तब तक मिले जब तक परिजनों की आंखों में वह चमक नहीं वापस आए।